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खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा सरयू का जलस्तर
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विद्युतनगर/राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। पिछले दिनों हुई बारिश व बैराजों से छोड़े गए पानी की वजह से सरयू नदी ने विकराल रूप ले लिया है। रविवार को नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। नदी का पानी टांडा नगर में आबादी के निकट तक पहुंच गया है। वहीं आलापुर तहसील क्षेत्र के सिद्धनाथ व प्रसाद कुर्मी का पूरा में ग्रामीणों को नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। कम्हरिया घाट स्थित शिव मंदिर के पास तक पानी हिलोरें मार रहा है। आलापुर में माझा क्षेत्रों में पानी आबादी की तरफ बढ़ रहा है। इससे आशंका जतायी जा रही है कि माझा क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
बीते दिनों खतरे के निशान से कुछ ऊपर जाने के बाद सरयू का जलस्तर तेजी से कम होना शुरू हो गया था। हालांकि अब नदी का पानी नजदीकी क्षेत्रों के ग्रामीणों की मुश्किल बढ़ाता हुआ नजर आ रहा है। लगातार कई दिनों तक हुई बारिश व बैराजों से छूटे पानी ने सरयू नदी के स्वरूप को विकराल कर दिया है। नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। इससे माझा क्षेत्र के ग्रामीणों में अनहोनी की आशंका बढ़ने लगी है।
रविवार को सरयू नदी का पानी टांडा नगर के हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंच गया। टांडा चौक के निकट स्थित रामजानकी मंदिर घाट पर पानी आबादी के करीब तक पहुंच गया है। नगर के मेहनिया मोहल्ले के नजदीक तक पानी पहुंचने से आम नागरिकों की चिंता बढ़ गई है। कुछ ऐसा ही हाल आलापुर तहसील क्षेत्र के माझा इलाके का भी है। नदी का जल स्तर बढ़ने से कम्हरिया घाट स्थित शिव मंदिर तक पानी पहुंच गया है। इससे यहां दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा हो रही है।
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माझा क्षेत्र के आराजी देवारा के सिद्धनाथ मजरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, हंसू का पूरा, करिया लोनिया का पूरा, माझा कम्हरिया के पटपरवा, दलित बस्ती व निषाद बस्ती के करीब पानी पहुंच गया है। सिद्धनाथ व प्रसाद कुर्मी का पूरा में रास्ते पर जलभराव हो जाने से नाव के सहारे ग्रामीणों को आवागमन करने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
सरयू नदी के जलस्तर में यदि वृद्धि जारी रही तो आने वाले समय में टांडा तहसील क्षेत्र के 20 से अधिक गांव प्रभावित होंगे। इसमें उल्टहवा माझा, केवटला, नसरुल्लाहपुर, अवसानपुर, नैपुरा, सलोना घाट, ढेलमऊ व डुहिया समेत अन्य गांव शामिल हैं। इसी तरह आलापुर तहसील क्षेत्र के भी करीब एक दर्जन गांव ऐसे हैं जो बाढ़ से प्रभावित होंगे। जलस्तर में हो रही वृद्धि से ग्रामीणों की चिंता बढ़ने लगी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जरूरी प्रबंध कराने की मांग की। ग्रामीण सतीराम, धर्मेंद्र व राजेेश ने कहा कि दो दिन तक यदि पानी ऐसे ही बढ़ता रहा तो घरों तक पहुंच जाएगा। एसडीएम टांडा दीपक वर्मा ने बताया कि सभी कर्मचारियों को सक्रिय कर दिया गया है। आधा दर्जन नावें चलाई जा रही हैं। एसडीएम आलापुर रोशनी यादव ने बताया कि आराजी देवारा व सिद्धनाथ गांव में ग्रामीणों की सुविधा के लिए नावें लगा दी गई हैं।
सरयू नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। पूरी सतर्कता बरती जा रही है। बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। अभी ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। समय रहते प्रशासन सभी तरह का इंतजाम कर लेगा।
-सैमुअल पॉल एन, डीएम
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बीते दिनों खतरे के निशान से कुछ ऊपर जाने के बाद सरयू का जलस्तर तेजी से कम होना शुरू हो गया था। हालांकि अब नदी का पानी नजदीकी क्षेत्रों के ग्रामीणों की मुश्किल बढ़ाता हुआ नजर आ रहा है। लगातार कई दिनों तक हुई बारिश व बैराजों से छूटे पानी ने सरयू नदी के स्वरूप को विकराल कर दिया है। नदी का जलस्तर खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से 20 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। इससे माझा क्षेत्र के ग्रामीणों में अनहोनी की आशंका बढ़ने लगी है।
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रविवार को सरयू नदी का पानी टांडा नगर के हनुमानगढ़ी मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंच गया। टांडा चौक के निकट स्थित रामजानकी मंदिर घाट पर पानी आबादी के करीब तक पहुंच गया है। नगर के मेहनिया मोहल्ले के नजदीक तक पानी पहुंचने से आम नागरिकों की चिंता बढ़ गई है। कुछ ऐसा ही हाल आलापुर तहसील क्षेत्र के माझा इलाके का भी है। नदी का जल स्तर बढ़ने से कम्हरिया घाट स्थित शिव मंदिर तक पानी पहुंच गया है। इससे यहां दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा हो रही है।
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माझा क्षेत्र के आराजी देवारा के सिद्धनाथ मजरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, हंसू का पूरा, करिया लोनिया का पूरा, माझा कम्हरिया के पटपरवा, दलित बस्ती व निषाद बस्ती के करीब पानी पहुंच गया है। सिद्धनाथ व प्रसाद कुर्मी का पूरा में रास्ते पर जलभराव हो जाने से नाव के सहारे ग्रामीणों को आवागमन करने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
सरयू नदी के जलस्तर में यदि वृद्धि जारी रही तो आने वाले समय में टांडा तहसील क्षेत्र के 20 से अधिक गांव प्रभावित होंगे। इसमें उल्टहवा माझा, केवटला, नसरुल्लाहपुर, अवसानपुर, नैपुरा, सलोना घाट, ढेलमऊ व डुहिया समेत अन्य गांव शामिल हैं। इसी तरह आलापुर तहसील क्षेत्र के भी करीब एक दर्जन गांव ऐसे हैं जो बाढ़ से प्रभावित होंगे। जलस्तर में हो रही वृद्धि से ग्रामीणों की चिंता बढ़ने लगी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जरूरी प्रबंध कराने की मांग की। ग्रामीण सतीराम, धर्मेंद्र व राजेेश ने कहा कि दो दिन तक यदि पानी ऐसे ही बढ़ता रहा तो घरों तक पहुंच जाएगा। एसडीएम टांडा दीपक वर्मा ने बताया कि सभी कर्मचारियों को सक्रिय कर दिया गया है। आधा दर्जन नावें चलाई जा रही हैं। एसडीएम आलापुर रोशनी यादव ने बताया कि आराजी देवारा व सिद्धनाथ गांव में ग्रामीणों की सुविधा के लिए नावें लगा दी गई हैं।
सरयू नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। पूरी सतर्कता बरती जा रही है। बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। अभी ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। समय रहते प्रशासन सभी तरह का इंतजाम कर लेगा।
-सैमुअल पॉल एन, डीएम