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माध्यमिक शिक्षकों ने शुरू किया धरना
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अंबेडकरनगर। बकाया वेतन भुगतान समेत विभिन्न मांगों को लेकर माध्यमिक शिक्षक संघ, एससी-एसटी शिक्षक महासभा व अटेवा पेंशन बहाली मंच ने संयुक्त रूप से गुरुवार से डीआईओएस कार्यालय परिसर में बेमियादी धरना शुरू कर दिया। धरने के पहले दिन जिम्मदारों पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों का निस्तारण नहीं होगा, धरना जारी रहेगा।
धरने का नेतृत्व कर रहे माध्यमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष प्रमोद वर्मा ने कहा कि मई व जून का वेतन नहीं मिला है। जुलाई भी समाप्त होने वाला है। वेतन को लेकर जिम्मेदार तनिक भी गंभीर नहीं हैं। कभी कॉलेज प्रबंधक व प्रधानाचार्य छुट्टी पर चले जाते हैं तो कभी डीआईओएस ही अवकाश पर चले जाते हैं। इससे वेतन का बिल तैयार नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि तदर्थ शिक्षकों में भी उहापोह की स्थिति बनी हुई है। उनकी स्थिति अब तक साफ नहीं की जा सकी है। वेतन भुगतान न होने से शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो रही हैं।
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अन्य संगठनों से जुड़े रवींद्र कुमार, रामबली त्रिषणन, अरविंद, श्रवण कुमार, राजीव व हरिप्रकाश आदि ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस तरह शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों की उपेक्षा की जा रही है, वह अत्यंत चिंताजनक है। पुरानी पेंशन बहाली की मांग लंबे समय से की जा रही है लेकिन इसे लेकर तनिक भी गंभीरता जिम्मेदारों द्वारा नहीं दिखाई जा रही है। कहा गया कि उनकी समस्याओं का निस्तारण होने तक धरना जारी रहेगा।
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धरने का नेतृत्व कर रहे माध्यमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष प्रमोद वर्मा ने कहा कि मई व जून का वेतन नहीं मिला है। जुलाई भी समाप्त होने वाला है। वेतन को लेकर जिम्मेदार तनिक भी गंभीर नहीं हैं। कभी कॉलेज प्रबंधक व प्रधानाचार्य छुट्टी पर चले जाते हैं तो कभी डीआईओएस ही अवकाश पर चले जाते हैं। इससे वेतन का बिल तैयार नहीं हो पा रहा है।
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उन्होंने कहा कि तदर्थ शिक्षकों में भी उहापोह की स्थिति बनी हुई है। उनकी स्थिति अब तक साफ नहीं की जा सकी है। वेतन भुगतान न होने से शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों के समक्ष विभिन्न प्रकार की मुश्किलें खड़ी हो रही हैं।
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अन्य संगठनों से जुड़े रवींद्र कुमार, रामबली त्रिषणन, अरविंद, श्रवण कुमार, राजीव व हरिप्रकाश आदि ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस तरह शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों की उपेक्षा की जा रही है, वह अत्यंत चिंताजनक है। पुरानी पेंशन बहाली की मांग लंबे समय से की जा रही है लेकिन इसे लेकर तनिक भी गंभीरता जिम्मेदारों द्वारा नहीं दिखाई जा रही है। कहा गया कि उनकी समस्याओं का निस्तारण होने तक धरना जारी रहेगा।