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फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र के चलते टेंडर प्रक्रिया निरस्त
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अंबेडकरनगर। फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र के जरिए बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में डेस्क व बेंच सप्लाई करने के लिए टेंडर लेना फर्म को भारी पड़ गया। सीडीओ की रिपोर्ट के बाद शासन ने पूरी टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने का निर्देश जारी कर दिया है। जिला स्तरीय कमेटी को निर्देशित किया कि पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा टेंडर प्रक्रिया कराई जाए। टेंडर प्रक्रिया में किसी प्रकार की मनमानी नहीं होनी चाहिए। फर्म के अभिलेखों की जांच गंभीरता से होनी चाहिए। सब कुछ सही पाए जाने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया को अग्रसारित किया जाए। इसके बाद डेस्क व बेंच आपूर्ति के समय गुणवत्ता का भी पूरा ख्याल रखा जाए। इसमें किसी प्रकार की हीलाहवाली होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शासन के निर्देश पर जिले के 271 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में डेस्क व बेंच आपूर्ति की जानी हैं। इसके लिए शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग को करीब 2 करोड़ रुपये की राशि भी मुहैया करा दी है। बीते दिनों विभाग की तरफ से इसके लिए टेंडर प्रक्रिया की गई। इसमें कई फर्मों ने अपना टेंडर डाला। झाबर ट्रेडर्स कंपनी को इसका टेंडर मिला। कंपनी द्वारा अनुभव प्रमाणपत्र दिया गया कि उसके द्वारा पूर्व में बरेली जनपद के जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में दो करोड़ रुपये से अधिक की फर्नीचर सप्लाई की गई है। इसके सत्यापन के दौरान अनुभव प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया।
इस पर सीडीओ ने शासन व शिक्षा निदेशालय को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया और टेंडर प्रक्रिया में शामिल हुए दूसरे नंबर की फर्म को टेंडर आवंटित करने की बात रखी। शासन ने मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए समूचे टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने का निर्देश दिया। कहा कि पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा टेंडर प्रक्रिया अपनायी जाए। शासन के निर्देश के बाद अब जिला स्तरीय कमेटी टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दोबारा टेंडर कराने की तैयारी में जुट गई है। हालांकि बीएसए के स्थानांतरण के चलते टेंडर प्रक्रिया नए सिरे से शुरू होने में समय लग रहा है। नए बीएसए की आईडी अभी जनरेट नहीं हो सकी है। बीएसए की आईडी बनने के साथ ही प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
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जल्द अपनाई जाएगी प्रक्रिया
अनियमितता पाए जाने के चलते पूर्व में आयोजित हुई टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया है। शासन के निर्देशानुसार जल्द ही दोबारा टेंडर प्रक्रिया अपनायी जाएगी। इसमें सभी मानकों का पूरी गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा। मानक पर खरा उतरने वाले फर्म को ही टेंडर आवंटित होगा।
- भोलेंद्र प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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शासन के निर्देश पर जिले के 271 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में डेस्क व बेंच आपूर्ति की जानी हैं। इसके लिए शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग को करीब 2 करोड़ रुपये की राशि भी मुहैया करा दी है। बीते दिनों विभाग की तरफ से इसके लिए टेंडर प्रक्रिया की गई। इसमें कई फर्मों ने अपना टेंडर डाला। झाबर ट्रेडर्स कंपनी को इसका टेंडर मिला। कंपनी द्वारा अनुभव प्रमाणपत्र दिया गया कि उसके द्वारा पूर्व में बरेली जनपद के जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में दो करोड़ रुपये से अधिक की फर्नीचर सप्लाई की गई है। इसके सत्यापन के दौरान अनुभव प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया।
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इस पर सीडीओ ने शासन व शिक्षा निदेशालय को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण से अवगत कराया और टेंडर प्रक्रिया में शामिल हुए दूसरे नंबर की फर्म को टेंडर आवंटित करने की बात रखी। शासन ने मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए समूचे टेंडर प्रक्रिया को निरस्त करने का निर्देश दिया। कहा कि पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा टेंडर प्रक्रिया अपनायी जाए। शासन के निर्देश के बाद अब जिला स्तरीय कमेटी टेंडर प्रक्रिया निरस्त कर दोबारा टेंडर कराने की तैयारी में जुट गई है। हालांकि बीएसए के स्थानांतरण के चलते टेंडर प्रक्रिया नए सिरे से शुरू होने में समय लग रहा है। नए बीएसए की आईडी अभी जनरेट नहीं हो सकी है। बीएसए की आईडी बनने के साथ ही प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
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जल्द अपनाई जाएगी प्रक्रिया
अनियमितता पाए जाने के चलते पूर्व में आयोजित हुई टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया है। शासन के निर्देशानुसार जल्द ही दोबारा टेंडर प्रक्रिया अपनायी जाएगी। इसमें सभी मानकों का पूरी गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा। मानक पर खरा उतरने वाले फर्म को ही टेंडर आवंटित होगा।
- भोलेंद्र प्रताप सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी