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मिलेगी बड़ी राहत, शुरु हुआ ट्रॉमा विंग का निर्माण
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अंबेडकरनगर। जनपदवासियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब जिले के गंभीर मरीजों को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर लखनऊ तक की दौड़ लगाने से राहत मिलने वाली है। इसे लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत एक करोड़ 19 लाख रुपये की लागत से जिला अस्पताल में ट्रॉमा विंग का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। अत्याधुनिक उपकरणों से लैस ट्रॉमा विंग के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पैक्सफेड को सौंपी गई है। फरवरी 2022 में ट्रॉमा विंग का निर्माण कार्य पूर्ण हो सके, इसके लिए कार्यदायी संस्था को प्रथम किस्त के रूप में 19 लाख रुपये भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।
गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों का बेहतर इलाज जिले में ही सुनिश्चित हो सके, इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत ट्रॉमा विंग के निर्माण को बीते दिनों ही हरी झंडी शासन ने प्रदान की थी। बताते चलें कि मरीज की हालत तनिक भी गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल से तत्काल ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। इसे लेकर अकसर संबंधित तीमारदारों व अस्पताल प्रशासन के बीच नोकझोंक भी होती रहती है। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि गंभीर मरीज की ट्रॉमा सेंटर लखनऊ पहुंचते-पहुंचते रास्ते में ही मौत हो जाती है।
मरीजों और तीमारदारों को इस प्रकार की भागदौड़ से राहत दिलाने के लिए शासन ने जिला अस्पताल परिसर में ट्रॉमा विंग के निर्माण का निर्णय लिया था। स्वास्थ्य विभाग के सहायक अभियंता विजयपाल सिंह ने बताया कि एक करोड़ 19 लाख रुपये की लागत से जिला अस्पताल परिसर में अत्याधुनिक ट्रॉमा विंग के निर्माण को शासन ने मंजूरी प्रदान की थी। अब ट्रॉमा विंग का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। इस बीच ट्रॉमा विंग का निर्माण कार्य शुरू हो जाने से जिले के मरीजों में राहत की उम्मीद जगी है। ट्रॉमा विंग का निर्माण हो जाने से जिले के गंभीर मरीजों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
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पैक्सफेड को मिली निर्माण की जिम्मेदारी
ट्रॉमा विंग के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पैक्सफेड को सौंपी गई है। निर्माण को सुचारु ढंग से कराने के लिए प्रथम किस्त के रूप में कार्यदायी संस्था को 19 लाख रुपये की राशि भी उपलब्ध करा दी गई। राशि उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। बताया गया कि यह ट्रॉमा विंग पूरी तरह अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होगी। इससे तमाम गंभीर किस्म के मरीजों को तात्कालिक तौर पर लाभ मिल सकेगा।
फरवरी 2022 में पूर्ण होना है निर्माण
जिला अस्पताल परिसर में एक करोड़ 19 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक उपकरणों से लैस ट्रॉमा विंग का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। इसका निर्माण फरवरी 2022 में पूरा होना है। ट्रॉमा विंग का निर्माण होने से गंभीर मरीजों का भी इलाज सुनिश्चित हो सकेगा।
- डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ
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गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों का बेहतर इलाज जिले में ही सुनिश्चित हो सके, इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से संचालित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना के तहत ट्रॉमा विंग के निर्माण को बीते दिनों ही हरी झंडी शासन ने प्रदान की थी। बताते चलें कि मरीज की हालत तनिक भी गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल से तत्काल ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया जाता है। इसे लेकर अकसर संबंधित तीमारदारों व अस्पताल प्रशासन के बीच नोकझोंक भी होती रहती है। कभी-कभी ऐसा भी होता है कि गंभीर मरीज की ट्रॉमा सेंटर लखनऊ पहुंचते-पहुंचते रास्ते में ही मौत हो जाती है।
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मरीजों और तीमारदारों को इस प्रकार की भागदौड़ से राहत दिलाने के लिए शासन ने जिला अस्पताल परिसर में ट्रॉमा विंग के निर्माण का निर्णय लिया था। स्वास्थ्य विभाग के सहायक अभियंता विजयपाल सिंह ने बताया कि एक करोड़ 19 लाख रुपये की लागत से जिला अस्पताल परिसर में अत्याधुनिक ट्रॉमा विंग के निर्माण को शासन ने मंजूरी प्रदान की थी। अब ट्रॉमा विंग का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। इस बीच ट्रॉमा विंग का निर्माण कार्य शुरू हो जाने से जिले के मरीजों में राहत की उम्मीद जगी है। ट्रॉमा विंग का निर्माण हो जाने से जिले के गंभीर मरीजों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी।
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पैक्सफेड को मिली निर्माण की जिम्मेदारी
ट्रॉमा विंग के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था पैक्सफेड को सौंपी गई है। निर्माण को सुचारु ढंग से कराने के लिए प्रथम किस्त के रूप में कार्यदायी संस्था को 19 लाख रुपये की राशि भी उपलब्ध करा दी गई। राशि उपलब्ध होते ही निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। बताया गया कि यह ट्रॉमा विंग पूरी तरह अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होगी। इससे तमाम गंभीर किस्म के मरीजों को तात्कालिक तौर पर लाभ मिल सकेगा।
फरवरी 2022 में पूर्ण होना है निर्माण
जिला अस्पताल परिसर में एक करोड़ 19 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक उपकरणों से लैस ट्रॉमा विंग का निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है। इसका निर्माण फरवरी 2022 में पूरा होना है। ट्रॉमा विंग का निर्माण होने से गंभीर मरीजों का भी इलाज सुनिश्चित हो सकेगा।
- डॉ. अशोक कुमार, सीएमओ