{"_id":"622a4ccb09785447a915e687","slug":"there-was-an-eye-on-tv-there-was-silence-in-the-markets-ambedkar-nagar-news-lko6212456157","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीवी पर रही नजर, बाजारों में पसरा सन्नाटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीवी पर रही नजर, बाजारों में पसरा सन्नाटा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। मतगणना प्रारंभ होने से पहले ही ज्यादातर लोगों ने टीवी पर निगाह गड़ा दी। लोग जिले की सभी पांच विधानसभा सीटों पर किस्मत आजमा रहे प्रत्याशियों के बारे में जानकारी हासिल करने तथा प्रदेश की स्थिति जानने के लिए टीवी पर नजर जमाए रहे। इसी का नतीजा रहा कि न सिर्फ जिला मुख्यालय, बल्कि जिले की अन्य छोटी-बड़ी बाजारों में आमतौर पर सन्नाटा पसरा रहा। दुकानें तो प्रतिदिन की तरह खुली थीं, लेकिन खरीदार कम दिखे। शाम तक कुछ ऐसा ही हाल रहा।
बृहस्पतिवार को जब मतगणना प्रारंभ हुई, तो आम लोगों ने रुझान व परिणाम जानने के लिए घरों में ही टीवी पर निगाह गड़ा दी। प्रदेश में किसकी सरकार बन रही और किसे हार मिल रही है, यह जानने के लिए लोग टीवी नहीं छोड़ पा रहे थे। जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा था, रुझान व परिणाम जानने के लिए उत्सुकता ऐसी थी कि अत्यंत जरूरी कार्य पड़ने पर ही लोग घर से बाहर निकल रहे थे। यह दौर शाम तक चलता रहा। इसी का नतीजा रहा कि जिला मुख्यालय के अलावा अन्य छोटी-बड़ी बाजारों में आमतौर पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा।
दुकानें तो लगभग सभी खुली थीं, लेकिन खरीदारों की कमी थी। ऐसे में दुकानदार भी दुकान पर ही बैठकर मोबाइल या टीवी पर ही मतगणना पर नजर जमाए हुए थे। अलग-अलग न्यूज चैनलों को बदलते हुए नागरिक लगातार हालात पर नजर बनाए हुए थे। कई जगहों पर आसपास के लोग भी एक साथ एकत्र होकर टीवी देखते देखे गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को जब मतगणना प्रारंभ हुई, तो आम लोगों ने रुझान व परिणाम जानने के लिए घरों में ही टीवी पर निगाह गड़ा दी। प्रदेश में किसकी सरकार बन रही और किसे हार मिल रही है, यह जानने के लिए लोग टीवी नहीं छोड़ पा रहे थे। जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा था, रुझान व परिणाम जानने के लिए उत्सुकता ऐसी थी कि अत्यंत जरूरी कार्य पड़ने पर ही लोग घर से बाहर निकल रहे थे। यह दौर शाम तक चलता रहा। इसी का नतीजा रहा कि जिला मुख्यालय के अलावा अन्य छोटी-बड़ी बाजारों में आमतौर पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा।
विज्ञापन
दुकानें तो लगभग सभी खुली थीं, लेकिन खरीदारों की कमी थी। ऐसे में दुकानदार भी दुकान पर ही बैठकर मोबाइल या टीवी पर ही मतगणना पर नजर जमाए हुए थे। अलग-अलग न्यूज चैनलों को बदलते हुए नागरिक लगातार हालात पर नजर बनाए हुए थे। कई जगहों पर आसपास के लोग भी एक साथ एकत्र होकर टीवी देखते देखे गए।
विज्ञापन