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Ambedkar Nagar News: प्रसूता की मौत, अस्पताल के बाहर दो घंटे हंगामा
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अंजलि (फाइल फोटो)
जलालपुर (अंबेडकरनगर)। जलालपुर के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से बच्चे को जन्म देने के बाद प्रसूता अंजली की हालत बिगड़ गई। करीब 15 दिनों तक अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के बाद सोमवार सुबह अकबरपुर के निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मौत से आक्रोशित परिजन शव लेकर जलालपुर-नगपुर मार्ग स्थित उसी निजी अस्पताल के बाहर पहुंच गए, जहां अंजली का ऑपरेशन हुआ था। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने दो घंटे तक हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाकर मामला शांत कराया।
आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के निजामपुर निवासी पति राकेश विश्वकर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह मुंबई में निजी कंपनी में काम करते हैं। अंजली प्रसव के लिए मायके जलालपुर के नगपुर में रह रही थीं। 30 अगस्त को प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें जलालपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हुआ। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर इलाज से ठीक होने का भरोसा देते रहे। हालत गंभीर होने पर सात सितंबर को अंजली को अकबरपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने हालत बेहद खराब बताई। सोमवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
परिजन निजी एंबुलेंस से शव लेकर जलालपुर के संबंधित अस्पताल पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इंस्पेक्टर अजय प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। इस बीच परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया और शव अंतिम संस्कार के लिए आजमगढ़ लेकर चले गए हैं। घटना के बाद से मां गुलशन देवी, बहनें अंजू, अनामिका, अर्पिता और भाई शनि, सतीश व सुधाकर का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
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की जाएगी जांच
सीओ अनूप कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने को कहा था, लेकिन परिजनों ने इन्कार कर दिया। मृतका की बहन अंजू और पति राकेश की ओर से अस्पताल प्रशासन के खिलाफ शिकायत मिली है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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आजमगढ़ के अहरौला थाना क्षेत्र के निजामपुर निवासी पति राकेश विश्वकर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह मुंबई में निजी कंपनी में काम करते हैं। अंजली प्रसव के लिए मायके जलालपुर के नगपुर में रह रही थीं। 30 अगस्त को प्रसव पीड़ा होने पर उन्हें जलालपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन से बच्चे का जन्म हुआ। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर इलाज से ठीक होने का भरोसा देते रहे। हालत गंभीर होने पर सात सितंबर को अंजली को अकबरपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने हालत बेहद खराब बताई। सोमवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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परिजन निजी एंबुलेंस से शव लेकर जलालपुर के संबंधित अस्पताल पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा करने लगे। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इंस्पेक्टर अजय प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे तक चले हंगामे के बाद परिजनों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। इस बीच परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया और शव अंतिम संस्कार के लिए आजमगढ़ लेकर चले गए हैं। घटना के बाद से मां गुलशन देवी, बहनें अंजू, अनामिका, अर्पिता और भाई शनि, सतीश व सुधाकर का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
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की जाएगी जांच
सीओ अनूप कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने को कहा था, लेकिन परिजनों ने इन्कार कर दिया। मृतका की बहन अंजू और पति राकेश की ओर से अस्पताल प्रशासन के खिलाफ शिकायत मिली है। मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।