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60 विद्यालयों के जर्जर भवन जल्द होंगे जमींदोज
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अंबेडकरनगर। जर्जर हो जाने के चलते 224 परिषदीय विद्यालयों के भवन निष्प्रयोज्य घोषित किए गए हैं। इनमें से छह विद्यालयों के भवन ढहाए जा चुके हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार शीघ्र ही 60 और जर्जर भवनों को ढहा दिया जाएगा।
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शासन ने ऐसे भवनों को जमींदोज किए जाने का निर्णय लिया था जो बुरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। सर्वे हुआ तो 224 ऐसे भवन मिले जो बुरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। ऐसे भवनों को निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अलग से भवन का निर्माण भी करा दिया गया।
बीते दिनों पीडब्लूडी, सिंचाई विभाग व ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग की टीम ने स्थलीय सत्यापन प्रारंभ किया। प्रथम चरण में 66 भवनों की निलामी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें ढहाए जाने के लिए हरी झंडी दे दी गई। इनमें से छह विद्यालयों के भवन ढहाए जा चुके हैं।
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प्राथमिक विद्यालय ऊसरपुर, प्राथमिक विद्यालय डड़वा कला, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय अहलादे, प्राथमिक विद्यालय जोरियन कटुई, कूढ़ा मोहम्मदगढ़, पचाउख, भिटौरा उत्तर, दुधई, हाजीपुर खास, उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़ेपुर, प्राथमिक विद्यालय कटोहा गानेपुर, प्राथमिक विद्यालय बलुआबहादुरपुर, प्राथमिक विद्यालय नत्थूपुर लोधना, प्राथमिक विद्यालय ब्राहिमपुर, बड़ागांव प्रथम समेत 60 परिषदीय विद्यालयों के जर्जर भवन को ढहाए जाएंगे।
सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर प्रथम चरण में 66 विद्यालयों के जर्जर भवनों की निलामी की जा चुकी है। इनमें से भागलपुर, चितईपट्टी, कालेपुर महुवल, माउख, सतरही व उमरापुर मीनापुर विद्यालय के जर्जर भवन को गिराया जा चुका है। अब निलाम हो चुके 60 और भवनों को ढहाया जाएगा।
-केके सिंह, प्रभारी बीएसए
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परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शासन ने ऐसे भवनों को जमींदोज किए जाने का निर्णय लिया था जो बुरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। सर्वे हुआ तो 224 ऐसे भवन मिले जो बुरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। ऐसे भवनों को निष्प्रयोज्य घोषित कर दिया गया। इन विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अलग से भवन का निर्माण भी करा दिया गया।
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बीते दिनों पीडब्लूडी, सिंचाई विभाग व ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग की टीम ने स्थलीय सत्यापन प्रारंभ किया। प्रथम चरण में 66 भवनों की निलामी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें ढहाए जाने के लिए हरी झंडी दे दी गई। इनमें से छह विद्यालयों के भवन ढहाए जा चुके हैं।
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प्राथमिक विद्यालय ऊसरपुर, प्राथमिक विद्यालय डड़वा कला, कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय अहलादे, प्राथमिक विद्यालय जोरियन कटुई, कूढ़ा मोहम्मदगढ़, पचाउख, भिटौरा उत्तर, दुधई, हाजीपुर खास, उच्च प्राथमिक विद्यालय बड़ेपुर, प्राथमिक विद्यालय कटोहा गानेपुर, प्राथमिक विद्यालय बलुआबहादुरपुर, प्राथमिक विद्यालय नत्थूपुर लोधना, प्राथमिक विद्यालय ब्राहिमपुर, बड़ागांव प्रथम समेत 60 परिषदीय विद्यालयों के जर्जर भवन को ढहाए जाएंगे।
सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर प्रथम चरण में 66 विद्यालयों के जर्जर भवनों की निलामी की जा चुकी है। इनमें से भागलपुर, चितईपट्टी, कालेपुर महुवल, माउख, सतरही व उमरापुर मीनापुर विद्यालय के जर्जर भवन को गिराया जा चुका है। अब निलाम हो चुके 60 और भवनों को ढहाया जाएगा।
-केके सिंह, प्रभारी बीएसए