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198 प्राथमिक स्कूलों के जर्जर भवन होंगे ध्वस्त
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अंबेडकरनगर। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जर्जर होकर निष्प्रयोज्य पड़े 198 प्राथमिक विद्यालयों के भवनों को ध्वस्त किया जाएगा। इसके लिए बीएसए कार्यालय ने जरूरी प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। शासन के निर्देश पर संबंधित भवनों के मूल्यांकन के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। यह टीम संबंधित भवनों का स्थलीय निरीक्षण करेगी। टीम की रिपोर्ट के बाद बीएसए कार्यालय की ओर से ध्वस्तीकरण के लिए नीलामी की जाएगी। अधिक बोली लगाने वाली संस्था को ध्वस्तीकरण की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तमाम ऐसे प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनके पुराने भवन जर्जर हो चुके हैं। यह भवन पूरी तरह से निष्प्रयोज्य पड़े हुए हैं। अक्सर निष्प्रयोज्य पड़े ऐसे भवन दुर्घटना को दावत देते रहते हैं। ऐसे भवनों को ध्वस्त किए जाने की मांग लंबे समय से अभिभावकों व ग्रामीणों की ओर से की जाती रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए बीते दिनों बीएसए ने सभी एबीएसए से ऐसे जर्जर व निष्प्रयोज्य हो चुके भवनों की सूची उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया था। गत दिवस जो सूची बीएसए कार्यालय को उपलब्ध कराई गई थी, उसके अनुसार 198 प्राथमिक विद्यालयों के ऐसे भवन हैं, जो पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं और निष्प्रयोज्य पड़े हुए हैं। इसके बाद बीएसए कार्यालय ने संबंधित भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए शासन को पत्र भेजा गया।
बीएसए कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शासन ने संबंधित भवनों के मूल्यांकन के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। टीम में पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग व ग्रामीण अभियंत्रण के अधिशाषी अभियंता शामिल हैं। यह टीम संबंधित भवनों का स्थलीय जायजा लेगी। साथ ही उसका मूल्यांकन का निर्धारण करेगी। बताया गया कि इस संबंध में बीते दिन जिलाधिकारी के निर्देशानुसार टीम को पत्र भेजा गया है कि शीघ्र ही संबंधित भवनों का स्थलीय निरीक्षण कर उसके मूल्यांकन का निर्धारण करें, जिससे कि शीघ्र ही नीलामी प्रक्रिया निपटाने के बाद संबंधित भवनों को ध्वस्त किया जा सके।
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शीघ्र ही टीम करेगी स्थलीय निरीक्षण
शासन के निर्देशानुसार तीन सदस्यीय टीम का गठन हुआ है। बीते दिन जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित टीम को पत्र भेजकर कहा गया है कि शीघ्र ही भवन का स्थलीय निरीक्षण कर उसका मूल्यांकन तय करें, जिससे शीघ्र ही नीलामी कर भवन को ध्वस्त किया जा सके।
-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
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जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तमाम ऐसे प्राथमिक विद्यालय हैं, जिनके पुराने भवन जर्जर हो चुके हैं। यह भवन पूरी तरह से निष्प्रयोज्य पड़े हुए हैं। अक्सर निष्प्रयोज्य पड़े ऐसे भवन दुर्घटना को दावत देते रहते हैं। ऐसे भवनों को ध्वस्त किए जाने की मांग लंबे समय से अभिभावकों व ग्रामीणों की ओर से की जाती रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए बीते दिनों बीएसए ने सभी एबीएसए से ऐसे जर्जर व निष्प्रयोज्य हो चुके भवनों की सूची उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया था। गत दिवस जो सूची बीएसए कार्यालय को उपलब्ध कराई गई थी, उसके अनुसार 198 प्राथमिक विद्यालयों के ऐसे भवन हैं, जो पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं और निष्प्रयोज्य पड़े हुए हैं। इसके बाद बीएसए कार्यालय ने संबंधित भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए शासन को पत्र भेजा गया।
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बीएसए कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार शासन ने संबंधित भवनों के मूल्यांकन के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। टीम में पीडब्ल्यूडी, सिंचाई विभाग व ग्रामीण अभियंत्रण के अधिशाषी अभियंता शामिल हैं। यह टीम संबंधित भवनों का स्थलीय जायजा लेगी। साथ ही उसका मूल्यांकन का निर्धारण करेगी। बताया गया कि इस संबंध में बीते दिन जिलाधिकारी के निर्देशानुसार टीम को पत्र भेजा गया है कि शीघ्र ही संबंधित भवनों का स्थलीय निरीक्षण कर उसके मूल्यांकन का निर्धारण करें, जिससे कि शीघ्र ही नीलामी प्रक्रिया निपटाने के बाद संबंधित भवनों को ध्वस्त किया जा सके।
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शीघ्र ही टीम करेगी स्थलीय निरीक्षण
शासन के निर्देशानुसार तीन सदस्यीय टीम का गठन हुआ है। बीते दिन जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित टीम को पत्र भेजकर कहा गया है कि शीघ्र ही भवन का स्थलीय निरीक्षण कर उसका मूल्यांकन तय करें, जिससे शीघ्र ही नीलामी कर भवन को ध्वस्त किया जा सके।
-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए