फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Sarayu river came close to the red mark

लाल निशान के करीब पहुंची सरयू

Sun, 17 Jul 2016 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर Updated Sun, 17 Jul 2016 11:55 PM IST
विज्ञापन
Sarayu river came close to the red mark
अंबेडकरनगर जिले के टांडा में रविवार को उफनाती सरयू नदी से आबादी की तरफ बढ़ रही कटान। - फोटो : अमर उजाला

सरयू नदी का जलस्तर लाल निशान के एकदम करीब पहुंच गया है। रविवार दोपहर बाद से चार घंटे में नदी का पानी लगभग ढाई सेंटीमीटर बढ़ गया। नदी का जलस्तर 92.55 मीटर तक पहुंच गया है। वृद्धि का यही दौर जारी रहा तो सोमवार शाम तक नदी का पानी खतरे के निशान 92.73 मीटर को पार कर सकता है।

विज्ञापन


इस बीच सरयू के बढ़ते जलस्तर को लेकर मांझा समेत इर्द-गिर्द के लगभग दर्जन भर गांव के लोगों की चिंता बढ़ गई है। उन्हें बाढ़ का खतरा सताने लगा है। प्रशासन ने हालांकि ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं, सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
विज्ञापन


 बरसात के मौसम में अपनी उफान से ग्रामीणों के बीच खौफ फैलाने वाली सरयू नदी का पानी लाल निशान के काफी करीब पहुंच गया है। सप्ताह भर से नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का दौर बना हुआ था लेकिन शनिवार से नदी के पानी में बढ़ोतरी तेजी से शुरू हो गई। नतीजतन नदी का जलस्तर पिछले एक माह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रविवार सुबह आठ बजे नदी का पानी 92.47 मीटर पर था तो दोपहर 12 बजते-बजते वह 92.53 मीटर पर पहुंच गया। दोपहर के बाद अगले चार घंटे में नदी का पानी ढाई सेमी बढ़ गया। अपराह्न चार बजे जब जलस्तर नापा गया तो वह बढ़कर 92.55 मीटर पर पहुंच गया था।

जलस्तर में इस तरह हो रही वृद्धि ने मांझा क्षेत्र व निकटवर्ती गांव के लोगों में खौफ का माहौल पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का मानना है कि नदी का जलस्तर जिस तरह बढ़ रहा है, उसे देखते हुए सोमवार को दोपहर के बाद किसी भी समय नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर सकता है।

 लाल निशान को पार करते ही नदी का पानी न सिर्फ मांझा क्षेत्र के गांवों तक पहुंच जाएगा, वरन टांडा नगर के भी कई क्षेत्रों में नालों के जरिये पहुंच सकता है। इसे देखते हुए ही संबंधित क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। मांझा क्षेत्र में रहने वाले प्रभूलाल ने कहा कि नदी का पानी अब कभी भी खतरे के निशान को पार कर सकता है।


उनकी सबसे बड़ी समस्या पशुओं के चारे की है। कलावती व सुमित्रा का कहना था कि सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों की पढ़ाई व खाने-पीने के सामान की हो जाती है। प्रशासन को इस तरफ समय रहते ध्यान देना होगा। ग्रामीण सुखदेव ने प्रशासन से मांग की कि राशन का वितरण अभी से ही सुनिश्चित करा दिया जाए। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed