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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   The body of the young couple arrived in the village, chaos

युवा दंपती का शव पहुंचते ही गांव में कोहराम

Mon, 21 Nov 2016 10:24 PM IST
अमर उजाला/अंबेडकरनगर
अमर उजाला/अंबेडकरनगर Updated Mon, 21 Nov 2016 10:24 PM IST
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रेल हादसे में जान गंवाने के बाद युवा दंपती का शव सोमवार दोपहर पलई कल्यानपुर गांव पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया। चारों तरफ चीख-पुकार का ही आलम था। महिलाओं के करुण क्रंदन से और भी लोगों की आंखें रह-रहकर नम हो जा रही थीं। बाद में दोनों शवों का टांडा के महादेवा घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। 
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इंदौर से अकबरपुर आ रहे पलई कल्यानपुर निवासी सोनू विश्वकर्मा (26) व उनकी पत्नी मालती (24) की रविवार तड़के पुखरायां स्टेशन के निकट हुए भयावह रेल हादसे में मौत हो गई थी। दोनों शवों का पोस्टमार्टम रविवार देर रात ही कानपुर में करा दिया गया।
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शव लेने के लिए गांव से कई लोग वहां पहुंच गए थे। आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने के बाद परिवारीजन शव लेकर सोमवार दोपहर पलई कल्यानपुर गांव पहुंचे। युवा पति-पत्नी का शव पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया। परिवारीजनों की चीख-पुकार के साथ ही गांव की तमाम महिलाएं व बच्चे भी इस विलाप में शामिल थे। दंपती का शव एक साथ रखा होने का दृश्य इतना भावुक था कि जिनकी भी निगाह इन पर पड़ रही थी, उनकी आंखें खुद ही नम हुई जा रही थीं।
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परिवारीजनों की चीख-पुकार पर वहां मौजूद बड़ी संख्या में लोगों की समझ में नहीं आ रहा था कि वह किस प्रकार नजदीक जाकर सांत्वना दें। हादसे में अपने एक बेटे व बहू को गंवा देने वाली श्यामा देवी रह-रहकर बेहोश हो जा रही थीं। उन्हें यह विश्वास भी नहीं हो पा रहा था कि उनका दूसरा घायल बेटा मोनू जीवित भी है। हालांकि उनकी मोनू से बात भी कराई गई लेकिन तब भी उन्हें लगा सदमा साफ दिखाई पड़  रहा था। कभी वह मोनू के लिए चीखती तो कभी अपनी पौत्री सृष्टि के लिए। बेटे व बहू का शव एक साथ देख वे बार-बार अपना सिर पीटकर मूर्छित हो जा रही थीं। 

कानपुर में इलाज करा रहे मोनू की पत्नी भी अपने जेठ व जेठानी का शव देख खुद पर नियंत्रण नहीं कर पा रही थी। गांव की महिलाओं ने उन्हें किसी तरह संभाला। एक तरफ पति की बेहतरी की चिंता तो दूसरी तरफ सामने पड़े दो शव देख उसकी आंखों के सामने अंधेरा छा जा रहा था। अन्य परिवारीजनों का भी हाल कुछ ऐसा ही था। बाद में दोनों शव को बड़ी तादाद में ग्रामीणों के साथ टांडा के महादेवा घाट ले जाकर सोमवार शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया।


 ट्रेन हादसे में दिवंगत हुए पलई कल्यानपुर निवासी फतेह बहादुर का शव भी सोमवार देर शाम अंबेडकरनगर पहुंच गया। उनका शव पहुंचते ही परिवारीजनों में रोना-पीटना मच गया। गौरतलब है कि वे 19 नवंबर को इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन से अकबरपुर आते समय 20 नवंबर की तड़के हुए रेल हादसे का शिकार हो गए थे। उनके शव की पहचान सोमवार भोर में हुई। इसके बाद वहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अपनाकर शव को यहां से गए परिवारीजनों के हवाले किया गया। रिश्तेदार संजय विश्वकर्मा ने बताया कि शव देर शाम गांव पहुंचा। शव पहुंचते ही फिर से गांव में चीख-पुकार का माहौल हो गया।
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