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आंधी व तेज बारिश का कहर, बुजुर्ग की मौत, चार घायल
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अंबेडकरनगर के दुल्हूपुर में तेज आंधी के बीच इस तरह से टूटकर टुकड़ों में बट गया टीनशेड(
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। अचानक बदले मौसम के मिजाज के बाद आई तेज आंधी व बारिश ने जमकर कहर बरपाया। इसकी चपेट में आकर बड़ी संख्या में मकानों के टीनशेड व छप्पर उड़ गए जबकि सैकड़ों पेड़ भी धराशायी होकर सड़कों पर गिर गए। इस दौरान भीटी थाना क्षेत्र के तिवारी सबना के मजरे ऊधनपुर गांव में कच्चा मकान गिरने से उसमें दबकर एक वृद्ध की मौत हो गई जबकि अलग अलग थाना क्षेत्र में चार लोग घायल भी हुए। आंधी पानी के प्रकोप से जगह जगह बिजली की सप्लाई लाइन टूटने व खंभे गिरने के कारण शहरी व ग्रामीण इलाकों में घंटों बिजली आपूर्ति ठप रहने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आंधी पानी से तापमान में आयी गिरावट के कारण बीते कई दिनों से भीषण गर्मी से परेशान लोगों को कुछ हद तक राहत जरूर मिली लेकिन नुकसान भी काफी हुआ। तेज आंधी से सौ से अधिक मकानों के टीनशेड व छप्पर उड़ने के साथ ही एक दर्जन से अधिक कच्चे मकान भी ढह गए। इससे पशु आश्रय स्थलों समेत कई राइस मिलों व, ईट भट्ठा समेत अन्य प्रतिष्ठानों को भी काफी नुकसान पहुंचा।
भीटी थाना क्षेत्र के सबना तिवारीपुर के ऊधनपुर गांव में तेज आंधी के कारण कच्चा घर बांस कोठ गिरने से ढह गया। इसके मलबे में दबकर श्रीराम (68) की मौत हो गई। बसखारी थाना क्षेत्र के बेलापरसा गांव में कच्चे घर पर पेड़ गिरने से उसमें सो रहे दंपती अंबुज (30) व उसकी पत्नी कुसुम (28) घायल हो गए जबकि सम्मनपुर थाना क्षेत्र के सम्मनपुर में टीन शेड के उड़ने से उसकी चपेट में आकर फैसल खान की 11 वर्षीय पुत्री अल्फिया घायल हो गई। इसी तरह अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के भुईधर राजभर (55) भी छप्परनुमा घर के ढहने से गंभीर रूप से घायल हो गए।
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दस घंटे ठप रहा सीएचसी में प्रवेश
आंधी के साथ हुई तेज बारिश के बीच सीएचसी भीटी के गेट पर आम का विशालकाय पेड़ धराशायी हो गया। सीएचसी मुख्य गेट पर ही पेड़ गिरने से अस्पताल के अंदर जाने व बाहर निकलने का मार्ग अवरुद्ध हो जाने से आवागमन पूरी तरह से ठप पड़ गया। अंदर की एंबुलेंस अंदर ही रह गई। जो एंबुलेंस बाहर थीं, वह अंदर नहीं जा सकीं। काफी मशक्कत के बाद पेड़ के बड़े हिस्से को दोपहर बाद सीएचसी गेट से हटाने पर ही आवागमन शुरू हो पाया।
पांच से दस घंटा तक गुल रही बिजली
आंधी के साथ हुई बारिश की चपेट में आकर कई पेड़ उखड़ कर बिजली की सप्लाई लाइन पर गिरने, जर्जर तार टूटने व बिजली पोल उखड़ने से शहरी व ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही। फाल्ट के चलते पांच से दस घंटे तक बिजली गुल रहने से सभी को परेशानी झेलना पड़ी। शहजादपुर चौक तथा पुराने तहसील तिराहे पर पेड़ गिरने से तार बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हो गए। अकबरपुर से मरैला तथा अकबरपुर से सैदापुर जाने वाले मार्ग पर तमाम खंभे व तार गिर पड़े। आदमपुर तिंदौली गांव में 10 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगा विद्युत खंभा तेज आंधी में ढह गया। रुस्तमपुर गांव के निकट हाईटेंशन लाइन खंभा क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर ही गिर पड़ा। इससे न सिर्फ संबंधित क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति हुई, बल्कि आवागमन भी प्रभावित हुआ। इसके अलावा जलालपुर, भीटी, कटेहरी, टांडा, हजपुरा समेत कई कई अन्य क्षेत्रों में विद्युत खंभे व तार के क्षतिग्रस्त होने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई।
जिला मुख्यालय के कुछ क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति तो दोपहर तक बहाल हो गयी लेकिन मरैला उपकेंद्र से आने वाली बिजली देर शाम तक उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाई। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का भी रहा। ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार देर शाम तक विद्युत आपूर्ति बहाल न होने से अंधेरा छाया दिखा।
भट्ठा संचालकों की बढ़ी चिंता
