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Ambedkar Nagar News: म्यूल खाते में पांच दिन में 887 बार में 21 लाख का लेनदेन
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अंबेडकरनगर। साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए एक म्यूल खाते में महज पांच दिन के भीतर 887 बार में करीब 21.18 लाख रुपये का लेनदेन हुआ। खाते में अलग-अलग यूपीआई माध्यमों से रकम भेजी गई, जबकि बाद में नेट बैंकिंग के जरिये इसे दूसरे खातों में स्थानांतरित किया गया। अलग-अलग शहरों की साइबर पुलिस की ओर से बैंक को शिकायत और ई-मेल भेजे जाने के बाद खाते को फ्रीज कर दिया गया है। साइबर पुलिस अब मामले की जांच की तैयारी कर रही है।
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की अन्नावा शाखा में सात अगस्त 2026 को महरुआ क्षेत्र के हीड़ी पकड़िया गांव निवासी विनोद कुमार ने ट्रेड विजन इंडिया लिमिटेड के नाम से खाता खोला था। खाता खुलवाते समय इसमें ढाई हजार रुपये नकद जमा किए गए। उसी दिन कुछ घंटे बाद पूरी रकम निकाल ली गई और खाते में शेष राशि शून्य हो गई।
इसके बाद 22 अगस्त को दो बार 11-11 रुपये यूपीआई के माध्यम से खाते में भेजे गए। 25 अगस्त तक 20.60 रुपये निकाल लिए गए और खाते में सिर्फ 1.40 रुपये बचे। इसके बाद 27 अगस्त से खाते में अलग-अलग यूपीआई माध्यमों से रकम आनी शुरू हुई। यह सिलसिला 31 अगस्त तक चला। पांच दिनों में खाते में कुल 21,18,114 रुपये जमा किए गए। इसके सापेक्ष करीब 21.10 लाख रुपये नेट बैंकिंग के जरिये अलग-अलग खातों में स्थानांतरित कर दिए गए।
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खास बात यह है कि यूपीआई से भेजी गई ज्यादातर रकम 999 से 10 हजार रुपये के बीच रही। सिर्फ एक बार 14,999 रुपये खाते में भेजे गए। रकम जमा होने के बाद आठ से 10 ट्रांसफर के अंतराल पर उसे नेफ्ट के माध्यम से दूसरे खातों में भेजा जाता रहा। (संवाद)
28 अगस्त को सबसे अधिक लेनदेन
27 अगस्त को 156 बार में 2,93,909.18 रुपये जमा हुए और 25 बार में 2,93,774.36 रुपये निकाले गए। दिन के अंत में 146.22 रुपये शेष रहे। 28 अगस्त को 287 बार में 10,55,411.35 रुपये जमा हुए, जबकि 81 बार में 10,57,240.02 रुपये निकाले गए। दिन के अंत में खाते में 19.05 रुपये बचे। 29 अगस्त को पांच बार में 45 रुपये जमा हुए और कोई निकासी नहीं हुई। 30 अगस्त को खाते में कोई जमा-निकासी नहीं हुई। 31 अगस्त को 272 बार में 7,11,727.28 रुपये जमा हुए और 61 बार में 6,82,507.64 रुपये निकाले गए। दिन के अंत में खाते में 8,017 रुपये शेष थे। 31 अगस्त को खाते के संदिग्ध लेनदेन की शिकायतें बैंक तक पहुंचीं। इसके बाद बैंक ने खाते को फ्रीज कर दिया। बैंक की ओर से खाताधारक विनोद कुमार से संपर्क का प्रयास किया गया। विनोद का घर हीड़ी पकड़िया में है, लेकिन वह दूसरे प्रांत में सिलाई का काम करता है। खाता फ्रीज होने की जानकारी मिलने पर उसका एक मित्र बैंक पहुंचा और जानकारी ली। अभी साइबर थाने की टीम जांच के लिए बैंक या गांव नहीं पहुंची है।
कमीशन के लालच में खाता न दें
साइबर ठगी से बचने के लिए बैंक खाते, एटीएम या यूपीआई की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को कमीशन के लालच में नहीं देनी चाहिए। अनजान व्यक्ति के कहने पर खाते में रकम रिसीव या ट्रांसफर करने से भी बचना चाहिए। ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंकिंग पासवर्ड किसी से साझा न करें। खाते में अनजान लेनदेन दिखाई देने पर तत्काल बैंक को सूचना दें। साइबर ठगी की आशंका होने पर 1930 पर शिकायत की जा सकती है।
