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बहनों ने भाइयों की कलाई पर बांधी स्नेह की डोर
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अंबेडकरनगर के रोहनपारा में भाईयों को राखी बांधने के बाद आरती उतारतीं बहनें।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। जिले में बीते दिन रक्षाबंधन का पर्व उल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों के हाथों में राखी बांधी और आरती उतारी। भाइयों ने बहनों को उपहार देने के साथ ही उनके मान व सम्मान को जीवनभर बनाए रखने का संकल्प दोहराया। रक्षाबंधन को लेकर घरों व बाजारों में खासा उल्लास देखने को मिला। बाजारों में भीड़ दिखी। राखी की दुकानों के साथ ही मिष्ठान की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखी। रक्षाबंधन पर्व के मौके पर एक तरफ जहां सरकार से महिलाओं को निशुल्क रोडवेज से यात्रा का लाभ मिला तो वहीं डाकिया भी मुस्तैद नजर आए। रक्षाबंधन के दिन अवकाश होने के बावजूद गांवों में डाकिया क्षेत्रों से रक्षाबंधन का वितरण करते दिख। सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन काफी सक्रिय रहा।
भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व जिले में रविवार को उल्लास से मना। कोई अपनी बहन के घर पहुंचा तो कोई बहन अपने भाई के घर पहुंची। इससे पूरे दिन सड़कों पर लोगों का आवागमन होता रहा। बाजारों में भी रौनक देखने को मिली। लोगों ने राखी व मिठाई की खरीदारी की। बारिश ने कई बार दुकानदारों की चिंता भी बढ़ाई, लेकिन इसका कोई खास असर रक्षाबंधन पर्व के उत्साह पर नहीं दिखा।
अकबरपुर नगर से सटे बरधा भिउरा में तान्या सिंह ने अपने भाई सूर्यांश व रुद्रांश को राखी बांधी और मिठाई खिलाकर आरती उतारी। मनु व अदिति सिंह ने भाई अस्मित व सूर्यांश को, सौम्या ने भाई शक्ति को राखी बांधी। रक्षाबंधन को लेकर बच्चों में खासा उल्लास दिखा। इसी तरह अन्य गांवों व शहरों में बहनों ने भाइयों के हाथों में राखी बांधी और मुंह मीठा कराया। भाइयों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार उपहार भी भेंट किया। रोहनपारा गांव में शिवांगी, आकांक्षा, अनवी आदि ने अपने भाई सिद्घांत, शशांक व शिवांश को राखी बांधी और मुंह मीठा कराया।
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रक्षाबंधन पर्व के मौके पर जहां परिवहन सेवा से जुड़े कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद दिखे तो वहीं डाक विभाग के डाकिए अपनी जिम्मेदारी को लेकर रक्षाबंधन पर्व के मौके पर पूरी निष्ठा से काम करते नजर आए। रक्षाबंधन के दिन विभिन्न स्थानों से प्राप्त हुई बहनों की राखियों को उनके भाई तक समय से पहुंचाने की जद्दोजहद करते दिखे। टांडा के डाकिया अमीरचंद्र, जलालपुर के प्रमोद कुमार, मृत्युंजय कुमार, मुरारीलाल विद्युतनगर, रानी पांडेय विद्युतनगर आदि ने रक्षाबंधन के दिन करीब 30 से अधिक रक्षा बंधन का वितरण अलग-अलग गांवों में संबंधित नागरिकों को किया। स्टेशन अधीक्षक एसएन मिश्र ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन यात्रा करने वाली किसी भी महिला यात्री से पैसा नहीं लिया गया। रक्ष बंधन के दिन सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था देखने को मिली। जगह-जगह पुलिस टीम सक्रिय नजर आयी। इसके चलते कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
जेल में बहनों ने बांधी राखी
