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वारिस प्रमाणपत्र पर शिक्षक व लेखपाल संघ आमने सामने
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आलापुर। स्थानीय तहसील क्षेत्र के उमरी भवानीपुर निवासी दिवंगत शिक्षक के संबंध प्रमाण पत्र का विवाद गहराता जा रहा है। प्रमाण पत्र जारी करने को लेकर अब शिक्षक संघ व लेखपाल संघ आमने सामने आ गए हैं। बढ़ते विवाद को खत्म कराने के लिए आलापुर तहसीलदार ने मामले में दखल देते हुए इसके न्यायोचित निस्तारण का भरोसा दिलाया है।
आलापुर तहसील क्षेत्र के उमरी भवानीपुर निवासी जयप्रकाश उपाध्याय जहांगीरगंज शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय लखनडीह में बतौर प्रधानाध्यापक कार्यरत थे। बीते 24 नवंबर 2020 को उनका निधन हो गया। उन्होंने दो विवाह किए थे। पहली पत्नी से कोई संतान न होने पर उन्होंने दूसरी शादी कर ली थी। ऐसे में अब उनके निधन के बाद शासन से मिलने वाले देयकों, पेंशन आदि के भुगतान के लिए विभाग वारिस के दस्तावेजों की मांग कर रहा है। ऐसे में दिवंगत शिक्षक की दूसरी पत्नी ने इसके लिए दावा प्रस्तुत किया परन्तु शिक्षा विभाग भुगतान के लिए राजस्व विभाग से निर्गत संबंध प्रमाण पत्र की मांग कर रहा है। राजस्वकर्मी संबंध प्रमाण पत्र में दोनों पत्नियों का उल्लेख करने की बात कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यदि संबंध प्रमाण पत्र में दोनों पत्नियों का उल्लेख हो जाएगा तो सरकार से मिलने वाली सुविधाओं से दूसरी पत्नी वंचित हो सकती है।
बीते 9 माह से मृतक की एक पत्नी मामले के निस्तारण को लेकर तहसील व विभाग का चक्कर काट रही है। इस बीच उसने शिक्षक संघ से भी मदद की गुहार लगायी है। शिक्षक संघ ने राजस्व विभाग पर संबंध प्रमाण पत्र में सिर्फ एक पत्नी का उल्लेख करने का दबाव बनाया तो राजस्व कर्मी ने हाथ खड़े कर दिए। शिक्षक संघ का कहना है कि जब पहली पत्नी किसी प्रकार की कोई आपत्ति अथवा दावा नही कर रही तो दूसरी पत्नी के पक्ष में प्रमाणपत्र देने में अड़ंगा लगाना उचित नहीं है। फिलहाल पूरा मामला निस्तारण के लिए तहसीलदार कोर्ट में लंबित है। इस संबंध में एसडीएम आलापुर धीरेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि इस मामले में विधि संगत कार्रवाई ही होगी। वारिस प्रमाण पत्र को लेकर किसी को दबाव बनाने या फिर गलत रिपोर्ट लगाने का अधिकार नही है।
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आलापुर तहसील क्षेत्र के उमरी भवानीपुर निवासी जयप्रकाश उपाध्याय जहांगीरगंज शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय लखनडीह में बतौर प्रधानाध्यापक कार्यरत थे। बीते 24 नवंबर 2020 को उनका निधन हो गया। उन्होंने दो विवाह किए थे। पहली पत्नी से कोई संतान न होने पर उन्होंने दूसरी शादी कर ली थी। ऐसे में अब उनके निधन के बाद शासन से मिलने वाले देयकों, पेंशन आदि के भुगतान के लिए विभाग वारिस के दस्तावेजों की मांग कर रहा है। ऐसे में दिवंगत शिक्षक की दूसरी पत्नी ने इसके लिए दावा प्रस्तुत किया परन्तु शिक्षा विभाग भुगतान के लिए राजस्व विभाग से निर्गत संबंध प्रमाण पत्र की मांग कर रहा है। राजस्वकर्मी संबंध प्रमाण पत्र में दोनों पत्नियों का उल्लेख करने की बात कर रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यदि संबंध प्रमाण पत्र में दोनों पत्नियों का उल्लेख हो जाएगा तो सरकार से मिलने वाली सुविधाओं से दूसरी पत्नी वंचित हो सकती है।
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बीते 9 माह से मृतक की एक पत्नी मामले के निस्तारण को लेकर तहसील व विभाग का चक्कर काट रही है। इस बीच उसने शिक्षक संघ से भी मदद की गुहार लगायी है। शिक्षक संघ ने राजस्व विभाग पर संबंध प्रमाण पत्र में सिर्फ एक पत्नी का उल्लेख करने का दबाव बनाया तो राजस्व कर्मी ने हाथ खड़े कर दिए। शिक्षक संघ का कहना है कि जब पहली पत्नी किसी प्रकार की कोई आपत्ति अथवा दावा नही कर रही तो दूसरी पत्नी के पक्ष में प्रमाणपत्र देने में अड़ंगा लगाना उचित नहीं है। फिलहाल पूरा मामला निस्तारण के लिए तहसीलदार कोर्ट में लंबित है। इस संबंध में एसडीएम आलापुर धीरेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि इस मामले में विधि संगत कार्रवाई ही होगी। वारिस प्रमाण पत्र को लेकर किसी को दबाव बनाने या फिर गलत रिपोर्ट लगाने का अधिकार नही है।
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