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सरयू की बाढ़ में घिरे माझा के तीन गांव

Thu, 21 Jul 2016 11:56 PM IST
अंबेडकरनगर
अंबेडकरनगर Updated Thu, 21 Jul 2016 11:56 PM IST
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surrounded three villages in the flood
अंबेडकरनगर के टांडा में उफनाई सरयू नदी। - फोटो : अमर उजाला
उफनाई सरयू नदी के बढ़ते कहर ने माझा क्षेत्र के तीन गांवों को अपनी चपेट में ले लिया है। हालांकि अभी बाढ़ का पानी गांवों के अंदर नहीं पहुंचा, लेकिन चारों से घिर जाने के चलते संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों के समक्ष विभिन्न प्रकार की समस्याएं खड़ी हो रही हैं।
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आवागमन बाधित होने से एक तरफ जहां छात्र-छात्राओं को विद्यालय जाने में समस्या खड़ी हो रही है, वहीं पशुओं के चारे के लिए मुश्किल हो गई है। रोजगार के लिए ग्रामीण जैसे-तैसे गांवों से बाहर निकल पा रहे हैं।
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जिस प्रकार से जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है, उससे शीघ्र ही बाढ़ का पानी संबंधित पुरवों में रह रहे लोगों के घरों तक पहुंचने की संभावना है। प्रति घंटा बढ़ रहा आधा सेमी जलस्तर गुरुवार शाम चार बजे 93.03 मीटर दर्ज किया गया, जो कि खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से 30 सेमी ऊपर है। 
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पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश व नेपाल द्वारा छोड़े गए पानी से सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। बीते तीन दिनों से जलस्तर खतरे के लाल निशान से ऊपर पहुंच गया। आधा सेमी प्रति घंटा की रफ्तार से बढ़ रहे जलस्तर के चलते गुरुवार शाम चार सरयू नदी का जलस्तर 93.03 मीटर दर्ज किया गया, जो कि खतरे के लाल निशान 92.30 मीटर से 30 सेमी ऊपर है।

जलस्तर में हो रही वृद्धि के चलते उफनाई सरयू नदी के पानी ने माझा उलटहवा के तीन मजरे दिलशेर का पुरवा, बाबूराम का पुरवा व माझा कला को अपनी चपेट में ले लिया। तीनों गांव मौजूदा समय में चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिर चुके हैं।

इससे इन पुरवों में रह रहे लगभग 500 ग्रामीण प्रभावित हो रहे हैं। बाढ़ का पानी नाले नालियों से होता हुआ पुरवे की गलियों में पहुंचने को आतुर है। पुरवों के बाढ़ से घिर जाने की सबसे बड़ी मुश्किल छात्र-छात्राओं के समक्ष खड़ी हो रही है। इसके अलावा पशुओं के चारे का संकट खड़ा हो गया है।

अधिकतर ग्रामीण अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर भेजने लगे हैं। साथ ही वे स्वयं भी सुरक्षित स्थानों पर जाने की कोशिश में लग गए हैं। साथ ही रोजगार के लिए टांडा व अन्य क्षेत्रों में जाने वाले लोगों को भी विभिन्न समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।


बाढ़ प्रखंड के अवर अभियंता चिंतामणि शर्मा ने बताया कि प्रति घंटा आधा सेमी जलस्तर में वृद्धि हो रही है। इसके अलावा माझा उलटहवा, माझा चिंतौरा, माझा इस्माइलपुर बेलदहा, माझा अवसानपुर समेत एक दर्जन गांवों के साथ-साथ आधा दर्जन मोहल्लों नेहरूनगर, छज्जापुर, कश्मीरिया आदि क्षेत्रों में भी बाढ़ का पानी पहुंचने को आतुर है। 
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