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Ambedkar Nagar News: बीएड की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी में दो शिक्षिकाएं हुईं निलंबित
Thu, 12 Dec 2024 11:48 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Thu, 12 Dec 2024 11:48 AM IST
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अंबेडकरनगर। शिक्षक भर्ती में फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी करने के मामले में परिषदीय विद्यालय की दो शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया गया है। स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बीते दिनों इन दोनों महिला शिक्षक का फर्जीवाड़ा पकड़ा था। विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद अब यह कार्रवाई हुई है।
एसटीएफ लखनऊ की टीम ने शिक्षक भर्ती अनियमितता की बीते दिनों शुरू हुई प्रदेशस्तरीय जांच में पाया कि कुछ लोगों ने बीएड की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी हासिल कर ली है। इसमें प्रधानाध्यापिका के पद पर प्राथमिक विद्यालय गौरा में तैनात मांधाता व प्राथमिक विद्यालय बरौरा में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात सरोज लता का नाम सामने आया। एसटीएफ की जांच में पता चला कि दून इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी रायपुर छत्तीसगढ़ का नाम यूजीसी की तरफ से पंजीकृत नहीं है। ऐसे में यह संस्थान किसी प्रकार की डिग्री को जारी नहीं कर सकता है, जबकि दोनों शिक्षिकाओं ने इसी विश्वविद्यालय की बीएड डिग्री लगाया था।
जांच में कई और गड़बड़ी पाई गई थी। दोनों शिक्षिकाओं ने अपने जवाब में कहा कि उन्होंने कोई फर्जीवाड़ा नहीं किया है। अब विभाग ने दोनों शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया है। प्रधानाध्यापिका मांधाता की विस्तृत जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी जहांगीरगंज संतोष पांडेय तो सरोजलता की जांच के लिए अकबरपुर की खंड शिक्षा अधिकारी मीनाक्षी सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है। साथ ही दोनों शिक्षिकाओं को निलंबन अवधि के दौरान अपनी उपस्थिति ब्लॉक संसाधन केंद्र अकबरपुर में देने का निर्देश दिया गया है।
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एसटीएफ लखनऊ की टीम ने शिक्षक भर्ती अनियमितता की बीते दिनों शुरू हुई प्रदेशस्तरीय जांच में पाया कि कुछ लोगों ने बीएड की फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी हासिल कर ली है। इसमें प्रधानाध्यापिका के पद पर प्राथमिक विद्यालय गौरा में तैनात मांधाता व प्राथमिक विद्यालय बरौरा में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात सरोज लता का नाम सामने आया। एसटीएफ की जांच में पता चला कि दून इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी रायपुर छत्तीसगढ़ का नाम यूजीसी की तरफ से पंजीकृत नहीं है। ऐसे में यह संस्थान किसी प्रकार की डिग्री को जारी नहीं कर सकता है, जबकि दोनों शिक्षिकाओं ने इसी विश्वविद्यालय की बीएड डिग्री लगाया था।
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जांच में कई और गड़बड़ी पाई गई थी। दोनों शिक्षिकाओं ने अपने जवाब में कहा कि उन्होंने कोई फर्जीवाड़ा नहीं किया है। अब विभाग ने दोनों शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया है। प्रधानाध्यापिका मांधाता की विस्तृत जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी जहांगीरगंज संतोष पांडेय तो सरोजलता की जांच के लिए अकबरपुर की खंड शिक्षा अधिकारी मीनाक्षी सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है। साथ ही दोनों शिक्षिकाओं को निलंबन अवधि के दौरान अपनी उपस्थिति ब्लॉक संसाधन केंद्र अकबरपुर में देने का निर्देश दिया गया है।
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