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Ambedkar Nagar News: पितृपक्ष में 650 जोड़ों के सामूहिक विवाह की तैयारी
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अंबेडकरनगर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जिले में 28 सितंबर को 650 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराने की तैयारी है। जिले को कुल 942 विवाह कराने का लक्ष्य मिला है। इसके सापेक्ष अब तक 292 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। शेष 650 जोड़ों के विवाह के लिए सभी नौ विकासखंडों में एक दिवसीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। हालांकि, 27 सितंबर से पितृपक्ष शुरू होने के कारण आयोजन की तिथि को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासन ने सभी विकासखंडों में आयोजन की तैयारियां तेज कर दी हैं। सामान्य विकासखंडों को 50-50 विवाह कराने का लक्ष्य दिया गया है, जबकि नगर निकाय वाले विकासखंडों में 20 अतिरिक्त विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम की निगरानी के लिए नौ विकासखंडों में जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष में आमतौर पर मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। इस वर्ष पितृपक्ष 27 सितंबर से शुरू हो रहा है और 28 सितंबर को सामूहिक विवाह प्रस्तावित है। इसी वजह से आयोजन की तिथि को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा चल रही है।
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कार्यक्रम में वर-वधू की बायोमीट्रिक और फेस अटेंडेंस कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम और मोबाइल मेडिकल वैन उपलब्ध रहेगी। पुलिस सुरक्षा, यातायात व पार्किंग व्यवस्था संभालेगी। अग्निशमन विभाग आयोजन स्थलों पर वाहन तैनात करेगा। भोजन की गुणवत्ता की जांच के साथ पेयजल, मोबाइल टॉयलेट और साफ-सफाई की व्यवस्था भी की जाएगी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी त्रिनेत्र सिंह ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ देने के लिए सामूहिक विवाह कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए दिसंबर तक आदर्श आचार संहिता लागू होने की संभावना है। ऐसे में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष समय से विवाह कराना आवश्यक है।
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प्रशासन ने सभी विकासखंडों में आयोजन की तैयारियां तेज कर दी हैं। सामान्य विकासखंडों को 50-50 विवाह कराने का लक्ष्य दिया गया है, जबकि नगर निकाय वाले विकासखंडों में 20 अतिरिक्त विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कार्यक्रम की निगरानी के लिए नौ विकासखंडों में जिला स्तरीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
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हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृपक्ष में आमतौर पर मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। इस वर्ष पितृपक्ष 27 सितंबर से शुरू हो रहा है और 28 सितंबर को सामूहिक विवाह प्रस्तावित है। इसी वजह से आयोजन की तिथि को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा चल रही है।
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कार्यक्रम में वर-वधू की बायोमीट्रिक और फेस अटेंडेंस कराई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम और मोबाइल मेडिकल वैन उपलब्ध रहेगी। पुलिस सुरक्षा, यातायात व पार्किंग व्यवस्था संभालेगी। अग्निशमन विभाग आयोजन स्थलों पर वाहन तैनात करेगा। भोजन की गुणवत्ता की जांच के साथ पेयजल, मोबाइल टॉयलेट और साफ-सफाई की व्यवस्था भी की जाएगी।
जिला समाज कल्याण अधिकारी त्रिनेत्र सिंह ने बताया कि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ देने के लिए सामूहिक विवाह कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए दिसंबर तक आदर्श आचार संहिता लागू होने की संभावना है। ऐसे में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष समय से विवाह कराना आवश्यक है।