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Ambedkar Nagar News: मतदाता सूची पुनरीक्षण में सुस्ती, कई गांवों में नहीं पहुंचे बीएलओ
Sun, 14 Sep 2025 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sun, 14 Sep 2025 11:55 PM IST
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अंबेडकरनगर। जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों के तहत चल रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य की रफ्तार बेहद धीमी है। बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) को घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करना है, लेकिन कई गांवों में अब तक वे पहुंचे ही नहीं हैं। यही वजह है कि अब तक सिर्फ 30 हजार प्रविष्टियां ही बीएलओ एप पर दर्ज हो सकी हैं।
आधिकारिक निर्देशों के अनुसार बीएलओ को प्रत्येक घर जाकर प्रत्यक्ष सत्यापन करना है ताकि मतदाता सूची अद्यतन और त्रुटिरहित हो। लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। कई गांवों में बीएलओ हफ्तों से नहीं पहुंचे हैं। कुछ स्थानों पर वे केवल औपचारिकता निभाते हुए ग्राम प्रधानों से नाम और विवरण इकट्ठा कर रहे हैं, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इस लापरवाही का सीधा असर पंचायत चुनाव की तैयारियों पर पड़ रहा है। जहां प्रत्याशी पहले से सक्रिय हो चुके हैं, वहीं अधूरी मतदाता सूची कई स्तर पर अड़चनें पैदा कर सकती है। प्रशासन ने बीएलओ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं, फिर भी अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि बीएलओ निर्धारित समय पर गांव नहीं पहुंचते। कई लोग बताते हैं कि बीएलओ सप्ताह में केवल एक दिन ही नजर आते हैं, बाकी दिनों में वे पूरी तरह गायब रहते हैं। इससे नए नाम जोड़ने और पुराने हटाने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। यदि आने वाले दिनों में रफ्तार नहीं बढ़ी, तो समयसीमा में कार्य पूरा करना प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है।
ग्रामीणों को न जानकारी, न बीएलओ का दर्शन
फोटो - 9
जलालपुर, सोहगूपुर। स्थानीय निवासी अलाउद्दीन ने बताया कि पंचायत चुनाव को लेकर मतदाता सूची संशोधन कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन इसकी कोई जानकारी उन्हें नहीं मिली। अब तक न तो बीएलओ उनके घर आए और न ही गांव में कोई सूचना दी गई। सत्यापन से जुड़ा कोई फॉर्म भी नहीं भरा गया।
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फोटो 10
जलालपुर, भवानीपट्टी निवासी अरविंद यादव ने कहा कि गांव में अभियान को लेकर कोई ठोस सूचना नहीं दी गई है। बीएलओ कभी उनके घर नहीं आए और न ही किसी तरह का सत्यापन हुआ। उनका कहना है कि यह पूरा अभियान सिर्फ कागज़ों तक सीमित रह गया है। ग्रामीण इससे पूरी तरह अनजान हैं।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
जिन बीएलओ की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी को नियमित रूप से घर-घर जाकर सत्यापन करना अनिवार्य है
डॉ. महेश चंद्र द्विवेदी, सहायक पंचायत निर्वाचन अधिकारी
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आधिकारिक निर्देशों के अनुसार बीएलओ को प्रत्येक घर जाकर प्रत्यक्ष सत्यापन करना है ताकि मतदाता सूची अद्यतन और त्रुटिरहित हो। लेकिन ज़मीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। कई गांवों में बीएलओ हफ्तों से नहीं पहुंचे हैं। कुछ स्थानों पर वे केवल औपचारिकता निभाते हुए ग्राम प्रधानों से नाम और विवरण इकट्ठा कर रहे हैं, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इस लापरवाही का सीधा असर पंचायत चुनाव की तैयारियों पर पड़ रहा है। जहां प्रत्याशी पहले से सक्रिय हो चुके हैं, वहीं अधूरी मतदाता सूची कई स्तर पर अड़चनें पैदा कर सकती है। प्रशासन ने बीएलओ को स्पष्ट निर्देश दिए हैं, फिर भी अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि बीएलओ निर्धारित समय पर गांव नहीं पहुंचते। कई लोग बताते हैं कि बीएलओ सप्ताह में केवल एक दिन ही नजर आते हैं, बाकी दिनों में वे पूरी तरह गायब रहते हैं। इससे नए नाम जोड़ने और पुराने हटाने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। यदि आने वाले दिनों में रफ्तार नहीं बढ़ी, तो समयसीमा में कार्य पूरा करना प्रशासन के लिए चुनौती बन सकता है।
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ग्रामीणों को न जानकारी, न बीएलओ का दर्शन
फोटो - 9
जलालपुर, सोहगूपुर। स्थानीय निवासी अलाउद्दीन ने बताया कि पंचायत चुनाव को लेकर मतदाता सूची संशोधन कार्य शुरू हो चुका है, लेकिन इसकी कोई जानकारी उन्हें नहीं मिली। अब तक न तो बीएलओ उनके घर आए और न ही गांव में कोई सूचना दी गई। सत्यापन से जुड़ा कोई फॉर्म भी नहीं भरा गया।
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जलालपुर, भवानीपट्टी निवासी अरविंद यादव ने कहा कि गांव में अभियान को लेकर कोई ठोस सूचना नहीं दी गई है। बीएलओ कभी उनके घर नहीं आए और न ही किसी तरह का सत्यापन हुआ। उनका कहना है कि यह पूरा अभियान सिर्फ कागज़ों तक सीमित रह गया है। ग्रामीण इससे पूरी तरह अनजान हैं।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
जिन बीएलओ की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी को नियमित रूप से घर-घर जाकर सत्यापन करना अनिवार्य है
डॉ. महेश चंद्र द्विवेदी, सहायक पंचायत निर्वाचन अधिकारी