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खोदी सड़क नहीं कराई दुरुस्त, आवागमन में दिक्कतें
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर नगर में फोरलेन मार्ग का निर्माण जल निगम एवं पावर कॉर्पोरेशन की मनमानी की भेंट चढ़ गया है। नगर में बेहतर आवागमन व सौंदर्यीकरण की मंशा से यह कार्य शुरू कराया गया, लेकिन दोनों विभागों की मनमानी ने न सिर्फ नगरवासियों वरन बाहरी यात्रियों की भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
डीएम के सख्त निर्देश के बाद भी पावर कॉर्पोरेशन अभी तक पटरियों पर लगे खंभों व ट्रांसफार्मरों को स्थानांतरित नहीं कर सका है। इससे मार्ग निर्माण का कार्य अधर में लटक गया है। उधर, इन सबके बीच जल निगम ने मार्ग चौड़ा हुए बगैर सड़क को पाइप डालने के लिए बीच से खोद डाला। इसके बाद नियमानुसार उसमें बालू व अन्य सामग्री डालकर दुरुस्त कराने की बजाय जस का तस छोड़ दिया गया है। इसका नतीजा यह है कि लोगों को मार्ग से आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं।
जिला मुख्यालय के फव्वारा तिराहे से लेकर पुलिस चौकी शहजादपुर तक के डेढ़ किलोमीटर से अधिक लंबे मार्ग को फोरलेन में परिवर्तित करने का निर्णय अकबरपुर नगर पालिका परिषद ने लिया था। इसके लिए पांच करोड़ की राशि निर्धारित की गई। गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने के लिए यह धनराशि लोक निर्माण विभाग को दे दी गई। इसके अलावा एक करोड़ 30 लाख रुपये पावर कॉर्पोरेशन को इसलिए दिए गए, जिससे वह बिजली के खंभों व ट्रांसफार्मरों को सड़क से और पीछे कर सके।
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यह धनराशि विभाग को मिले छह माह से अधिक बीत गए, लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं हो सकी है। जनहित को देखते हुए लोक निर्माण विभाग द्वारा अधिकृत कार्यदायी संस्था पीके कांस्ट्रक्शन ने सड़क को चौड़ा करने का कार्य शुरू किया, लेकिन वादे के अनुरूप पावर कॉर्पोरेशन खंभों व ट्रांसफार्मरों को पीछे नहीं कर सका। इससे चौड़ीकरण का कार्य अधर में लटक गया। यह जानकारी मिलते ही डीएम सैमुअल पॉल एन ने पंचायत चुनाव से पहले मौके का जायजा लिया और पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया कि अविलंब कार्य को पूर्ण कराएं। डीएम की इस नाराजगी के बावजूद पावर कॉर्पोरेशन अभी तक एक भी खंभे व ट्रांसफार्मर को स्थानांतरित नहीं कर पाया है।
उधर, इस समस्या के बीच जल निगम विभाग भी बड़ी समस्या लेकर सामने आ गया। फोरलेन मार्ग का निर्माण पूरा होने से पहले ही जल निगम ने कार्ययोजना तैयार की कि मुख्य सड़क के बीच में ही बड़ी पेयजल पाइप लाइन डाल दी जाए, जिससे भविष्य में सड़क को क्षतिग्रस्त करने की कोई जरूरत न पड़े। इस कार्ययोजना को अमल में लाने के लिए जल निगम ने लोक निर्माण विभाग से कोई सामंजस्य बनाए बगैर सड़क की खुदाई शुरू कर दी। नतीजा यह कि पहले से ही सकरे मुख्य मार्ग पर आवागमन प्रभावित होने लगा। बीते दिनों जल निगम ने एक बार फिर से मुख्य सड़क को खोद डाला। नतीजा यह है कि लगभग एक किलोमीटर की दूरी में मुख्य सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है।
नियमानुसार उसे दुरुस्त करने की बजाय मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। सड़क को लेवल में करने तथा हल्की मरम्मत करने की जरूरत जल निगम ने नहीं महसूस की। कोरोना कर्फ्यू के दौरान तो किसी तरह आवागमन होता रहा, लेकिन अब एक जून से कर्फ्यू हटने के बाद लोगों को अब आवागमन में ज्यादा मुश्किलें होंगी। नागरिकों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर अविलंब सड़क दुरुस्त कराने की मांग की है। उधर, डीएम सैमुअल पॉल एन ने कहा कि निर्माण में व्यवधान दूर कराया जा रहा है। प्राथमिकता के साथ निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
