{"_id":"5d2236058ebc3e6cbf3f40ab","slug":"scheme-for-girls-ambedkar-nagar-news-lko4694396105","type":"story","status":"publish","title_hn":"50 हजार से अधिक बालिकाओं को मिलेगा कन्या सुमंगला योजना का लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
50 हजार से अधिक बालिकाओं को मिलेगा कन्या सुमंगला योजना का लाभ
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बालिका सशक्तीकरण के लिए प्रदेश सरकार की कन्या सुमंगला योजना को लेकर जिले में तैयारियां तेज हो गई हैं। योजना के तहत जिले की 50 हजार से अधिक कन्याओं को लाभ मिलेगा। पात्र बालिकाओं को छह अलग-अलग चरणों में कुल 15 हजार रुपये दिए जाएंगे। कन्या भ्रूण हत्या रोकने व बालिका शिक्षा पर जोर देने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजना की लोगों ने बढ़-चढ़कर सराहना की है।
बालिका शिक्षा पर जोर देने व कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा कन्या सुमंगल योजना शुरू की गई है। योजना के तहत कन्या के पैदा होने से लेकर स्नातक स्तर या फिर डिप्लोमा कोर्स करने तक अलग-अलग छह चरणों में कुल 15 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। योजना का समुचित लाभ पात्रों को मिल सके, इसके लिए सीएमओ व जिला प्रोबेशन कार्यालय ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
सीएमओ कार्यालय के अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए पात्रों द्वारा आनलाइन या फिर ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। सीएमओ कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक पंकज अग्रहरि ने बताया कि योजना के तहत बालिका के जन्म होने पर पात्र को 2 हजार, एक वर्ष तक पूर्ण रूप से टीकाकरण कराने पर 1 हजार रुपये, कक्षा एक में प्रवेश के बाद 2 हजार, कक्षा 6 में प्रवेश के बाद 2 हजार, कक्षा 9 में प्रवेश के बाद 3 हजार व ऐसी बालिकाएं जिन्होंने कक्षा 12 उत्तीर्ण करने के बाद स्नातक या डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश किया हो, को 5 हजार रुपये की राशि दी जाएगी।
विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक पंकज अग्रहरि ने बताया कि कन्या सुमंगला योजना का लाभ ऐसे परिवार को दिया जाएगा, जो उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होगा। परिवार की वार्षिक आय 3 लाख से कम हो। ऐसे परिवार की दो बालिकाओं को योजना का लाभ मिलेगा। यदि किसी महिला को द्वितीय प्रसव के दौरान जुड़वा बच्चे होते हैें और दोनों बालिकाएं हों, तो उस परिवार की तीनों बालिकाओं को योजना का लाभ मिलेगा।
बालिका के बाल्यावस्था के दौरान माता-पिता के खाते में राशि भेजी जाएगी। यदि किसी कारणवश माता की मौत होती हैे, तो पिता के खाते और यदि माता पिता दोनों नहीं हैं, तो अभिभावक के खाते में राशि जाएगी।
लिपिक हनुमान प्रसाद ने बताया कि योजना का लाभ लेने वाला परिवार आनलाइन या फिर ऑफलाइन दोनों प्रकार से भर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन के लिए पात्र परिवार खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय, उपजिलाधिकारी कार्यालय व उप मुख्य परिविक्षा अधिकारी कार्यालय में फार्म जमा कर सकता है। बताया कि योजना के तहत प्रथम चरण का लाभ उन्हीं बालिकाओं को मिलेगा, जिनका जन्म 1 अप्रैल 2019 या उसके बाद हुआ हो, द्वितीय श्रेणी का लाभ में ऐसी बालिकाएं सम्मिलित होंगी, जिनका एक वर्ष के अंदर टीकाकरण पूरा हो गया हो और उनका जन्म 1 अप्रैल 2018 से पहले न हुआ हो।
जिन्होंने चालू शिक्षण सत्र के दौरान प्रथम कक्षा में प्रवेश किया हो, उन्हें तीसरे चरण का लाभ मिलेगा। चतुर्थ चरण के लाभ में उन बालिकाओं को शामिल किया जाएगा, जिन्होंने छठवीं कक्षा में प्रवेश किया। पंचम चरण का लाभ पाने के लिए कक्षा नौ में प्रवेश करना होगा। अंतिम चरण में उन बालिकाओं को शामिल किया जाएगा, जो 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर स्नातक या फिर डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश किया हो।
सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि कन्या सुमंगला योजना के तहत जिले की 50 हजार से अधिक बालिकाओं को लाभ मिलेगा। छह चरणों में कुल 15 हजार रुपये दिए जाएंगे। योजना का लाभ पात्र बालिकाओं को मिल सके, इसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
विज्ञापन
बालिका शिक्षा पर जोर देने व कन्या भ्रूण हत्या पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा कन्या सुमंगल योजना शुरू की गई है। योजना के तहत कन्या के पैदा होने से लेकर स्नातक स्तर या फिर डिप्लोमा कोर्स करने तक अलग-अलग छह चरणों में कुल 15 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। योजना का समुचित लाभ पात्रों को मिल सके, इसके लिए सीएमओ व जिला प्रोबेशन कार्यालय ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय के अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए पात्रों द्वारा आनलाइन या फिर ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। सीएमओ कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक पंकज अग्रहरि ने बताया कि योजना के तहत बालिका के जन्म होने पर पात्र को 2 हजार, एक वर्ष तक पूर्ण रूप से टीकाकरण कराने पर 1 हजार रुपये, कक्षा एक में प्रवेश के बाद 2 हजार, कक्षा 6 में प्रवेश के बाद 2 हजार, कक्षा 9 में प्रवेश के बाद 3 हजार व ऐसी बालिकाएं जिन्होंने कक्षा 12 उत्तीर्ण करने के बाद स्नातक या डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश किया हो, को 5 हजार रुपये की राशि दी जाएगी।
विज्ञापन
सीएमओ कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक पंकज अग्रहरि ने बताया कि कन्या सुमंगला योजना का लाभ ऐसे परिवार को दिया जाएगा, जो उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होगा। परिवार की वार्षिक आय 3 लाख से कम हो। ऐसे परिवार की दो बालिकाओं को योजना का लाभ मिलेगा। यदि किसी महिला को द्वितीय प्रसव के दौरान जुड़वा बच्चे होते हैें और दोनों बालिकाएं हों, तो उस परिवार की तीनों बालिकाओं को योजना का लाभ मिलेगा।
बालिका के बाल्यावस्था के दौरान माता-पिता के खाते में राशि भेजी जाएगी। यदि किसी कारणवश माता की मौत होती हैे, तो पिता के खाते और यदि माता पिता दोनों नहीं हैं, तो अभिभावक के खाते में राशि जाएगी।
लिपिक हनुमान प्रसाद ने बताया कि योजना का लाभ लेने वाला परिवार आनलाइन या फिर ऑफलाइन दोनों प्रकार से भर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन के लिए पात्र परिवार खण्ड विकास अधिकारी कार्यालय, उपजिलाधिकारी कार्यालय व उप मुख्य परिविक्षा अधिकारी कार्यालय में फार्म जमा कर सकता है। बताया कि योजना के तहत प्रथम चरण का लाभ उन्हीं बालिकाओं को मिलेगा, जिनका जन्म 1 अप्रैल 2019 या उसके बाद हुआ हो, द्वितीय श्रेणी का लाभ में ऐसी बालिकाएं सम्मिलित होंगी, जिनका एक वर्ष के अंदर टीकाकरण पूरा हो गया हो और उनका जन्म 1 अप्रैल 2018 से पहले न हुआ हो।
जिन्होंने चालू शिक्षण सत्र के दौरान प्रथम कक्षा में प्रवेश किया हो, उन्हें तीसरे चरण का लाभ मिलेगा। चतुर्थ चरण के लाभ में उन बालिकाओं को शामिल किया जाएगा, जिन्होंने छठवीं कक्षा में प्रवेश किया। पंचम चरण का लाभ पाने के लिए कक्षा नौ में प्रवेश करना होगा। अंतिम चरण में उन बालिकाओं को शामिल किया जाएगा, जो 12वीं कक्षा उत्तीर्ण कर स्नातक या फिर डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश किया हो।
सीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि कन्या सुमंगला योजना के तहत जिले की 50 हजार से अधिक बालिकाओं को लाभ मिलेगा। छह चरणों में कुल 15 हजार रुपये दिए जाएंगे। योजना का लाभ पात्र बालिकाओं को मिल सके, इसके लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।