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सरयू का जलस्तर बढ़ा, कटान शुरू
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अम्बेडकरनगर के आलापुर तहसील क्षेत्र में हुई कटान।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि ने मुश्किलें बढ़ानी शुरू कर दी हैं। यूं तो नदी का पानी खतरे के निशान से 55 सेमी. दूर है, लेकिन आसोपुर गांव के उत्तरी तरफ कटान शुरू हो गई है। महरीपुर गांव में बनाई गई ठोकर भी नदी के पानी की मार नहीं झेल पा रही है। कई और जगहों पर भी कटान की स्थिति बन रही है। इसे लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि प्रशासन के अनुसार स्थिति पूरी तरह से नियंत्रित है।
सरयू नदी के जलस्तर में कुछ दिनों से कभी वृद्धि होने तो कभी कम होने का दौर चला आ रहा है। हालांकि पिछले दिनों हुई बारिश के बाद स्थिति बदली है। अब नदी के पानी में फिर से तेजी से वृद्धि हो रही है। शनिवार शाम करीब पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.18 मीटर पर था। ऐसे में नदी का पानी खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से सिर्फ 55 सेमी. दूर है।
इस बीच सरयू नदी में उफान केे चलते कछार क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। आसोपुर गांव में शाहबाग के उत्तरी तरफ नदी कटान कर रही है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी के पानी का वेग इतना तेज है कि मिट्टी धंस रही है। प्रतिदिन भूमि की कटान यहां हो रही है। महरीपुर में बीते दिनों कटान रोकने के लिए जो ठोकर बनाई गई थी, वह पानी के थपेड़ों की मार ठीक ढंग से नहीं सह पा रही है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार ठोकर के जल्द ही धंस जाने की आशंका है। इसके अलावा केवटला में मंदिर के निकट भी कटान की स्थिति बन गई थी। इस पर बाढ़ प्रखंड के कर्मचारियों ने वहां ठोकर लगाकर स्थिति को संभाला। ग्रामीणों के अनुसार अवसानपुर से लेकर केवटला तक लगभग प्रत्येक वर्ष कटान का खतरा बना रहता है। पानी से कटान की स्थिति भी प्रत्येक वर्ष उत्पन्न होती है, लेकिन इसके बाद भी ठोस कार्ययोजना सामने नहीं आ पाई है।
स्थिति पर रखी जा रही नजर
बाढ़ खंड के अवर अभियंता विकासचंद्र ने कहा कि सरयू नदी के पानी से जहां भी कटान को लेकर कोई दिक्कत हो सकती थी, वहां पर ठोकर बनाई गई हैं। केवटला में मंदिर के निकट गत दिवस कटान की जानकारी मिली थी। इस पर वहां ठोकर लगाकर स्थिति को संभाला गया। नदी के किनारे की स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है। समय रहते सभी जरूरी प्रबंध कर लिए जाएंगे।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क
सरयू नदी में बाढ़ को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। ग्राम स्तरीय कर्मचारियों को अलर्ट किया गया है। प्रतिदिन जरूरी फीडबैक लिया जा रहा है।
दीपक वर्मा, एसडीएम टांडा
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सरयू नदी के जलस्तर में कुछ दिनों से कभी वृद्धि होने तो कभी कम होने का दौर चला आ रहा है। हालांकि पिछले दिनों हुई बारिश के बाद स्थिति बदली है। अब नदी के पानी में फिर से तेजी से वृद्धि हो रही है। शनिवार शाम करीब पांच बजे सरयू का जलस्तर 92.18 मीटर पर था। ऐसे में नदी का पानी खतरे के लाल निशान 92.73 मीटर से सिर्फ 55 सेमी. दूर है।
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इस बीच सरयू नदी में उफान केे चलते कछार क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। आसोपुर गांव में शाहबाग के उत्तरी तरफ नदी कटान कर रही है। ग्रामीणों ने बताया कि नदी के पानी का वेग इतना तेज है कि मिट्टी धंस रही है। प्रतिदिन भूमि की कटान यहां हो रही है। महरीपुर में बीते दिनों कटान रोकने के लिए जो ठोकर बनाई गई थी, वह पानी के थपेड़ों की मार ठीक ढंग से नहीं सह पा रही है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार ठोकर के जल्द ही धंस जाने की आशंका है। इसके अलावा केवटला में मंदिर के निकट भी कटान की स्थिति बन गई थी। इस पर बाढ़ प्रखंड के कर्मचारियों ने वहां ठोकर लगाकर स्थिति को संभाला। ग्रामीणों के अनुसार अवसानपुर से लेकर केवटला तक लगभग प्रत्येक वर्ष कटान का खतरा बना रहता है। पानी से कटान की स्थिति भी प्रत्येक वर्ष उत्पन्न होती है, लेकिन इसके बाद भी ठोस कार्ययोजना सामने नहीं आ पाई है।
स्थिति पर रखी जा रही नजर
बाढ़ खंड के अवर अभियंता विकासचंद्र ने कहा कि सरयू नदी के पानी से जहां भी कटान को लेकर कोई दिक्कत हो सकती थी, वहां पर ठोकर बनाई गई हैं। केवटला में मंदिर के निकट गत दिवस कटान की जानकारी मिली थी। इस पर वहां ठोकर लगाकर स्थिति को संभाला गया। नदी के किनारे की स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है। समय रहते सभी जरूरी प्रबंध कर लिए जाएंगे।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क
सरयू नदी में बाढ़ को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। ग्रामीणों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। ग्राम स्तरीय कर्मचारियों को अलर्ट किया गया है। प्रतिदिन जरूरी फीडबैक लिया जा रहा है।
दीपक वर्मा, एसडीएम टांडा