{"_id":"6345b3c5694bfb75a32f63e0","slug":"right-now-one-lakh-children-deprived-of-dress-and-bags-ambedkar-nagar-news-lko6524185111","type":"story","status":"publish","title_hn":"अभी एक लाख बच्चे ड्रेस व बैग से वंचित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अभी एक लाख बच्चे ड्रेस व बैग से वंचित
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। नया शिक्षा सत्र प्रारंभ हुए लगभग साढ़े छह माह बीतने को हैं, लेकिन अभी भी जिले के करीब एक लाख छात्र-छात्राएं ऐसे हैं, जिन्हें नई ड्रेस, जूता-मोजा, स्कूली बैग व स्टेशनरी नहीं मिल सकी है। आधार की फीडिंग न होने व अन्य गड़बड़ियों के चलते बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी योजना के तहत 1200 रुपये की राशि नहीं पहुंच सकी।
परिषदीय व कस्तूरबा विद्यालय के बच्चों को समय पर नई ड्रेस, जूता-मोजा, स्कूली बैग, स्टेशनरी का सामान व कॉपी सुचारु रूप से मिल सके, इसके लिए डीबीटी योजना के तहत छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में प्रति छात्र 1200 रुपये की राशि भेजे जाने की योजना है। जिले में 1582 परिषदीय व आठ कस्तूरबा विद्यालय संचालित हैं। इनमें दो लाख 21 हजार छात्र-छात्राएं नामांकित हैं।
नए शिक्षा सत्र की शुरुआत में ही अभिभावकों के खाते में 1200 रुपये पहुंच जाने थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अत्यंत धीमी गति से आधार कार्ड की फीडिंग किए जाने व गलत खाता नंबर फीड कर देने का नतीजा रहा कि शिक्षा सत्र के साढ़े छह माह बाद भी सभी छात्र-छात्राओं को नई ड्रेस, जूता-मोजा, स्कूली बैग, कॉपी व स्टेशनरी की सामग्री नहीं उपलब्ध हो सकी है।
विज्ञापन
बीएसए कार्यालय के अनुसार अब तक एक लाख 25 हजार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में डीबीटी के तहत 1200 रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। लगभग 96 हजार अभिभावकों के खाते में राशि नहीं पहुंच सकी है।
दरअसल इसमें किसी का आधार कार्ड सही नहीं है तो किसी के बैंक खाता नंबर में गड़बड़ी है। यदि किसी के दोनों दुरुस्त हैं तो अकाउंट नंबर को आधार कार्ड से लिंक नहीं किया जा सका है। इनमें कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने बैंकों के विलय के बाद आईएफसी कोड सही नहीं दे सके हैं। इसी के चलते ही उन्हें योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
परीक्षा देने में होंगी दिक्कतें
डीबीटी योजना के तहत जिन अभिभावकों के खाते में अब तक राशि नहीं पहुंच सकी है, उनका कहना है कि 20 अक्तूबर को तिमाही परीक्षा होनी है। बिना किसी व्यवस्था के छात्र-छात्राएं किस तरह परीक्षा दे सकेंगे। अकबरपुर के अभिभावक शमीम व राजितराम ने कहा कि न तो ड्रेस है और न ही कॉपी व जूता-मोजा। ऐसे में तिमाही परीक्षा देने में छात्र-छात्राओं को दिक्कतें हो सकती हैं। जलालपुर के अभिभावक गंगाराम व भीटी के शिवकुमार ने कहा कि छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए शीघ्र ही योजना के लाभ से वंचित छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में राशि भेजी जाए।
शीघ्र ही पहुंचेगी खाते में रकम
जिन अभिभावकों के खाते या फिर आधार कार्ड में गड़बड़ी थी, उसे तेजी से दुरुस्त कराया जा रहा है। शीघ्र ही संबंधित अभिभावकों के खाते में डीबीटी योजना के तहत रकम भेजी जाएगी।
-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए
विज्ञापन
परिषदीय व कस्तूरबा विद्यालय के बच्चों को समय पर नई ड्रेस, जूता-मोजा, स्कूली बैग, स्टेशनरी का सामान व कॉपी सुचारु रूप से मिल सके, इसके लिए डीबीटी योजना के तहत छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में प्रति छात्र 1200 रुपये की राशि भेजे जाने की योजना है। जिले में 1582 परिषदीय व आठ कस्तूरबा विद्यालय संचालित हैं। इनमें दो लाख 21 हजार छात्र-छात्राएं नामांकित हैं।
विज्ञापन
नए शिक्षा सत्र की शुरुआत में ही अभिभावकों के खाते में 1200 रुपये पहुंच जाने थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अत्यंत धीमी गति से आधार कार्ड की फीडिंग किए जाने व गलत खाता नंबर फीड कर देने का नतीजा रहा कि शिक्षा सत्र के साढ़े छह माह बाद भी सभी छात्र-छात्राओं को नई ड्रेस, जूता-मोजा, स्कूली बैग, कॉपी व स्टेशनरी की सामग्री नहीं उपलब्ध हो सकी है।
विज्ञापन
बीएसए कार्यालय के अनुसार अब तक एक लाख 25 हजार छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में डीबीटी के तहत 1200 रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। लगभग 96 हजार अभिभावकों के खाते में राशि नहीं पहुंच सकी है।
दरअसल इसमें किसी का आधार कार्ड सही नहीं है तो किसी के बैंक खाता नंबर में गड़बड़ी है। यदि किसी के दोनों दुरुस्त हैं तो अकाउंट नंबर को आधार कार्ड से लिंक नहीं किया जा सका है। इनमें कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने बैंकों के विलय के बाद आईएफसी कोड सही नहीं दे सके हैं। इसी के चलते ही उन्हें योजना का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है।
परीक्षा देने में होंगी दिक्कतें
डीबीटी योजना के तहत जिन अभिभावकों के खाते में अब तक राशि नहीं पहुंच सकी है, उनका कहना है कि 20 अक्तूबर को तिमाही परीक्षा होनी है। बिना किसी व्यवस्था के छात्र-छात्राएं किस तरह परीक्षा दे सकेंगे। अकबरपुर के अभिभावक शमीम व राजितराम ने कहा कि न तो ड्रेस है और न ही कॉपी व जूता-मोजा। ऐसे में तिमाही परीक्षा देने में छात्र-छात्राओं को दिक्कतें हो सकती हैं। जलालपुर के अभिभावक गंगाराम व भीटी के शिवकुमार ने कहा कि छात्र-छात्राओं के हित को देखते हुए शीघ्र ही योजना के लाभ से वंचित छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में राशि भेजी जाए।
शीघ्र ही पहुंचेगी खाते में रकम
जिन अभिभावकों के खाते या फिर आधार कार्ड में गड़बड़ी थी, उसे तेजी से दुरुस्त कराया जा रहा है। शीघ्र ही संबंधित अभिभावकों के खाते में डीबीटी योजना के तहत रकम भेजी जाएगी।
-भोलेंद्र प्रताप सिंह, बीएसए