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ग्लब्स व एप्रेन से लैस होकर मिड-डे मील परोसेंगे रसोइया
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अंबेडकरनगर। जिले के 1586 परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को ग्लब्स व एप्रेन से लैस होकर रसोइया भोजन परोसेंगे। स्कूल खुलने से पहले जिले के 4 हजार 983 रसोइयों को एप्रेन व ग्लब्स उपलब्ध हो सकें, इसके लिए शासन से जिले को 45 लाख 9 हजार 456 रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इससे शीघ्र ही रसोइयों को ग्लब्स व एप्रेन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इसके अलावा कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए प्रत्येक विद्यालय में छात्र-छात्राओं के लिए सैनिटाइजर व साबुन भी उपलब्ध कराया जाएगा।
कोरोना संकट के चलते बीते लगभग डेढ़ वर्ष से स्कूल व कॉलेज बंद चल रहे हैं। बीते दिनों लगभग ढाई माह तक विद्यालय खुले थे, लेकिन कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को देखते हुए एक बार फिर से स्कूल व कॉलेज बंद कर दिए गए थे। अभी भी विद्यालय बंद ही चल रहे हैं। अब जबकि कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से कमी आई है, तो इसे देखते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से एक-एक कर सभी सेक्टर खोले जाने लगे हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि शीघ्र ही स्कूल, कॉलेज व शिक्षण संस्थाएं भी खुल जाएंगी। आगामी दिनों में स्कूल खुलने को देखते हुए शासन ने जरूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं। परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं को स्कूल खुलने की दशा में कोरोना से बचाव के लिए जरूरी व्यवस्था तेज कर दी गई है।
तैयारियों के तहत अब परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं को रसोइया ग्लब्स व एप्रेन से लैस होकर भोजन परोसेंगे।
जिले के 1586 परिषदीय विद्यालयों में 2 लाख 6 हजार 988 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन्हें भोजन उपलब्ध कराने के लिए 4 हजार 983 रसोइयों की तैनाती है। रसोइयों को एप्रेन व ग्लब्स समय रहते मिल सकें, इसके लिए शासन से बीएसए कार्यालय को 45 लाख 9 हजार 456 रुपये उपलब्ध करा दिए गए हैं। बीएसए कार्यालय के अनुसार 19 लाख 93 हजार 200 रुपये एप्रेन के लिए, जबकि 25 लाख 16 हजार 256 रुपये ग्लब्स, सैनिटाइजर, साबुन, डिब्बा व अन्य सामग्रियों के लिए प्रयोग किया जाएगा।
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छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोर
बीएसए कार्यालय के अनुसार विद्यालय खुलने की दशा में छात्र-छात्राओं को कोरोना से बचाव पर विशेष जोर रहेगा। समय-समय पर उन्हें सैनिटाइज किया जाता रहे, इसके लिए सैनिटाइजर विद्यालय में उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा साबुन भी विद्यालय में मौजूद रहेगा, जिससे समय-समय पर छात्र-छात्राएं साबुन से हाथ धोते रहें। इसके अलावा रसोई गैस चूल्हे की भी विशेष साफ सफाई रखी जाएगी। खुले में कोई भी सामान नहीं रहेगा। सामग्रियों के रखरखाव के लिए डिब्बों की भी खरीदारी की जाएगी।
जल्द शुरू होगी खरीदारी
छात्र-छात्राओं को भोजन परोसने के लिए रसोइया पूरी तरह से ग्लब्स व एप्रेन से लैस रहेंगे। प्रत्येक रसोइया को दो-दो एप्रेन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा सैनिटाइजर, साबुन आदि की भी खरीदारी की जाएगी। कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर विशेष व्यवस्था की जाएगी। ग्लब्स व एप्रेन के लिए शासन से 45 लाख से अधिक की राशि मिली है। शीघ्र ही खरीदारी शुरू कर दी जाएगी।
-सत्यप्रकाश मौर्य, एमडीएम प्रभारी
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कोरोना संकट के चलते बीते लगभग डेढ़ वर्ष से स्कूल व कॉलेज बंद चल रहे हैं। बीते दिनों लगभग ढाई माह तक विद्यालय खुले थे, लेकिन कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर को देखते हुए एक बार फिर से स्कूल व कॉलेज बंद कर दिए गए थे। अभी भी विद्यालय बंद ही चल रहे हैं। अब जबकि कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से कमी आई है, तो इसे देखते हुए केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से एक-एक कर सभी सेक्टर खोले जाने लगे हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि शीघ्र ही स्कूल, कॉलेज व शिक्षण संस्थाएं भी खुल जाएंगी। आगामी दिनों में स्कूल खुलने को देखते हुए शासन ने जरूरी तैयारियां शुरू कर दी हैं। परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं को स्कूल खुलने की दशा में कोरोना से बचाव के लिए जरूरी व्यवस्था तेज कर दी गई है।
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तैयारियों के तहत अब परिषदीय विद्यालयों में पंजीकृत छात्र-छात्राओं को रसोइया ग्लब्स व एप्रेन से लैस होकर भोजन परोसेंगे।
जिले के 1586 परिषदीय विद्यालयों में 2 लाख 6 हजार 988 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। इन्हें भोजन उपलब्ध कराने के लिए 4 हजार 983 रसोइयों की तैनाती है। रसोइयों को एप्रेन व ग्लब्स समय रहते मिल सकें, इसके लिए शासन से बीएसए कार्यालय को 45 लाख 9 हजार 456 रुपये उपलब्ध करा दिए गए हैं। बीएसए कार्यालय के अनुसार 19 लाख 93 हजार 200 रुपये एप्रेन के लिए, जबकि 25 लाख 16 हजार 256 रुपये ग्लब्स, सैनिटाइजर, साबुन, डिब्बा व अन्य सामग्रियों के लिए प्रयोग किया जाएगा।
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छात्र-छात्राओं की सुरक्षा पर रहेगा विशेष जोर
बीएसए कार्यालय के अनुसार विद्यालय खुलने की दशा में छात्र-छात्राओं को कोरोना से बचाव पर विशेष जोर रहेगा। समय-समय पर उन्हें सैनिटाइज किया जाता रहे, इसके लिए सैनिटाइजर विद्यालय में उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा साबुन भी विद्यालय में मौजूद रहेगा, जिससे समय-समय पर छात्र-छात्राएं साबुन से हाथ धोते रहें। इसके अलावा रसोई गैस चूल्हे की भी विशेष साफ सफाई रखी जाएगी। खुले में कोई भी सामान नहीं रहेगा। सामग्रियों के रखरखाव के लिए डिब्बों की भी खरीदारी की जाएगी।
जल्द शुरू होगी खरीदारी
छात्र-छात्राओं को भोजन परोसने के लिए रसोइया पूरी तरह से ग्लब्स व एप्रेन से लैस रहेंगे। प्रत्येक रसोइया को दो-दो एप्रेन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा सैनिटाइजर, साबुन आदि की भी खरीदारी की जाएगी। कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर विशेष व्यवस्था की जाएगी। ग्लब्स व एप्रेन के लिए शासन से 45 लाख से अधिक की राशि मिली है। शीघ्र ही खरीदारी शुरू कर दी जाएगी।
-सत्यप्रकाश मौर्य, एमडीएम प्रभारी