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Ambedkar Nagar News: स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू हों
Fri, 25 Jul 2025 11:15 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 25 Jul 2025 11:15 PM IST
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अंबेडकरनगर। भारतीय किसान यूनियन (किसान) ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट के निकट अंबेडकरनगर प्रतिमा परिसर में आयोजित मासिक बैठक में किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित 19 सूत्री मांगपत्र उपजिलाधिकारी अकबरपुर के माध्यम से सौंपा। बैठक में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) गारंटी कानून को तत्काल लागू करने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, किसानों के लिए अलग आयोग के गठन और मुफ्त बिजली योजना शुरू करने की मांग की गई।
जिलाध्यक्ष हजारी बाबा ने कहा कि ट्यूबवेलों पर बिजली मीटर लगाना बंद किया जाए और घरेलू दरों में राहत दी जाए। छुट्टा पशुओं की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए पंचायत स्तर पर अस्थायी गोशालाएं बनाने और किसान सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। छोटी जोत के किसानों के लिए विशेष योजना, ब्याजमुक्त ऋण, कम ब्याज दर पर किसान क्रेडिट कार्ड तथा पांच वर्षों की अवधि निर्धारित करने की मांग रखी गई।
किसानों के लिए स्वास्थ्य बीमा, बच्चों की शिक्षा व्यवस्था, उर्वरक व बीज पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे खातों में भेजने, नदियों को जोड़ने की योजना के विस्तार तथा सोलर रूफटॉप योजना के लिए सब्सिडी देने की मांग की गई। मंडी व्यवस्था सुदृढ़ कर नगदी फसलों की खरीद को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया।
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वहीं डब्ल्यूटीओ से कृषि क्षेत्र को बाहर करने, एनजीटी नियमों में ढील, कृषि यंत्रों पर छूट और लहसुन बाजार में चाइनीज उत्पादों पर रोक की मांग उठाई गई। संगठन ने मांगें पूरी न होने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार करने की चेतावनी दी।
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जिलाध्यक्ष हजारी बाबा ने कहा कि ट्यूबवेलों पर बिजली मीटर लगाना बंद किया जाए और घरेलू दरों में राहत दी जाए। छुट्टा पशुओं की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए पंचायत स्तर पर अस्थायी गोशालाएं बनाने और किसान सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई। छोटी जोत के किसानों के लिए विशेष योजना, ब्याजमुक्त ऋण, कम ब्याज दर पर किसान क्रेडिट कार्ड तथा पांच वर्षों की अवधि निर्धारित करने की मांग रखी गई।
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किसानों के लिए स्वास्थ्य बीमा, बच्चों की शिक्षा व्यवस्था, उर्वरक व बीज पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे खातों में भेजने, नदियों को जोड़ने की योजना के विस्तार तथा सोलर रूफटॉप योजना के लिए सब्सिडी देने की मांग की गई। मंडी व्यवस्था सुदृढ़ कर नगदी फसलों की खरीद को प्रोत्साहित करने पर भी बल दिया गया।
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वहीं डब्ल्यूटीओ से कृषि क्षेत्र को बाहर करने, एनजीटी नियमों में ढील, कृषि यंत्रों पर छूट और लहसुन बाजार में चाइनीज उत्पादों पर रोक की मांग उठाई गई। संगठन ने मांगें पूरी न होने पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार करने की चेतावनी दी।