गुरुवार भोर में आई तेज आंधी के साथ हुई बारिश ने ईट भट्ठा संचालकों की परेशानी और बढ़ा दी है। पहले से ही जीएसटी के दायरे में आने की परेशानी से जूझ रहे ईट भट्ठा संचालकों ने इस बेमौसम बारिश से कच्ची ईंटें खराब हो जाने की बात कही। ईंट भट्ठा संचालक अमित कुमार ने बताया कि बारिश के चलते पथाई कर रखे गए कच्ची ईंट गल गए। इससे लाखों की चपत लगी है। इसकी भरपाई कर पाना मुश्किल दिखता है।
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आंधी पानी से तापमान में आयी गिरावट के कारण बीते कई दिनों से भीषण गर्मी से परेशान लोगों को कुछ हद तक राहत जरूर मिली लेकिन नुकसान भी काफी हुआ। तेज आंधी से सौ से अधिक मकानों के टीनशेड व छप्पर उड़ने के साथ ही एक दर्जन से अधिक कच्चे मकान भी ढह गए। इससे पशु आश्रय स्थलों समेत कई राइस मिलों व, ईट भट्ठा समेत अन्य प्रतिष्ठानों को भी काफी नुकसान पहुंचा।
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भीटी थाना क्षेत्र के सबना तिवारीपुर के ऊधनपुर गांव में तेज आंधी के कारण कच्चा घर बांस कोठ गिरने से ढह गया। इसके मलबे में दबकर श्रीराम (68) की मौत हो गई। बसखारी थाना क्षेत्र के बेलापरसा गांव में कच्चे घर पर पेड़ गिरने से उसमें सो रहे दंपती अंबुज (30) व उसकी पत्नी कुसुम (28) घायल हो गए जबकि सम्मनपुर थाना क्षेत्र के सम्मनपुर में टीन शेड के उड़ने से उसकी चपेट में आकर फैसल खान की 11 वर्षीय पुत्री अल्फिया घायल हो गई। इसी तरह अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के भुईधर राजभर (55) भी छप्परनुमा घर के ढहने से गंभीर रूप से घायल हो गए।
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दस घंटे ठप रहा सीएचसी में प्रवेश
आंधी के साथ हुई तेज बारिश के बीच सीएचसी भीटी के गेट पर आम का विशालकाय पेड़ धराशायी हो गया। सीएचसी मुख्य गेट पर ही पेड़ गिरने से अस्पताल के अंदर जाने व बाहर निकलने का मार्ग अवरुद्ध हो जाने से आवागमन पूरी तरह से ठप पड़ गया। अंदर की एंबुलेंस अंदर ही रह गई। जो एंबुलेंस बाहर थीं, वह अंदर नहीं जा सकीं। काफी मशक्कत के बाद पेड़ के बड़े हिस्से को दोपहर बाद सीएचसी गेट से हटाने पर ही आवागमन शुरू हो पाया।
पांच से दस घंटा तक गुल रही बिजली
आंधी के साथ हुई बारिश की चपेट में आकर कई पेड़ उखड़ कर बिजली की सप्लाई लाइन पर गिरने, जर्जर तार टूटने व बिजली पोल उखड़ने से शहरी व ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही। फाल्ट के चलते पांच से दस घंटे तक बिजली गुल रहने से सभी को परेशानी झेलना पड़ी। शहजादपुर चौक तथा पुराने तहसील तिराहे पर पेड़ गिरने से तार बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हो गए। अकबरपुर से मरैला तथा अकबरपुर से सैदापुर जाने वाले मार्ग पर तमाम खंभे व तार गिर पड़े। आदमपुर तिंदौली गांव में 10 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर लगा विद्युत खंभा तेज आंधी में ढह गया। रुस्तमपुर गांव के निकट हाईटेंशन लाइन खंभा क्षतिग्रस्त होकर सड़क पर ही गिर पड़ा। इससे न सिर्फ संबंधित क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति हुई, बल्कि आवागमन भी प्रभावित हुआ। इसके अलावा जलालपुर, भीटी, कटेहरी, टांडा, हजपुरा समेत कई कई अन्य क्षेत्रों में विद्युत खंभे व तार के क्षतिग्रस्त होने से विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई।
जिला मुख्यालय के कुछ क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति तो दोपहर तक बहाल हो गयी लेकिन मरैला उपकेंद्र से आने वाली बिजली देर शाम तक उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाई। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का भी रहा। ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार देर शाम तक विद्युत आपूर्ति बहाल न होने से अंधेरा छाया दिखा।
भट्ठा संचालकों की बढ़ी चिंता
गुरुवार भोर में आई तेज आंधी के साथ हुई बारिश ने ईट भट्ठा संचालकों की परेशानी और बढ़ा दी है। पहले से ही जीएसटी के दायरे में आने की परेशानी से जूझ रहे ईट भट्ठा संचालकों ने इस बेमौसम बारिश से कच्ची ईंटें खराब हो जाने की बात कही। ईंट भट्ठा संचालक अमित कुमार ने बताया कि बारिश के चलते पथाई कर रखे गए कच्ची ईंट गल गए। इससे लाखों की चपत लगी है। इसकी भरपाई कर पाना मुश्किल दिखता है।