फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Sarayu crossed the red mark by 31.5 cm

लाल निशान से 31.5 सेमी ऊपर सरय

Thu, 04 Aug 2016 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर Updated Thu, 04 Aug 2016 11:59 PM IST
विज्ञापन
Sarayu crossed the red mark by 31.5 cm
अंबेडकरनगर के टांडा में उफनाई सरयू नदी में बाढ़ का अभी भी लोगों में बरकरार है खौफ। - फोटो : अमर उजाला

सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि लगातार जारी है। बुधवार शाम चार बजे जलस्तर जहां लाल निशान से 28 सेमी अधिक था, वहीं गुरुवार को बढ़कर 31.5 सेमी हो गया। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के चलते माझा उलटहवा के तीन गांव पूरी तरह बाढ़ से घिर गए हैं तो डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों के अत्यंत निकट पानी पहुंच गया है।

विज्ञापन


जलनिकासी न होने से नगर के आधा दर्जन मोहल्लों की गलियों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इससे लोगों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव होने से संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। गौरतलब है कि सरयू नदी के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव के बाद पांच दिनों से जलस्तर में वृद्धि हो रही है।
विज्ञापन


रविवार को जलस्तर में आठ सेमी की कमी अवश्य आई थी लेकिन सोमवार से फिर से वृद्धि होने लगी। बुधवार शाम चार बजे जलस्तर खतरे के निशान 92.73 मीटर से 28 सेमी ऊपर था तो गुरुवार शाम चार बजे जलस्तर 93.045 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 31.5 सेमी ऊपर है। जलस्तर में हुई वृद्धि के चलते माझा क्षेत्र के डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दरअसल बाढ़ का पानी माझा उलटहवा, माझा चिंतौरा, माझा इस्माइलपुर बेलदहा, माझा छज्जापुर, माझा अवसानपुर, माझा कला, माझा डुहिया समेत लगभग डेढ़ दर्जन गांवों के अत्यंत निकट पहुंच गया है। जिस तरह जलस्तर में वृद्धि हो रही है, उससे एक-दो दिन में गांव के अंदर पानी पहुंचने की आशंका है।

 सबसे अधिक समस्या माझा उलटहवा के तीन गांव बाबूराम का पूरा, दिलशेर का पूरा व जालिम का पूरा गांव चारों तरफ से पूरी तरह बाढ़ से घिर गए हैं। संबंधित गांवों के लोगों का संबंध अन्य क्षेत्रों से टूट गया है। आवागमन के लिए उन्हें नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। अन्य समस्याओं के साथ साथ मवेशियों के चारे का संकट भी खड़ा हो गया है।

इसके अलावा समुचित जलनिकासी न होने के चलते नगर के आधा दर्जन मोहल्लों नेहरूनगर, कश्मीरिया नई बस्ती, छज्जापुर, मेहनिया, मुबारकपुर की गलियों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इससे लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जलभराव के चलते संक्रामक रोग के फैलने की आशंका बढ़ गई है।


 एसडीएम टांडा पंकज ने बताया कि जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। शरणस्थल बनाए गए परिषदीय विद्यालयों पर भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। जो तीन गांव पूरी तरह बाढ़ से घिर गए हैं, वहां के लोगों को आवागमन में समस्या न हो, इसके लिए 14 नाव उतारी गई हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed