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Ambedkar Nagar News: भगवद् भक्ति से मिलता है जीवन का लक्ष्य
Mon, 24 Nov 2025 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Mon, 24 Nov 2025 12:29 AM IST
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आचार्य संतोष द्विवेदी।
अंबेडकरनगर। कटेहरी के आदमपुर तिंदौली में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। रविवार को कथा प्रवाचक आचार्य संतोष द्विवेदी महाराज ने कपिल चरित्र, भगवान के चौबीस अवतार, समुद्र मंथन, भक्त प्रह्लाद और नरसिंह अवतार के चरित्रों का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य का हृदय ही संसार रूपी समुद्र है और हमारे अच्छे-बुरे विचार ही मंथन हैं। भक्ति और सद्कर्म अमृत है, वहीं बुरे संस्कार और अहंकार हलाहल विष की तरह मनुष्य को नष्ट कर देते हैं।
हिरण्यकश्यप अहंकार में डूबा हुआ था। उसने भक्त प्रह्लाद को भस्म करने का षड्यंत्र रचा, चारों ओर लकड़ी ढेर कर अग्नि प्रज्वलित कराई। जब प्रचंड अग्नि धधकने लगी, तब भी प्रह्लाद ने सिर्फ इतना कहा कि अच्छा भगवान तेरी मर्जी और प्रभु ने अपने भक्त की रक्षा की। इसके बाद नरसिंह अवतार में भगवान ने पापियों का अंत कर धर्म की स्थापना की। प्रवाचक ने कहा कि भागवत सिर्फ कथा नहीं, जीवन जीने की कला है। भगवद् भक्ति से जीवन का सच्चा लक्ष्य मिलता है। समाज का पहला कर्तव्य है कि बच्चों को अच्छे संस्कार दिए जाएं, ताकि वे बड़े होकर माता-पिता की सेवा तथा गौ व साधु सेवा कर सकें। इस दौरान मुख्य यजमान डॉ. वीरेंद्र चतुर्वेदी, विजयलक्ष्मी, अश्वनी, विवेक, मयंक, शिवकुमार सिंह, रमाशंकर सिंह, बद्रीप्रसाद सिंह, धनीराम गुप्ता, महेंद्र यादव व अन्य उपस्थित रहे।
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हिरण्यकश्यप अहंकार में डूबा हुआ था। उसने भक्त प्रह्लाद को भस्म करने का षड्यंत्र रचा, चारों ओर लकड़ी ढेर कर अग्नि प्रज्वलित कराई। जब प्रचंड अग्नि धधकने लगी, तब भी प्रह्लाद ने सिर्फ इतना कहा कि अच्छा भगवान तेरी मर्जी और प्रभु ने अपने भक्त की रक्षा की। इसके बाद नरसिंह अवतार में भगवान ने पापियों का अंत कर धर्म की स्थापना की। प्रवाचक ने कहा कि भागवत सिर्फ कथा नहीं, जीवन जीने की कला है। भगवद् भक्ति से जीवन का सच्चा लक्ष्य मिलता है। समाज का पहला कर्तव्य है कि बच्चों को अच्छे संस्कार दिए जाएं, ताकि वे बड़े होकर माता-पिता की सेवा तथा गौ व साधु सेवा कर सकें। इस दौरान मुख्य यजमान डॉ. वीरेंद्र चतुर्वेदी, विजयलक्ष्मी, अश्वनी, विवेक, मयंक, शिवकुमार सिंह, रमाशंकर सिंह, बद्रीप्रसाद सिंह, धनीराम गुप्ता, महेंद्र यादव व अन्य उपस्थित रहे।
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