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डीएम के सख्त निर्देश के बाद भी पावर कॉर्पोरेशन अभी तक पटरियों पर लगे खंभों व ट्रांसफार्मरों को स्थानांतरित नहीं कर सका है। इससे मार्ग निर्माण का कार्य अधर में लटक गया है। उधर, इन सबके बीच जल निगम ने मार्ग चौड़ा हुए बगैर सड़क को पाइप डालने के लिए बीच से खोद डाला। इसके बाद नियमानुसार उसमें बालू व अन्य सामग्री डालकर दुरुस्त कराने की बजाय जस का तस छोड़ दिया गया है। इसका नतीजा यह है कि लोगों को मार्ग से आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं।
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जिला मुख्यालय के फव्वारा तिराहे से लेकर पुलिस चौकी शहजादपुर तक के डेढ़ किलोमीटर से अधिक लंबे मार्ग को फोरलेन में परिवर्तित करने का निर्णय अकबरपुर नगर पालिका परिषद ने लिया था। इसके लिए पांच करोड़ की राशि निर्धारित की गई। गुणवत्तापूर्ण कार्य कराने के लिए यह धनराशि लोक निर्माण विभाग को दे दी गई। इसके अलावा एक करोड़ 30 लाख रुपये पावर कॉर्पोरेशन को इसलिए दिए गए, जिससे वह बिजली के खंभों व ट्रांसफार्मरों को सड़क से और पीछे कर सके।
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यह धनराशि विभाग को मिले छह माह से अधिक बीत गए, लेकिन अब तक कोई प्रगति नहीं हो सकी है। जनहित को देखते हुए लोक निर्माण विभाग द्वारा अधिकृत कार्यदायी संस्था पीके कांस्ट्रक्शन ने सड़क को चौड़ा करने का कार्य शुरू किया, लेकिन वादे के अनुरूप पावर कॉर्पोरेशन खंभों व ट्रांसफार्मरों को पीछे नहीं कर सका। इससे चौड़ीकरण का कार्य अधर में लटक गया। यह जानकारी मिलते ही डीएम सैमुअल पॉल एन ने पंचायत चुनाव से पहले मौके का जायजा लिया और पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया कि अविलंब कार्य को पूर्ण कराएं। डीएम की इस नाराजगी के बावजूद पावर कॉर्पोरेशन अभी तक एक भी खंभे व ट्रांसफार्मर को स्थानांतरित नहीं कर पाया है।
उधर, इस समस्या के बीच जल निगम विभाग भी बड़ी समस्या लेकर सामने आ गया। फोरलेन मार्ग का निर्माण पूरा होने से पहले ही जल निगम ने कार्ययोजना तैयार की कि मुख्य सड़क के बीच में ही बड़ी पेयजल पाइप लाइन डाल दी जाए, जिससे भविष्य में सड़क को क्षतिग्रस्त करने की कोई जरूरत न पड़े। इस कार्ययोजना को अमल में लाने के लिए जल निगम ने लोक निर्माण विभाग से कोई सामंजस्य बनाए बगैर सड़क की खुदाई शुरू कर दी। नतीजा यह कि पहले से ही सकरे मुख्य मार्ग पर आवागमन प्रभावित होने लगा। बीते दिनों जल निगम ने एक बार फिर से मुख्य सड़क को खोद डाला। नतीजा यह है कि लगभग एक किलोमीटर की दूरी में मुख्य सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है।
नियमानुसार उसे दुरुस्त करने की बजाय मिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। सड़क को लेवल में करने तथा हल्की मरम्मत करने की जरूरत जल निगम ने नहीं महसूस की। कोरोना कर्फ्यू के दौरान तो किसी तरह आवागमन होता रहा, लेकिन अब एक जून से कर्फ्यू हटने के बाद लोगों को अब आवागमन में ज्यादा मुश्किलें होंगी। नागरिकों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर अविलंब सड़क दुरुस्त कराने की मांग की है। उधर, डीएम सैमुअल पॉल एन ने कहा कि निर्माण में व्यवधान दूर कराया जा रहा है। प्राथमिकता के साथ निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।