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लाकअप में शिक्षक ने काटा अपना गला

Wed, 09 Sep 2015 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ अंबेडकरनगर Updated Wed, 09 Sep 2015 10:57 PM IST
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माना जा रहा है कि शिक्षक होने के कारण उसने गिरफ्तारी से आहत होकर यह कदम उठाया। गला काटने से उसकी हालत गंभीर हो गई। आनन फानन में उसे इलाज के लिए पहले रामनगर सीएचसी ले जाया गया।
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इसके बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे टॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया। उधर परिवारीजनों ने थाने के विवेचक पर धारदार हथियार से हमला कर घायल करने का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत की है। एसपी पंकज ने पूरे मामले की जांच सीओ आलापुर को सौंप दी है।
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जानकारी के मुताबिक आलापुर पुलिस ने न्यायालय के वारंट के आधार पर नसीरपुर गांव निवासी अखिलेश यादव उर्फ जयजय (36) को बुधवार सुबह उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। वह काजीपुरा स्थित परिषदीय विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर कार्यरत हैं।
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बीते दिनों पुलिस थाने में की गई शिकायत के मुताबिक थाना क्षेत्र के नसीरपुर गांव निवासी बिपिन मिश्र पुत्र अनिल मिश्र ने वर्ष 2012 में अपने चाचा सभानरायन मिश्र के नाम से अपनी फोटो लगाकर फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनवा लिया था। इसके बाद बैंक आफ बड़ौदा रामनगर की शाखा से एक लाख 50 हजार रुपये का किसान क्रेडिट कार्ड बनवा लिया।

इस प्रक्रिया में गवाही के रूप में प्राथमिक विद्यालय काजीपुर में सहायक अध्यापक पद पर तैनात गांव निवासी अखिलेश यादव उर्फ जयजय व रामनगर महुवल गांव निवासी बजरंगी जायसवाल पुत्र रामनाथ जायसवाल ने हस्ताक्षर किए थे।

लगभग एक वर्ष बाद इसकी जानकारी सभानरायन को हुई तो उन्होंने पूरे मामले की शिकायत बैंक अधिकारियों को दी। जांच में मामला सही पाए जाने पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक अंजनी कुमार पांडेय की तहरीर पर आलापुर पुलिस ने बिपिन मिश्र, अखिलेश व बजरंगी के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी थी।

न्यायालय से गैरजमानती वारंट हासिल करने के बाद पुलिस तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए काफी दिनों से छापेमारी कर रही थी। इस बीच बुधवार सुबह लगभग साढ़े चार बजे मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर अखिलेश (37) पुत्र रामनरायन को गिरफ्तार कर लिया।

आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद छह बजे लगभग उसे थाने के लाकअप में डाल दिया गया। सुबह आठ बजे से नौ बजे तक परिवारीजन व कुछ लोग उससे मिलने आते रहे। पुलिस के मुताबिक उन सब के जाने के बाद लगभग सवा नौ बजे अखिलेश ने ब्लेड से अपना गला काट लिया।

इसकी जानकारी पुलिस कर्मियों को हुई तो उनमें हड़कंप मच गया। आननफानन में पुलिसकर्मियों ने उसे पहले रामनगर सीएचसी फिर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया।

उधर जय जय यादव के भाई श्रीनाथ का आरोप है कि मामले के विवेचक अवधेश सिंह यादव ने थाने के भीतर उनके भाई की पिटाई की और धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया। थाना प्रभारी बेचू सिंह यादव के मुताबिक अखिलेश को उससे मिलने आए परिजनों ने ही ब्लेड उपलब्ध करा दिया, जिससे उसने खुद को घायल कर लिया।

पुलिस द्वारा पिटाई या हमले की बात निराधार है। क्योंकि जब परिवारीजन व अन्य लोग मिलने आए थे, तब तक वह पूरी तरह ठीक था। सीओ राजेंद्र सिंह ने बताया कि अखिलेश ने पुलिस अभिरक्षा में घटना को अंजाम दिया है। इसकी छानबीन की जा रही है।

नसीरपुर निवासी अखिलेश यादव शिक्षक होने के साथ ही एक राजनैतिक दल से भी जुड़ा था। वह पूर्ण कालिक शिक्षक होने से पहले शिक्षामित्र के तौर पर कार्यरत था। उस दौरान वह शिक्षामित्र संघ का जिलाध्यक्ष भी था। चार पहिया वाहन रखने के साथ ही रौब दाब से रहने वाले अखिलेश का कई प्रभावशाली लोगों के बीच उठना बैठना था।

माना जा रहा है कि इस बीच दबिश देकर गिरफ्तारी के बाद थाने लाए जाने से उसने खुद को काफी अपमानित महसूस किया। इसके चलते ही उसने यह बड़ा कदम उठाया।

गला रेतने के बाद यह एक अहम सवाल बनकर उभरा है कि आखिर अखिलेश के बाद ब्लेड कहां से पहुंच गया। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी छापा मार कर की थी। ऐसे में उसके पास इतना सोचने समझने का वक्त नहीं था कि वह अपने साथ ब्लेड लेकर आता। साथ भी लाया होता तो थाने लाने के कुछ देर बाद ही घटना को अंजाम दे देता।

यह भी किसी के गले नहीं उतर रहा कि उसने अपने किसी परिवारीजन से ब्लेड मंगवाया रहा होगा। जाहिर तौर पर परिवार से इतर जो लोग मिलने आए थे, उन्हीं में से किसी ने अखिलेश को ब्लेड उपलब्ध कराया। अब यह पुलिस की जांच में ही साफ हो सकेगा कि उसे ब्लेड देने वाला व्यक्ति कौन था।


एसपी पंकज ने बताया कि घटना की जानकारी हुई है। उसे वारंट के आधार पर थाने लाया गया था। वहां उसने ब्लेड से खुद को घायल किया है। उसके पास ब्लेड किन परिस्थितियों में पहुंचा इसकी जांच कराई जा रही है। सीओ आलापुर को पूरे मामले की जांच दी गई है। रिपोर्ट के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
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