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आठवें जिला पंचायत अध्यक्ष के तौर पर कुर्सी संभालेंगे साधू
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अंबेडकरनगर। जिले में आठवें जिला पंचायत अध्यक्ष के तौर साधू वर्मा कुर्सी संभालेंगे। नए अध्यक्ष के स्वागत के लिए उनके कक्ष को व्यवस्थित किया जा रहा है। इस दौरान जिला पंचायत कर्मियों में भी नए अध्यक्ष के स्वागत को लेकर उत्साह देखने को मिला।
29 सितंबर 1995 को जनपद गठन के बाद वर्ष 1996 में जिला पंचायत का गठन हुआ था। पहले चुनाव में भीटी की मूल निवासी भारती सिंह को जीत हासिल कर अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल हुआ था। भारती को उस समय व्यापक समर्थन हासिल हुआ था। इसके बाद त्रिभुवनदत्त अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उनके त्यागपत्र देने के बाद 2 माह के लिए उपाध्यक्ष रणविजय सिंह को अध्यक्ष की कुर्सी सौंप दी गई। वर्ष 2002 में हुए पंचायत चुनाव में बजरंग बली अध्यक्ष बन गए, जबकि 2006 में भीटी क्षेत्र की ही निवासी सुधा वर्मा अध्यक्ष बनने में कामयाब रहीं। वर्ष 2011 में हुए चुनाव में शोभावती तो वर्ष 2016 में मिंटू सिंह को अध्यक्ष की कुर्सी नसीब हुई।
इस बीच अब आठवें अध्यक्ष के तौर पर टांडा तहसील के भसड़ा निवासी साधू वर्मा कुर्सी संभालेंगे। इन 8 अध्यक्षों में 3 महिला तो 5 पुरुष शामिल रहे। खास बात यह है कि जिले का पहला जिला पंचायत अध्यक्ष अपनी पत्नी भारती को बनवाने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता रमाशंकर सिंह इस बार साधू वर्मा के भी खेवनहार बने। इसमें जिला उपाध्यक्ष विमलेंद्र प्रताप सिंह मोनू ने तमाम मोर्चों पर साधू की राह आसान कराई तो जिलाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी जीत के नायक बनकर सामने आए।
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पर्दे के पीछे से कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह डटे रहे तो फ्रंट फुट पर जिला प्रभारी दद्दन मिश्र ने मोर्चा संभाला। नतीजा यह कि साधू को आठवां जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल हो गया। उधर, नए जिला पंचायत अध्यक्ष के कार्यभार ग्रहण के लिए शासन अलग से निर्देश जारी करेगा। हालांकि जिला पंचायत कर्मियों ने नए अध्यक्ष के स्वागत की तैयारी शुरू के दी है। जिला पंचायत अध्यक्ष कक्ष को बाकायदा व्यवस्थित किया जा रहा है।
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29 सितंबर 1995 को जनपद गठन के बाद वर्ष 1996 में जिला पंचायत का गठन हुआ था। पहले चुनाव में भीटी की मूल निवासी भारती सिंह को जीत हासिल कर अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल हुआ था। भारती को उस समय व्यापक समर्थन हासिल हुआ था। इसके बाद त्रिभुवनदत्त अध्यक्ष निर्वाचित हुए। उनके त्यागपत्र देने के बाद 2 माह के लिए उपाध्यक्ष रणविजय सिंह को अध्यक्ष की कुर्सी सौंप दी गई। वर्ष 2002 में हुए पंचायत चुनाव में बजरंग बली अध्यक्ष बन गए, जबकि 2006 में भीटी क्षेत्र की ही निवासी सुधा वर्मा अध्यक्ष बनने में कामयाब रहीं। वर्ष 2011 में हुए चुनाव में शोभावती तो वर्ष 2016 में मिंटू सिंह को अध्यक्ष की कुर्सी नसीब हुई।
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इस बीच अब आठवें अध्यक्ष के तौर पर टांडा तहसील के भसड़ा निवासी साधू वर्मा कुर्सी संभालेंगे। इन 8 अध्यक्षों में 3 महिला तो 5 पुरुष शामिल रहे। खास बात यह है कि जिले का पहला जिला पंचायत अध्यक्ष अपनी पत्नी भारती को बनवाने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता रमाशंकर सिंह इस बार साधू वर्मा के भी खेवनहार बने। इसमें जिला उपाध्यक्ष विमलेंद्र प्रताप सिंह मोनू ने तमाम मोर्चों पर साधू की राह आसान कराई तो जिलाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी जीत के नायक बनकर सामने आए।
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पर्दे के पीछे से कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह डटे रहे तो फ्रंट फुट पर जिला प्रभारी दद्दन मिश्र ने मोर्चा संभाला। नतीजा यह कि साधू को आठवां जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल हो गया। उधर, नए जिला पंचायत अध्यक्ष के कार्यभार ग्रहण के लिए शासन अलग से निर्देश जारी करेगा। हालांकि जिला पंचायत कर्मियों ने नए अध्यक्ष के स्वागत की तैयारी शुरू के दी है। जिला पंचायत अध्यक्ष कक्ष को बाकायदा व्यवस्थित किया जा रहा है।