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85 हजार बच्चों को नहीं मिले स्वेटर
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अंबेडकरनगर। आधा दिसंबर बीतने को है। ठंड व गलन भी ठीकठाक होने लगी है, लेकिन जिले के 1873 परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे करीब 85 हजार बच्चों को अब तक स्वेटर नसीब नहीं हो पाए हैं। स्वेटर न मिलने से ठंड के बीच ठिठुरते हुए छात्र-छात्राओं को स्कूल जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। स्वेटर वितरण को लेकर शासन-प्रशासन कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पांच विकास खंडों में अब तक स्वेटर पहुंचे ही नहीं है। चार विकास खंडों में महज 32 हजार छात्र-छात्राओं को ही स्वेटर वितरण हो सका है।
परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को ठंड में किसी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए शासन ने नवंबर माह के अंत तक स्वेटर वितरण करने का निर्देश दिया था। वितरण में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए 165.50 रुपये की बोली लगाने वाली कार्यदायी संस्था, राजस्थान के हनुमानगढ़ की पीएस उद्योग को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। साथ ही नवंबर माह के अंत तक स्वेटर वितरण का निर्देश दिया गया था। जिले के 1873 परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे 1 लाख 16 हजार 171 छात्र-छात्राओं में स्वेटर वितरण किया जाना है।
बीएसए कार्यालय के लिपिक एचके मिश्र ने बताया कि रामनगर, भियांव, जहांगीरगंज, बसखारी व कटेहरी विकास खंड में अब तक स्वेटर नहीं पहुंच सके हैं। अकबरपुर, भीटी, टांडा व जलालपुर विकास खंड में चयनित संस्था द्वारा स्वेटर भेजे जा चुके हैं। जैसे-जैसे सत्यापन का काम हो रहा है, वैसे-वैसे छात्र-छात्राओं में वितरण किया जा रहा है। जिम्मेदार लोगों व चयनित संस्था की लापरवाही का ही नतीजा है कि 84 हजार 171 छात्र-छात्राओं में स्वेटर का वितरण नहीं किया जा सका है।
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करीब 32 हजार छात्र-छात्राओं को ही स्वेटर का वितरण किया जा सका है। स्वेटर उपलब्ध कराने को लेकर चयनित संस्था कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बसखारी विकास खंड में 17 हजार स्वेटर की जरूरत है, लेकिन छह हजार स्वेटर ही पहुंच सके हैं। सत्यापन के बाद इनका वितरण किया जा रहा है। इसी प्रकार जलालपुर में 20 हजार 928 स्वेटर के सापेक्ष 11 हजार 57 ही पहुंच सका। टांडा में भी स्वेटर पहुंचे तो हैं, लेकिन अब तक सत्यापन ही नहीं हो सका है।
स्वेटर उपलब्ध न होने से छात्र-छात्राओं को ठंड से ठिठुरते हुए विद्यालय जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। अकबरपुर के अभिभावक रामअजोर व संतोष ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लगता है कि ठंड का मौसम समाप्त होने के बाद ही छात्र-छात्राओं को स्वेटर मिलेगा। भीटी के हरीराम व राधेश्याम ने कहा कि स्वेटर तो आने की जानकारी हुई है, लेकिन अब तक सत्यापन न होने से छात्र-छात्राओं को स्वेटर नहीं मिल सका है। स्वेटर न मिलने से छात्र-छात्राओं को ठंड से ठिठुरते हुए विद्यालय जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए अविलंब स्वेटर का शत-प्रतिशत वितरण किया जाए।
सभी छात्र-छात्राओं में वितरण के लिए चयनित संस्था को पत्र भेजकर जल्द ही स्वेटर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जिन विकास खंडों में स्वेटर पहुंचा है, वहां सत्यापन का कार्य तेजी से चल रहा है। जैसे-जैसे सत्यापन होता जा रहा है, वैसे-वैसे वितरण भी किया जा रहा है।
- अतुल कुमार सिंह, बीएसए
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परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को ठंड में किसी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए शासन ने नवंबर माह के अंत तक स्वेटर वितरण करने का निर्देश दिया था। वितरण में किसी भी प्रकार की मुश्किल न हो, इसके लिए 165.50 रुपये की बोली लगाने वाली कार्यदायी संस्था, राजस्थान के हनुमानगढ़ की पीएस उद्योग को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। साथ ही नवंबर माह के अंत तक स्वेटर वितरण का निर्देश दिया गया था। जिले के 1873 परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे 1 लाख 16 हजार 171 छात्र-छात्राओं में स्वेटर वितरण किया जाना है।
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बीएसए कार्यालय के लिपिक एचके मिश्र ने बताया कि रामनगर, भियांव, जहांगीरगंज, बसखारी व कटेहरी विकास खंड में अब तक स्वेटर नहीं पहुंच सके हैं। अकबरपुर, भीटी, टांडा व जलालपुर विकास खंड में चयनित संस्था द्वारा स्वेटर भेजे जा चुके हैं। जैसे-जैसे सत्यापन का काम हो रहा है, वैसे-वैसे छात्र-छात्राओं में वितरण किया जा रहा है। जिम्मेदार लोगों व चयनित संस्था की लापरवाही का ही नतीजा है कि 84 हजार 171 छात्र-छात्राओं में स्वेटर का वितरण नहीं किया जा सका है।
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करीब 32 हजार छात्र-छात्राओं को ही स्वेटर का वितरण किया जा सका है। स्वेटर उपलब्ध कराने को लेकर चयनित संस्था कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बसखारी विकास खंड में 17 हजार स्वेटर की जरूरत है, लेकिन छह हजार स्वेटर ही पहुंच सके हैं। सत्यापन के बाद इनका वितरण किया जा रहा है। इसी प्रकार जलालपुर में 20 हजार 928 स्वेटर के सापेक्ष 11 हजार 57 ही पहुंच सका। टांडा में भी स्वेटर पहुंचे तो हैं, लेकिन अब तक सत्यापन ही नहीं हो सका है।
स्वेटर उपलब्ध न होने से छात्र-छात्राओं को ठंड से ठिठुरते हुए विद्यालय जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। अकबरपुर के अभिभावक रामअजोर व संतोष ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लगता है कि ठंड का मौसम समाप्त होने के बाद ही छात्र-छात्राओं को स्वेटर मिलेगा। भीटी के हरीराम व राधेश्याम ने कहा कि स्वेटर तो आने की जानकारी हुई है, लेकिन अब तक सत्यापन न होने से छात्र-छात्राओं को स्वेटर नहीं मिल सका है। स्वेटर न मिलने से छात्र-छात्राओं को ठंड से ठिठुरते हुए विद्यालय जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए अविलंब स्वेटर का शत-प्रतिशत वितरण किया जाए।
सभी छात्र-छात्राओं में वितरण के लिए चयनित संस्था को पत्र भेजकर जल्द ही स्वेटर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। जिन विकास खंडों में स्वेटर पहुंचा है, वहां सत्यापन का कार्य तेजी से चल रहा है। जैसे-जैसे सत्यापन होता जा रहा है, वैसे-वैसे वितरण भी किया जा रहा है।
- अतुल कुमार सिंह, बीएसए