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Ambedkar Nagar News: राजस्व अधिकारियों की मनमानी के खिलाफ ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
Fri, 29 Aug 2025 12:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 29 Aug 2025 12:48 AM IST
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आलापुर तहसील में प्रदर्शन करते ग्रामीण।
आलापुर (अंबेडकरनगर)। आलापुर तहसील के राजस्व अधिकारियों की कार्यशैली और कथित मनमानी रवैये से क्षुब्ध सरैया हरदो ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को तहसील मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने, खतौनी में अंश निर्धारण और पारदर्शी तरीके से मत्स्य पालन पट्टा प्रक्रिया की मांग की।
खाता गाटा संख्या 268 ख के खतौनी धारकों का आरोप है कि बिना अंश निर्धारण और बिना किसी शपथपत्र के तहसील प्रशासन ने उक्त भूमि का पट्टा विजय पुत्र राजेंद्र प्रसाद के नाम कर दिया, जबकि उक्त भूमि पर पहले से ही खतौनी धारकों द्वारा तालाब खुदवाया गया था। मत्स्य आखेट के दौरान अकसर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हाल ही में हुए विवाद में प्रशासन ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हुए केवल एक पक्ष की बात मानकर कार्रवाई की और आठ महिलाओं को जेल भेज दिया, जिन्हें अगली सुबह जमानत मिल सकी। इस कार्रवाई ने ग्रामीणों में आक्रोश और असंतोष को और बढ़ा दिया। प्रदर्शन में शामिल राम शिजोर, श्यामबली, रामपूजन, बृजलाल, राम अजोर, मोतीलाल, श्यामराज, प्रहलाद, सतई, शिवप्रसाद, राममिलन समेत अन्य ग्रामीणों ने मांग की कि खतौनी धारकों का अंश निर्धारण कर उन्हें उनकी भूमि स्पष्ट रूप से अलग दी जाए।
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खाता गाटा संख्या 268 ख के खतौनी धारकों का आरोप है कि बिना अंश निर्धारण और बिना किसी शपथपत्र के तहसील प्रशासन ने उक्त भूमि का पट्टा विजय पुत्र राजेंद्र प्रसाद के नाम कर दिया, जबकि उक्त भूमि पर पहले से ही खतौनी धारकों द्वारा तालाब खुदवाया गया था। मत्स्य आखेट के दौरान अकसर विवाद की स्थिति उत्पन्न होती रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि हाल ही में हुए विवाद में प्रशासन ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हुए केवल एक पक्ष की बात मानकर कार्रवाई की और आठ महिलाओं को जेल भेज दिया, जिन्हें अगली सुबह जमानत मिल सकी। इस कार्रवाई ने ग्रामीणों में आक्रोश और असंतोष को और बढ़ा दिया। प्रदर्शन में शामिल राम शिजोर, श्यामबली, रामपूजन, बृजलाल, राम अजोर, मोतीलाल, श्यामराज, प्रहलाद, सतई, शिवप्रसाद, राममिलन समेत अन्य ग्रामीणों ने मांग की कि खतौनी धारकों का अंश निर्धारण कर उन्हें उनकी भूमि स्पष्ट रूप से अलग दी जाए।
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