जिला कारागार अंबेडकरनगर में रविवार को रक्षाबंधन का पूर्व भी उल्लास के साथ मना। जेल में निरुद्घ कैदियों की बहनों ने पहुंचकर भाइयों को राखी बांधी। इस दौरान आईं सभी बहनों व परिजनों को कोरोना गाइडलाइन का गंभीरता से पालन कराया गया। जेल में निरुद्घ कैदियों से मिलने व राखी बांधने पहुंची बहनें अपने साथ आरटीपीसीआर की निगेटिव जांच रिपोर्ट लेकर साथ आयी थीं। रिपोर्ट की जांच करने व थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें गेट के अंदर प्रवेश दिया गया। जेल अधीक्षिका हर्षिता मिश्रा ने बताया कि जो भी बहनें जेल में निरुद्घ कैदी भाइयों के राखी बांधने आयीं थी, उन्हें कोरोना गाइडलाइन का गंभीरता से पालन कराया गया। जेल में इस दौरान काफी भावुक क्षण देखने को मिला। जेल में कैदियों के राखी बांधने व मिलने पहुंची बहनों व अन्य परिजनों को हाइपोक्लोराइड की ट्रे में पैर रखकर गुजरा गया। जिससे जेल में किसी प्रकार के संक्रमण का खतरा न हो। सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया गया।
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भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व जिले में रविवार को उल्लास से मना। कोई अपनी बहन के घर पहुंचा तो कोई बहन अपने भाई के घर पहुंची। इससे पूरे दिन सड़कों पर लोगों का आवागमन होता रहा। बाजारों में भी रौनक देखने को मिली। लोगों ने राखी व मिठाई की खरीदारी की। बारिश ने कई बार दुकानदारों की चिंता भी बढ़ाई, लेकिन इसका कोई खास असर रक्षाबंधन पर्व के उत्साह पर नहीं दिखा।
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अकबरपुर नगर से सटे बरधा भिउरा में तान्या सिंह ने अपने भाई सूर्यांश व रुद्रांश को राखी बांधी और मिठाई खिलाकर आरती उतारी। मनु व अदिति सिंह ने भाई अस्मित व सूर्यांश को, सौम्या ने भाई शक्ति को राखी बांधी। रक्षाबंधन को लेकर बच्चों में खासा उल्लास दिखा। इसी तरह अन्य गांवों व शहरों में बहनों ने भाइयों के हाथों में राखी बांधी और मुंह मीठा कराया। भाइयों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार उपहार भी भेंट किया। रोहनपारा गांव में शिवांगी, आकांक्षा, अनवी आदि ने अपने भाई सिद्घांत, शशांक व शिवांश को राखी बांधी और मुंह मीठा कराया।
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रक्षाबंधन पर्व के मौके पर जहां परिवहन सेवा से जुड़े कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद दिखे तो वहीं डाक विभाग के डाकिए अपनी जिम्मेदारी को लेकर रक्षाबंधन पर्व के मौके पर पूरी निष्ठा से काम करते नजर आए। रक्षाबंधन के दिन विभिन्न स्थानों से प्राप्त हुई बहनों की राखियों को उनके भाई तक समय से पहुंचाने की जद्दोजहद करते दिखे। टांडा के डाकिया अमीरचंद्र, जलालपुर के प्रमोद कुमार, मृत्युंजय कुमार, मुरारीलाल विद्युतनगर, रानी पांडेय विद्युतनगर आदि ने रक्षाबंधन के दिन करीब 30 से अधिक रक्षा बंधन का वितरण अलग-अलग गांवों में संबंधित नागरिकों को किया। स्टेशन अधीक्षक एसएन मिश्र ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन यात्रा करने वाली किसी भी महिला यात्री से पैसा नहीं लिया गया। रक्ष बंधन के दिन सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था देखने को मिली। जगह-जगह पुलिस टीम सक्रिय नजर आयी। इसके चलते कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।
जेल में बहनों ने बांधी राखी
जिला कारागार अंबेडकरनगर में रविवार को रक्षाबंधन का पूर्व भी उल्लास के साथ मना। जेल में निरुद्घ कैदियों की बहनों ने पहुंचकर भाइयों को राखी बांधी। इस दौरान आईं सभी बहनों व परिजनों को कोरोना गाइडलाइन का गंभीरता से पालन कराया गया। जेल में निरुद्घ कैदियों से मिलने व राखी बांधने पहुंची बहनें अपने साथ आरटीपीसीआर की निगेटिव जांच रिपोर्ट लेकर साथ आयी थीं। रिपोर्ट की जांच करने व थर्मल स्क्रीनिंग के बाद उन्हें गेट के अंदर प्रवेश दिया गया। जेल अधीक्षिका हर्षिता मिश्रा ने बताया कि जो भी बहनें जेल में निरुद्घ कैदी भाइयों के राखी बांधने आयीं थी, उन्हें कोरोना गाइडलाइन का गंभीरता से पालन कराया गया। जेल में इस दौरान काफी भावुक क्षण देखने को मिला। जेल में कैदियों के राखी बांधने व मिलने पहुंची बहनों व अन्य परिजनों को हाइपोक्लोराइड की ट्रे में पैर रखकर गुजरा गया। जिससे जेल में किसी प्रकार के संक्रमण का खतरा न हो। सभी को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराया गया।