फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ambedkar Nagar News ›   Revenue inspector Bhuvan, who was taking bribe, was caught by the anti-corruption team

Ambedkar Nagar News: घूस ले रहे राजस्व निरीक्षक भुवन एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़े

Fri, 11 Jul 2025 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Fri, 11 Jul 2025 12:25 AM IST
विज्ञापन
Revenue inspector Bhuvan, who was taking bribe, was caught by the anti-corruption team
अंबेडकरनगर। सरकारी काम में पैसा लगेगा, बिना चढ़ावा कुछ नहीं होगा, जलालपुर तहसील में शायद यही सोच राजस्व निरीक्षक भुवन प्रताप की थी। बृहस्पतिवार को एंटी करप्शन टीम ने उसे सात हजार रुपये घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। इससे पूरे तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। 40 दिन में घूसखोरी का यह दूसरा मामला तहसील में पकड़ा गया है।
विज्ञापन

शिकायतकर्ता विपिन मौर्य निवासी उसरहा ने बताया कि उनका मामला धारा 24 पत्थरनसब (भूमि विवाद) के तहत विचाराधीन है। राजस्व निरीक्षक भुवन प्रताप ने मामले की कार्रवाई के बदले सात हजार रुपये की घूस मांग की थी। पैसे देने में असमर्थता जताने के बाद भी राजस्व निरीक्षक मानने को तैयार नहीं था। इस पर विपिन मौर्य ने एंटी करप्शन विभाग अयोध्या से शिकायत की थी।
विज्ञापन

टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दोपहर करीब तीन बजे जलालपुर तहसील परिसर में ही निरीक्षक को रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। निरीक्षक ने तहसील की दूसरी मंजिल पर विपिन को बुलाकर रिश्वत ली थी। इसके बाद दोनों तहसील के पीछे लेखपाल कक्ष संघ के पास पहुंचे, यहीं से टीम ने उसे उठा लिया। जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक टीम राजस्व निरीक्षक को गिरफ्त में लेकर वहां से निकल पड़ी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके बाद कोतवाली अकबरपुर पहुंचकर मामले में लिखापढ़ी शुरू की। देर शाम को मुकदमा दर्ज कराने के बाद टीम राजस्व निरीक्षक को लेकर रवाना हो गई। इस कार्रवाई से तहसील परिसर में खलबली मच गई। एसडीएम राहुल गुप्ता ने बताया कि लिखित सूचना मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कानपुर से जलालपुर तक का सफर
भुवन प्रताप कानपुर के मूल निवासी है और बीते चार वर्षों से जलालपुर में राजस्व निरीक्षक के पद पर तैनात था। उसका कार्यक्षेत्र मालीपुर हल्का था और वह सरकारी आवास में अपनी पत्नी के साथ रहता था।


नहीं बाज आ रहे जिम्मेदार
चौंकाने वाली बात यह है कि महज 40 दिन पहले 31 मई को इसी तहसील में तैनात लेखपाल अरुण यादव को भी एंटी करप्शन टीम ने घूस लेते हुए गिरफ्तार किया था। लगातार दूसरी बड़ी कार्रवाई ने तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले में अब यह बहस तेज हो गई है कि क्या भ्रष्टाचार तहसीलों में नियम बनता जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed