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Ambedkar Nagar News: मां कूष्मांडा की आराधना कर मांगी सुख-समृद्धि
Sat, 25 Mar 2023 11:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 25 Mar 2023 11:06 PM IST
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इल्तिफातगंज रोड स्थित दुर्गा मंदिर में शनिवार को पूजन-अर्चन करते श्रद्धालु। -संवाद
अंबेडकरनगर। चैत्र नवरात्र के चौथे दिन मंदिरों व घरों में विधि-विधान से मां कूष्मांडा की आराधना हुई। श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि मांगी।
अकबरपुर नगर के गायत्री मंदिर, नगर पालिका कार्यालय के निकट स्थित दुर्गा मंदिर, शहजादपुर स्थित रामजानकी मंदिर, टांडा रोड स्थित मां पीतांबरा मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया। मंदिरों में माथा टेका और मां की आरती उतारी। वहां बज रहे देवी गीतों से माहौल भक्तिमय बना रहा। कई जगहों पर श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन भी किया।
अटिका निवासी पं. कृष्णमोहन शास्त्री बताते हैं कि मां के चौथे स्वरूप कूष्मांडा को सृष्टि विस्तार की देवी के रूप में जाना जाता है। इनकी कांति व आभा सूर्य के समान है। शाकुंभरी रूप में देवी ने शाक से धरा को पल्लवित किया और शताक्षी बनकर असुरों का संहार किया। यह प्रकृति और पर्यावरण की अधिष्ठात्री हैं। नवरात्र के चौथे दिन शाक-सब्जी और अन्न का दान फलदायी होता है।
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अकबरपुर नगर के गायत्री मंदिर, नगर पालिका कार्यालय के निकट स्थित दुर्गा मंदिर, शहजादपुर स्थित रामजानकी मंदिर, टांडा रोड स्थित मां पीतांबरा मंदिर में श्रद्धालुओं ने पूजन-अर्चन किया। मंदिरों में माथा टेका और मां की आरती उतारी। वहां बज रहे देवी गीतों से माहौल भक्तिमय बना रहा। कई जगहों पर श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन भी किया।
अटिका निवासी पं. कृष्णमोहन शास्त्री बताते हैं कि मां के चौथे स्वरूप कूष्मांडा को सृष्टि विस्तार की देवी के रूप में जाना जाता है। इनकी कांति व आभा सूर्य के समान है। शाकुंभरी रूप में देवी ने शाक से धरा को पल्लवित किया और शताक्षी बनकर असुरों का संहार किया। यह प्रकृति और पर्यावरण की अधिष्ठात्री हैं। नवरात्र के चौथे दिन शाक-सब्जी और अन्न का दान फलदायी होता है।
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