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Ambedkar Nagar News: परिषदीय विद्यालयों में खेलकूद सामग्री की आपूर्ति में घपला
Fri, 14 Feb 2025 10:31 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 14 Feb 2025 10:31 PM IST
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अंबेडकरनगर। परिषदीय विद्यालयों में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए खेलकूद सामग्री खरीदने जाने के निर्देश शासन ने दिए थे। इसके पीछे लक्ष्य था कि परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को पढ़ाई के साथ खेलकूद में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सके। खेलकूद सामग्री आपूर्ति में भी भ्रष्टाचार की शिकायतों की भरमार है। इसे देखते हुए डीएम अविनाश सिंह ने आपूर्ति की गई सामग्री का सत्यापन शुरू कराया है। माना जा रहा है कि जांच में बड़ा घपला सामने आ सकता है।
प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय को पांच हजार रुपये, उच्च प्राथमिक विद्यालय व कंपोजिट विद्यालय को 10 हजार रुपये की दर से धनराशि जिले को उपलब्ध कराई गई थी। परिषदीय स्कूलों में बच्चों को खेल से जोड़ने के लिए जारी धनराशि से प्राथमिक स्कूलों को 11 तरह व जूनियर स्तर पर 16 प्रकार की खेल सामग्री खरीदी जानी थी। सामग्री उपलब्ध होने के बाद बच्चों को पारंपरिक खेल खो-खो, कबड्डी, फुटबाल, वॉलीबाॅल व हैंडबॉल के साथ ही एथलेटिक्स, बैडमिंटन, शतरंज व कैरम आदि में भी दक्ष बनाया जाना था। इस योजना में आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू होने के साथ शिकायतों की भरमार हो गई।
रामनगर ब्लॉक में इसको लेकर शिक्षक संघ और खंड शिक्षा अधिकारी के बीच रार भी छिड़ी हुई है। पूर्व में शिकायतों पर जांच भी हो चुकी है। अब डीएम ने इस समस्या के समाधान के लिए सभी ब्लॉकों में परिषदीय विद्यालयों में हुई आपूर्ति के सत्यापन के लिए एसडीएम व बीडीओ की जिम्मेदारी तय की है। सत्यापन के समय विद्यालय में उपलब्ध सामग्री, भुगतान की गई धनराशि, दोनों में मूल्य का अंतर समेत अन्य बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जांच में हकीकत उजागर होने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि ब्लॉकवार रिपोर्ट तैयार होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय को पांच हजार रुपये, उच्च प्राथमिक विद्यालय व कंपोजिट विद्यालय को 10 हजार रुपये की दर से धनराशि जिले को उपलब्ध कराई गई थी। परिषदीय स्कूलों में बच्चों को खेल से जोड़ने के लिए जारी धनराशि से प्राथमिक स्कूलों को 11 तरह व जूनियर स्तर पर 16 प्रकार की खेल सामग्री खरीदी जानी थी। सामग्री उपलब्ध होने के बाद बच्चों को पारंपरिक खेल खो-खो, कबड्डी, फुटबाल, वॉलीबाॅल व हैंडबॉल के साथ ही एथलेटिक्स, बैडमिंटन, शतरंज व कैरम आदि में भी दक्ष बनाया जाना था। इस योजना में आपूर्ति की प्रक्रिया शुरू होने के साथ शिकायतों की भरमार हो गई।
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रामनगर ब्लॉक में इसको लेकर शिक्षक संघ और खंड शिक्षा अधिकारी के बीच रार भी छिड़ी हुई है। पूर्व में शिकायतों पर जांच भी हो चुकी है। अब डीएम ने इस समस्या के समाधान के लिए सभी ब्लॉकों में परिषदीय विद्यालयों में हुई आपूर्ति के सत्यापन के लिए एसडीएम व बीडीओ की जिम्मेदारी तय की है। सत्यापन के समय विद्यालय में उपलब्ध सामग्री, भुगतान की गई धनराशि, दोनों में मूल्य का अंतर समेत अन्य बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। जांच में हकीकत उजागर होने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम अविनाश सिंह ने बताया कि ब्लॉकवार रिपोर्ट तैयार होने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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