{"_id":"687d47b964da0497e10a0d70","slug":"the-priest-was-questioned-on-the-complaint-of-church-activities-later-released-ambedkar-nagar-news-c-91-1-abn1007-138949-2025-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: चर्च की गतिविधियों की शिकायत पर पादरी से की पूछताछ, बाद में छोड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: चर्च की गतिविधियों की शिकायत पर पादरी से की पूछताछ, बाद में छोड़ा
Mon, 21 Jul 2025 01:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 21 Jul 2025 01:17 AM IST
विज्ञापन
अकबरपुर के शुभेच्छा रतनपुर में बने चर्च के बाहर खड़े लोग।
अंबेडकरनगर। अकबरपुर के शुभेच्छा रतनपुर में बने चर्च में इलाज के नाम पर दलित समाज की महिलाओं और पुरुषों को प्रार्थना कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इलाज के नाम पर यहां बुलाया जाता और ईसाई धर्म की प्रार्थना करवाई जाती थी। विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संत संपर्क प्रमुख अरविंद पांडेय की शिकायत पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जहां 200 से अधिक महिला और पुरुष प्रार्थना करते मिले। इस दौरान पुलिस ने लोगों से पूछताछ कर कथित पादरी प्रमोद कुमार निवासी मकोइया बसखारी को हिरासत में लिया। हालांकि, जांच के बाद उसे छोड़ दिया गया।
रविवार को रतनपुर में बने चर्च में 200 से अधिक महिलाएं और पुरुषों को इलाज के लिए बुलाकर उनसे प्रभु यीशु की प्रार्थना करवाई जा रही थी। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों को इसकी सूचना पिछले कई सप्ताह से मिल रही थी। अरविंद पांडेय के अनुसार यहां का पादरी सनातन देवी-देवताओं पर कोई आस्था न रखने के लिए लोगों को गुमराह कर रहा था। इसी सूचना उन्होंने कोतवाली पुलिस को दी। कुछ ही देर में वहां पुलिस हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची। कमरे में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे प्रभु यीशू की प्रार्थना में लीन मिले। मौके से पादरी को हिरासत में लिया गया है। अरविंद के अनुसार यहां पादरी सभा के माध्यम से सनातन देवी देवताओं की आस्था से दूर रहने का संदेश दे रहा था। धर्मांतरण की आशंका भी जताई है। सीओ सिटी नितेश तिवारी ने बताया कि मौके पर मौजूद महिलाओं और पुरुषों से पूछताछ की गई, जहां प्रार्थना कराने की बात तो सामने आई है लेकिन धर्मांतरण का कोई मामला नहीं मिला है। इसके संबंध में किसी ने कोई शिकायत भी नहीं की है। इंस्पेक्टर श्रीनिवास पांडेय का कहना है कि जांच में प्रार्थना सभा कराने और बरगलाने की बात सामने आई है। किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली है। इसी के चलते पादरी को रिहा कर दिया गया है।
--
इससे पूर्व भी होती रहीं चंगाई सभाएं
इससे पूर्व भी इस तरह की सभाएं मालीपुर के नूृरपुर खर्द, भदोही, धमरूआ, हुसैनपुर विपहन, सैरदपुर उमरन, ताराखुर्द के अलावा जलालपुर में होती रही हैं। इस प्रकार की चंगाई सभाएं लगाकर लोगों को एक विशेष समुदाय को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता था। इस मामले में दो केस भी दर्ज हुए थे। इसके बाद भी इस प्रकार की चंगाई सभाएं बंद होने का नाम नहीं ले रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को रतनपुर में बने चर्च में 200 से अधिक महिलाएं और पुरुषों को इलाज के लिए बुलाकर उनसे प्रभु यीशु की प्रार्थना करवाई जा रही थी। विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों को इसकी सूचना पिछले कई सप्ताह से मिल रही थी। अरविंद पांडेय के अनुसार यहां का पादरी सनातन देवी-देवताओं पर कोई आस्था न रखने के लिए लोगों को गुमराह कर रहा था। इसी सूचना उन्होंने कोतवाली पुलिस को दी। कुछ ही देर में वहां पुलिस हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंची। कमरे में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे प्रभु यीशू की प्रार्थना में लीन मिले। मौके से पादरी को हिरासत में लिया गया है। अरविंद के अनुसार यहां पादरी सभा के माध्यम से सनातन देवी देवताओं की आस्था से दूर रहने का संदेश दे रहा था। धर्मांतरण की आशंका भी जताई है। सीओ सिटी नितेश तिवारी ने बताया कि मौके पर मौजूद महिलाओं और पुरुषों से पूछताछ की गई, जहां प्रार्थना कराने की बात तो सामने आई है लेकिन धर्मांतरण का कोई मामला नहीं मिला है। इसके संबंध में किसी ने कोई शिकायत भी नहीं की है। इंस्पेक्टर श्रीनिवास पांडेय का कहना है कि जांच में प्रार्थना सभा कराने और बरगलाने की बात सामने आई है। किसी प्रकार की कोई शिकायत नहीं मिली है। इसी के चलते पादरी को रिहा कर दिया गया है।
विज्ञापन
इससे पूर्व भी होती रहीं चंगाई सभाएं
इससे पूर्व भी इस तरह की सभाएं मालीपुर के नूृरपुर खर्द, भदोही, धमरूआ, हुसैनपुर विपहन, सैरदपुर उमरन, ताराखुर्द के अलावा जलालपुर में होती रही हैं। इस प्रकार की चंगाई सभाएं लगाकर लोगों को एक विशेष समुदाय को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता था। इस मामले में दो केस भी दर्ज हुए थे। इसके बाद भी इस प्रकार की चंगाई सभाएं बंद होने का नाम नहीं ले रही हैं।
विज्ञापन