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उफनाई सरयू के पानी से घिरे दो दर्जन नए गांव

Tue, 11 Oct 2022 11:06 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 11 Oct 2022 11:06 PM IST
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Two dozen new villages surrounded by booming Saryu water
अंबेडकरनगर के माझा उल्टहवा में बाढ़ के पानी से होकर सामान ले जाता ग्रामीण।-संवाद - फोटो : AMBEDKAR NAGAR
राजेसुल्तानपुर/विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। उफनाई सरयू के पानी ने टाडा व आलापुर के पूरे माझा क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। नदी का पानी खतरे के लाल निशान से 78 सेंटीमीटर ऊपर बहने के कारण दो दर्जन नए गांव क्षेत्र और बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। नेपाल के बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण बीते 24 घंटे में सरयू के जलस्तर में 32 सेंटीमीटर की वृद्धि हुई है। लगातार जारी बढ़ोत्तरी से नदी का पानी घरों में घुसने के साथ ही खेतों में खड़ी फसल को भी अपनी चपेट में ले रहा है। इससे आपदा पीड़ितों की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं।
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सरयू नदी के जल स्तर में बीते 24 घंटे के अंदर एक फीट से ज्यादा की वृद्धि हो चुकी है। टांडा में सरयू की उफान की चपेट में आकर उल्टहवा माझा इलाके के सभी खेत व खलिहान जलमग्न दिख रहे हैं। ग्राम प्रधान शिवप्रसाद ने बताया कि पानी लगभग डेढ़ दर्जन घरों तक पहुंच चुका है। महरीपुर गांव भी पानी से घिर गया है।
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मेहनिया के ग्रामीणों की मुश्किलें भी कम नही हो रही हैं। खेतों में जलभराव हो जाने से सबसे ज्यादा परेशानी पशुओं के हरे चारे को लेकर है। माझा उल्टहवा के अलावा माझा कला, माझा चिंतौरा, केवटला, नसरुल्लाहपुर, अवसानपुर, नैपुरा, सलोनाघाट, ढेलमऊ व डुहिया के गांवों में भी बाढ़ के पानी ने जनजीवन पूरी तरह अस्त व्यस्त कर रखा है।
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खेतों की तरफ जाने वाले कई चक मार्ग पूरी तरह से पानी में डूब चुके हैं। चौक के निकट रामजानकी मंदिर घाट, पंच शिव मंदिर, काली मंदिर, मीरानपुरा व राजघाट आदि क्षेत्रों में भी सरयू नदी का पानी पूरे उफान पर हैै।
नाव का सहारा बना एकमात्र विकल्प
आलापुर तहसील क्षेत्र के माझा कम्हरिया व आराजी देवारा ग्राम पंचायत के एक दर्जन मजरों में भरे बाढ़ के पानी में फंसे ग्रामीणों के लिए अब नाव का सहारा ही एकमात्र विकल्प बना है। सभी संपर्क मार्ग पानी में डूब जाने के कारण ग्रामीणों को नाव के सहारे ही खान पान सामग्री लाने से लेकर अन्य जरूरी काम निपटाने को मजबूर होना पड़ रहा है। कल्लू का पूरा, सत्यनरायण का पूरा, बद्री का पूरा, पटपरवा के साथ ही करिया लोनिया का पूरा, हंसू का पूरा, कुर्मी प्रसाद का पूरा व सिद्धनाथ का पूरा में पशुओं के चारे का संकट भी गांव वालों के लिए बड़ी परेशानी बना है।

मदद पहुंचाने को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण
अपर जिलाधिकारी अशोक कुमार कनौजिया ने मंगलवार को तहसीलदार टांडा के साथ बाढ़ प्रभावित मकरही व केवटला गांव का निरीक्षण किया। बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का निर्देश दिया। साथ ही गांव में जरूरत के अनुसार नाव चलवाने के साथ ही ग्रामीणों को सभी जरूरी खाद्य सामग्री भी उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया। तहसील प्रशासन से भी कहा गया है कि वह लेखपालों की मदद से बाढ़ के कारण किसानों की चौपट हुई फसल के नुकसान की आंकलन रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय को प्रस्तुत कराए। ताकि नुकसान की भरपाई के प्रक्रिया शुरू हो सके।
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