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Ambedkar Nagar News: अंगूठे की जगह थामी कलम, नौ हजार वयस्कों ने दी साक्षरता परीक्षा
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रविवार को घूंघट की ओट से परीक्षा देती महिलाएं। विभाग
अंबेडकरनगर। उम्र पढ़ाई की राह में भले ही बाधा बनी रही, लेकिन सीखने की चाह अब भी कायम है। जिले के करीब नौ हजार वयस्कों ने रविवार को कलम थामकर परीक्षा दी। इनमें करीब पांच हजार महिलाएं शामिल रहीं। कभी दस्तावेजों पर अंगूठा लगाने को मजबूर रहे इन वयस्कों में किसी ने उम्र के इस पड़ाव पर पहली बार अपना नाम लिखने का प्रयास किया तो किसी ने जोड़-घटाव के जरिए बुनियादी गणितीय समझ परखी। उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले के 1,583 केंद्रों पर मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता मूल्यांकन परीक्षा कराई गई।
परीक्षा में ऐसे वयस्क भी शामिल हुए, जो बचपन में किसी कारण से स्कूल नहीं जा सके थे। साक्षरता केंद्रों के माध्यम से अब उन्हें पढ़ने-लिखने के साथ रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा बुनियादी ज्ञान दिया जा रहा है। परीक्षा के जरिए इन्हीं कौशलों का आकलन किया गया।
हंसवर संवाद के अनुसार बसखारी ब्लॉक के तिलकारपुर, पृथ्वीपुर, नौरहनी रामपुर समेत अन्य प्राथमिक विद्यालयों में बुजुर्ग महिलाओं समेत अन्य महिलाएं और पुरुष परीक्षा देते नजर आए। बीईओ शैलजा मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र में 374 लोग पंजीकृत थे, जिनमें से 360 ने परीक्षा दी।
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शिक्षकों ने संभाली केंद्रों की जिम्मेदारी
परीक्षा के लिए शिक्षकों की कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी लगाई गई थी। खंड शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रेरकों और विभागीय कर्मचारियों ने परीक्षार्थियों को आवश्यक सहयोग दिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. पूनम मिश्रा ने बताया कि उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य उन वयस्कों को साक्षर बनाना है, जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए। जिला समन्वयक किरण सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के तहत वयस्कों को पढ़ने-लिखने के साथ दैनिक जीवन में उपयोगी बुनियादी ज्ञान और कौशल से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।
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परीक्षा में ऐसे वयस्क भी शामिल हुए, जो बचपन में किसी कारण से स्कूल नहीं जा सके थे। साक्षरता केंद्रों के माध्यम से अब उन्हें पढ़ने-लिखने के साथ रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ा बुनियादी ज्ञान दिया जा रहा है। परीक्षा के जरिए इन्हीं कौशलों का आकलन किया गया।
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हंसवर संवाद के अनुसार बसखारी ब्लॉक के तिलकारपुर, पृथ्वीपुर, नौरहनी रामपुर समेत अन्य प्राथमिक विद्यालयों में बुजुर्ग महिलाओं समेत अन्य महिलाएं और पुरुष परीक्षा देते नजर आए। बीईओ शैलजा मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र में 374 लोग पंजीकृत थे, जिनमें से 360 ने परीक्षा दी।
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शिक्षकों ने संभाली केंद्रों की जिम्मेदारी
परीक्षा के लिए शिक्षकों की कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी लगाई गई थी। खंड शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रेरकों और विभागीय कर्मचारियों ने परीक्षार्थियों को आवश्यक सहयोग दिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. पूनम मिश्रा ने बताया कि उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य उन वयस्कों को साक्षर बनाना है, जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए। जिला समन्वयक किरण सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के तहत वयस्कों को पढ़ने-लिखने के साथ दैनिक जीवन में उपयोगी बुनियादी ज्ञान और कौशल से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है।