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उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समायोजित हुए 243 प्राथमिक स्कूल
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अंबेडकरनगर। जिले के 243 प्राथमिक विद्यालय अब उच्च प्राथमिक विद्यालय के नाम से जाने जाएंगे। शासन के निर्देश पर जिले के ऐसे 243 प्राथमिक विद्यालयों को उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विलय कर दिया गया है। ये एक ही परिसर में संचालित हो रहे थे। ऐसा होने से अब जिले में प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 1353 से घटकर 1110 हो गई है, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 520 ही है।
बीते दिनों शासन ने निर्णय लिया था कि ऐसे प्राथमिक विद्यालयों को उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समायोजित कर दिया जाए जो एक ही परिसर में संचालित हो रहे हैं। ऐसा करने के पीछे तर्क रखा गया कि समायोजन होने से एक ही कार्य के लिए दोनों विद्यालय के प्रभारियों को इधर-उधर की भागदौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
साथ ही शिक्षकों की कमी भी पूरी हो सकेगी। कई अन्य समस्याओं से भी निजात मिल सकेगी। बीते दिनों शिक्षा निदेशक ने बीएसए कार्यालय को पत्र भेजकर ऐसे विद्यालयों की सूची शासन को उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया था, जहां प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय एक ही परिसर में संचालित हो रहे हों। बताते चलें कि जिले में कुल 1353 प्राथमिक व 520 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में लगभग दो लाख 11 हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
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शासन के दिशा निर्देश पर बीते दिनों बीएसए कार्यालय ने खंड शिक्षा अधिकारियों से मिली रिपोर्ट के अनुसार शासन को जिन 243 ऐसे प्राथमिक विद्यालय की सूची शासन को उपलब्ध कराई जो उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में संचालित हो रहे थे।
बीएसए कार्यालय के अनुसार अकबरपुर में 53, टांडा में 27, कटेहरी में 35, रामनगर में 21, जहांगीरगंज में 26, भियांव में 18, बसखारी में 21, जलालपुर में 20 व भीटी में 22 प्राथमिक विद्यालय हैं, जिन्हें उच्च प्राथमिक विद्यालय में समायोजित कर दिया गया। बीएसए कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि 31 जुलाई को संबंधित प्राथमिक विद्यालयों को उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विलय कर दिया गया और 1 अगस्त से इसे प्रभावी माना गया।
बताया कि 243 प्राथमिक विद्यालयों के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समायोजित होने से अब जिले में प्राथमिक विद्यालयों की संख्या घटकर 1110 हो गई है, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या पूर्ववत ही है। ऐसे में अब जिले में परिषदीय विद्यालयों की कुल संख्या 1630 हो गई है।
समायोजित हुए एक प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक रह चुके एक सहायक अध्यापक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हर कार्य के लिए दोनों विद्यालय के प्रभारियों को बीएसए कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता था। समायोजन होने से अब यह कार्य उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक देखेंगे। ऐसा होने से शिक्षण कार्य अब प्रभावित नहीं होगा। एक अन्य शिक्षक ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि ऐसा होने से अब उन पर कार्य का बोझ कम हुआ है। अब वे पूरा ध्यान शिक्षण कार्य पर लगाएंगे।
जिले के 243 प्राथमिक विद्यालयों को 31 जुलाई को उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समायोजित कर दिया गया। एक अगस्त से व्यवस्था प्रभावी भी हो गई है। विद्यालयों के समायोजन से शिक्षण कार्य और बेहतर हो सकेगा।
- अतुल कुमार सिंह, बीएसए
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बीते दिनों शासन ने निर्णय लिया था कि ऐसे प्राथमिक विद्यालयों को उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समायोजित कर दिया जाए जो एक ही परिसर में संचालित हो रहे हैं। ऐसा करने के पीछे तर्क रखा गया कि समायोजन होने से एक ही कार्य के लिए दोनों विद्यालय के प्रभारियों को इधर-उधर की भागदौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
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साथ ही शिक्षकों की कमी भी पूरी हो सकेगी। कई अन्य समस्याओं से भी निजात मिल सकेगी। बीते दिनों शिक्षा निदेशक ने बीएसए कार्यालय को पत्र भेजकर ऐसे विद्यालयों की सूची शासन को उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया था, जहां प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय एक ही परिसर में संचालित हो रहे हों। बताते चलें कि जिले में कुल 1353 प्राथमिक व 520 उच्च प्राथमिक विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में लगभग दो लाख 11 हजार छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
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शासन के दिशा निर्देश पर बीते दिनों बीएसए कार्यालय ने खंड शिक्षा अधिकारियों से मिली रिपोर्ट के अनुसार शासन को जिन 243 ऐसे प्राथमिक विद्यालय की सूची शासन को उपलब्ध कराई जो उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में संचालित हो रहे थे।
बीएसए कार्यालय के अनुसार अकबरपुर में 53, टांडा में 27, कटेहरी में 35, रामनगर में 21, जहांगीरगंज में 26, भियांव में 18, बसखारी में 21, जलालपुर में 20 व भीटी में 22 प्राथमिक विद्यालय हैं, जिन्हें उच्च प्राथमिक विद्यालय में समायोजित कर दिया गया। बीएसए कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक सत्यप्रकाश मौर्य ने बताया कि 31 जुलाई को संबंधित प्राथमिक विद्यालयों को उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विलय कर दिया गया और 1 अगस्त से इसे प्रभावी माना गया।
बताया कि 243 प्राथमिक विद्यालयों के उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समायोजित होने से अब जिले में प्राथमिक विद्यालयों की संख्या घटकर 1110 हो गई है, जबकि उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या पूर्ववत ही है। ऐसे में अब जिले में परिषदीय विद्यालयों की कुल संख्या 1630 हो गई है।
समायोजित हुए एक प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक रह चुके एक सहायक अध्यापक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हर कार्य के लिए दोनों विद्यालय के प्रभारियों को बीएसए कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता था। समायोजन होने से अब यह कार्य उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक देखेंगे। ऐसा होने से शिक्षण कार्य अब प्रभावित नहीं होगा। एक अन्य शिक्षक ने खुशी का इजहार करते हुए कहा कि ऐसा होने से अब उन पर कार्य का बोझ कम हुआ है। अब वे पूरा ध्यान शिक्षण कार्य पर लगाएंगे।
जिले के 243 प्राथमिक विद्यालयों को 31 जुलाई को उच्च प्राथमिक विद्यालयों में समायोजित कर दिया गया। एक अगस्त से व्यवस्था प्रभावी भी हो गई है। विद्यालयों के समायोजन से शिक्षण कार्य और बेहतर हो सकेगा।
- अतुल कुमार सिंह, बीएसए