प्रकरण की होगी जांच
म्यूल खातों को बंद करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी। खाताधारक से लेकर खाते का संचालन करने वाले व्यक्ति का पता लगाकर जल्द कार्रवाई की जाएगी। - प्रदीप सिंह चंदेल, सीओ साइबर
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उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की अन्नावा शाखा में सात अगस्त 2026 को महरुआ क्षेत्र के हीड़ी पकड़िया गांव निवासी विनोद कुमार ने ट्रेड विजन इंडिया लिमिटेड के नाम से खाता खोला था। खाता खुलवाते समय इसमें ढाई हजार रुपये नकद जमा किए गए। उसी दिन कुछ घंटे बाद पूरी रकम निकाल ली गई और खाते में शेष राशि शून्य हो गई।
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इसके बाद 22 अगस्त को दो बार 11-11 रुपये यूपीआई के माध्यम से खाते में भेजे गए। 25 अगस्त तक 20.60 रुपये निकाल लिए गए और खाते में सिर्फ 1.40 रुपये बचे। इसके बाद 27 अगस्त से खाते में अलग-अलग यूपीआई माध्यमों से रकम आनी शुरू हुई। यह सिलसिला 31 अगस्त तक चला। पांच दिनों में खाते में कुल 21,18,114 रुपये जमा किए गए। इसके सापेक्ष करीब 21.10 लाख रुपये नेट बैंकिंग के जरिये अलग-अलग खातों में स्थानांतरित कर दिए गए।
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खास बात यह है कि यूपीआई से भेजी गई ज्यादातर रकम 999 से 10 हजार रुपये के बीच रही। सिर्फ एक बार 14,999 रुपये खाते में भेजे गए। रकम जमा होने के बाद आठ से 10 ट्रांसफर के अंतराल पर उसे नेफ्ट के माध्यम से दूसरे खातों में भेजा जाता रहा। (संवाद)
28 अगस्त को सबसे अधिक लेनदेन
27 अगस्त को 156 बार में 2,93,909.18 रुपये जमा हुए और 25 बार में 2,93,774.36 रुपये निकाले गए। दिन के अंत में 146.22 रुपये शेष रहे। 28 अगस्त को 287 बार में 10,55,411.35 रुपये जमा हुए, जबकि 81 बार में 10,57,240.02 रुपये निकाले गए। दिन के अंत में खाते में 19.05 रुपये बचे। 29 अगस्त को पांच बार में 45 रुपये जमा हुए और कोई निकासी नहीं हुई। 30 अगस्त को खाते में कोई जमा-निकासी नहीं हुई। 31 अगस्त को 272 बार में 7,11,727.28 रुपये जमा हुए और 61 बार में 6,82,507.64 रुपये निकाले गए। दिन के अंत में खाते में 8,017 रुपये शेष थे। 31 अगस्त को खाते के संदिग्ध लेनदेन की शिकायतें बैंक तक पहुंचीं। इसके बाद बैंक ने खाते को फ्रीज कर दिया। बैंक की ओर से खाताधारक विनोद कुमार से संपर्क का प्रयास किया गया। विनोद का घर हीड़ी पकड़िया में है, लेकिन वह दूसरे प्रांत में सिलाई का काम करता है। खाता फ्रीज होने की जानकारी मिलने पर उसका एक मित्र बैंक पहुंचा और जानकारी ली। अभी साइबर थाने की टीम जांच के लिए बैंक या गांव नहीं पहुंची है।
कमीशन के लालच में खाता न दें
साइबर ठगी से बचने के लिए बैंक खाते, एटीएम या यूपीआई की जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को कमीशन के लालच में नहीं देनी चाहिए। अनजान व्यक्ति के कहने पर खाते में रकम रिसीव या ट्रांसफर करने से भी बचना चाहिए। ओटीपी, यूपीआई पिन और बैंकिंग पासवर्ड किसी से साझा न करें। खाते में अनजान लेनदेन दिखाई देने पर तत्काल बैंक को सूचना दें। साइबर ठगी की आशंका होने पर 1930 पर शिकायत की जा सकती है।
प्रकरण की होगी जांच
म्यूल खातों को बंद करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी। खाताधारक से लेकर खाते का संचालन करने वाले व्यक्ति का पता लगाकर जल्द कार्रवाई की जाएगी। - प्रदीप सिंह चंदेल, सीओ साइबर