फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   The effect will be seen on the assembly elections, BSP will get a setback

विधानसभा चुनाव पर दिखेगा असर, बसपा को लगेगा झटका

Fri, 24 Sep 2021 11:39 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 24 Sep 2021 11:39 PM IST
विज्ञापन
The effect will be seen on the assembly elections, BSP will get a setback
अंबेडकरनगर। पहले वरिष्ठ बसपा नेता त्रिभुवनदत्त के सपा में शामिल होने और अब दो अन्य कद्दावर नेताओं रामअचल राजभर व लालजी वर्मा के सपा में शामिल होने के आसार का आगामी विधानसभा चुनाव पर बड़ा असर दिखेगा। कभी जिले की सभी पांच विधानसभा सीटों पर बसपा का कब्जा हुआ करता था। बीते विधानसभा चुनाव से लेकर आगामी विस चुनाव के ठीक पहले तक तीन बड़े बसपा नेताओं के सपा में शामिल हो जाने से आगामी विधानसभा का चुनाव ज्यादा रोमांचक होने की उम्मीद है। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो लगभग सभी सीटों पर सपा व भाजपा के बीच ही अब सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है। एक दो सीटों पर ही बसपा मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास करती दिख सकती है।
विज्ञापन

कभी बसपा के गढ़ के तौर पर प्रसिद्ध रहे अंबेडकरनगर जनपद में बसपा के लिए कुछ भी अच्छा घटता नहीं दिख रहा। बीते विधानसभा चुनाव में उसे जरूर पांच में से तीन विधानसभा सीटों पर जीत मिल गई थीं। लेकिन उसके बाद से जिले में उसका दबदबा और कम होता दिख रहा है। पंचायत चुनाव में तो इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर बसपा ने प्रत्याशी ही नहीं उतारा। इसी चुनाव में बसपा प्रमुख मायावती ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रहे रामअचल राजभर व विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा को पार्टी से निकाल दिया। रामअचल अकबरपुर विधानसभा सीट से लगभग लगातार विधायक होते आ रहे हैं, जबकि पहले टांडा से विधायक होते रहे लालजी वर्मा अब कटेहरी से विधायक हैं।
विज्ञापन

आलापुर विधानसभा सीट से विधायक रह चुके कभी मायावती के अत्यंत करीबी रहे पूर्व विधायक व पूर्व सांसद त्रिभुवनदत्त भी बीते विधानसभा चुनाव के बाद सपा में शामिल हो चुके हैं। अब रामअचल व लालजी के भी सपा में शामिल होने का मार्ग प्रशस्त हो चुका है। इसके चलते आगामी विधानसभा चुनाव जिले में और ज्यादा रोमांचक होने के आसार हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस राजनीतिक घटनाक्रम का तगड़ा झटका बसपा को लगना है। समीक्षकों का मानना है कि पांच सीटों में से लगभग सभी पर भाजपा व सपा के बीच ही सीधा मुकाबला हो सकता है। जलालपुर समेत एक-दो किसी और सीट पर बसपा मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने का प्रयास कर सकती है, लेकिन फिलहाल इसकी संभावना अत्यंत कम है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed