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Ambedkar Nagar News: खराब दिनचर्या व चिंता से हो रहे अवसाद के शिकार

Sat, 22 Feb 2025 10:54 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Sat, 22 Feb 2025 10:54 PM IST
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Victims of depression due to poor routine and anxiety
जिला अस्पताल के मनोरोग केंद्र पर ओपीडी में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक। 
अंबेडकरनगर। जिला अस्पताल की ओपीडी में मानसिक तनाव से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसमें से अवसाद के सबसे अधिक मरीज होते हैं। तनाव व खराब दिनचर्या के कारण लोग बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 50 से 60 मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। डॉक्टर इन्हें तनाव मुक्त रहने के लिए दवाओं के साथ नियमित प्राणायाम की सलाह दे रहे हैं।
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जिला अस्पताल में संचालित मनोरोग केंद्र पर अवसाद से ग्रसित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। अवसाद की वजह से लोग अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते हैं। जो लोगों की स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो रही है। इससे थकान, चिंता और कम ऊर्जा महसूस होने लगती है और तनाव और चिड़चिड़ेपन के शिकार हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार लोगों को मोबाइल बेवजह इस्तेमाल से बचना चाहिए। सारा दिन मोबाइल की स्क्रीन को देखना भी लोगों को बीमार कर रहा है। जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. अब्दुल हलीम ने बताया कि इधर कुछ समय से अवसाद ग्रस्त मरीजों की संख्या बढ़ी है। लोगों को इससे बचने के लिए पूरी नींद लेनी चाहिए। दिमाग पर जोर न डालें। बेवजह का कोई तनाव न लें।
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ये हैं लक्षण

- याददाश्त में कमी।

- पाचन क्रिया खराब रहना।

- छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना।

- दिनभर चिड़चिड़ापन रहना।

- थकान और निराशा महसूस करना।

- हार्मोन का संतुलन बिगड़ना और वजन बढ़ना।

क्या करें

- रात में सोने और सुबह उठने का समय निर्धारित करें।

- सुबह के समय तनावमुक्त होने के लिए योग करें।

- तनाव कम लें और रात में हल्का भोजन करें।

- धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।

- रात में मोबाइल और टीवी का कम से कम प्रयोग करें।

- रात में चाय और कॉफी पीने का परहेज करें।


तनाव और अपर्याप्त नींद से नकारात्मक प्रतिक्रिया बढ़ती है और मानसिक स्वास्थ्य विकारों का जोखिम बढ़ जाता है। नींद कम आना चिंता और अवसाद का लक्षण है। अस्पताल की ओपीडी में आने वाले अधिकतर मरीज कम नींद आने के कारण डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं।
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- डॉ. सुमित कुमार सिंह, एमडी न्यूरो साइकेट्रिस्ट
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