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Ambedkar Nagar News: बाढ़ का असर कम, दुर्गंध और मच्छरों ने बढ़ाई चिंता
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.राजेसुल्तानपुर क्षेत्र के मांझा बिडहर में घटा सरयू नदी का जलस्तर।संवाद
राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी का जलस्तर लगातार घटने से मांझा क्षेत्र में बाढ़ का असर कम होने लगा है। मुख्य मार्गों से पानी पूरी तरह उतर चुका है। वहीं, हंसू का पूरा मजरे में आवागमन के लिए संचालित नाव भी बंद कर दी गई है। हालांकि, पानी घटने के बाद सड़ रही घास और खरपतवार से उठ रही दुर्गंध तथा मच्छरों के बढ़ते प्रकोप ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
बुधवार को सरयू का जलस्तर 85.12 मीटर से घटकर 84.97 मीटर पहुंच गया। इस तरह 24 घंटे में जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। नदी अब खतरे के निशान से 59 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
जलस्तर कम होने से मांझा कम्हरिया और आराजी देवारा क्षेत्र के मुख्य मार्गों से पानी पूरी तरह हट गया है। पानी में डूबी घास और खरपतवार अब सड़ने लगी है, जिससे आसपास दुर्गंध फैल रही है। इसके साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। ग्रामीणों को संक्रमण फैलने की आशंका सता रही है।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हैं। सीएचसी जहांगीरगंज के अधीक्षक उदय चंद यादव के निर्देश पर मांझा कम्हरिया और आराजी देवारा में चिकित्सकों ने कैंप लगाकर मरीजों का उपचार शुरू कर दिया है। तहसील प्रशासन भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखे हुए है। तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। राजस्व कर्मचारी क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी कैंप लगाकर लोगों का उपचार कर रही हैं।
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बुधवार को सरयू का जलस्तर 85.12 मीटर से घटकर 84.97 मीटर पहुंच गया। इस तरह 24 घंटे में जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। नदी अब खतरे के निशान से 59 सेंटीमीटर नीचे बह रही है।
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जलस्तर कम होने से मांझा कम्हरिया और आराजी देवारा क्षेत्र के मुख्य मार्गों से पानी पूरी तरह हट गया है। पानी में डूबी घास और खरपतवार अब सड़ने लगी है, जिससे आसपास दुर्गंध फैल रही है। इसके साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। ग्रामीणों को संक्रमण फैलने की आशंका सता रही है।
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय हैं। सीएचसी जहांगीरगंज के अधीक्षक उदय चंद यादव के निर्देश पर मांझा कम्हरिया और आराजी देवारा में चिकित्सकों ने कैंप लगाकर मरीजों का उपचार शुरू कर दिया है। तहसील प्रशासन भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखे हुए है। तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है। राजस्व कर्मचारी क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी कैंप लगाकर लोगों का उपचार कर रही हैं।