{"_id":"6001cf9c8ebc3e2e39783608","slug":"respect-for-women-is-the-responsibility-of-every-person-ambedkar-nagar-news-lko560036969","type":"story","status":"publish","title_hn":"नारियों को सम्मान देना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नारियों को सम्मान देना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। अकबरपुर में स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में मिशन शक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें वक्ताओं ने महिला सशक्तिकरण को लेकर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि युगानुरूप महिलाओं की स्थिति अलग-अलग रही है। मौजूूदा समय में महिलाएं अपने हक व अधिकार को लेकर जागरूक हो रही हैं। साथ ही तमाम बड़े पदों पर आसीन होकर समाज का नेतृत्व भी कर रही हैं। हालांकि इसके बावजूद महिलाओं की स्थिति को पूर्णरूप से बदलने के लिए उन्हें अवसर व स्वतंत्रता दिए जाने की जरूरत है।
प्रधानाचार्य सुरेश लाल श्रीवास्तव ने मां सरस्वती व मदर टेरेसा की प्रतिमा पर पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नारियों की श्रेष्ठ उपस्थिति पुरुषों से किसी भी मायने में कम नहीं है। नारियों को सम्मान देना तथा स्वतंत्रता का अवसर प्रदान करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। इसी आधार पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की स्थिति में समय के साथ परिवर्तन हुआ है। मौजूदा समय में न सिर्फ बेटियों में शैक्षिक जागरूकता बढ़ी है, वरन वे अपने हक व अधिकारों को लेकर भी सजग हुई हैं। इसी का परिणाम है कि आज बेटियां तमाम क्षेत्रों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं। हालांकि इन सबके बावजूद उनकी स्थिति को पूर्णरूपेण बेहतर नहीं कहा जा सकता।
विज्ञापन
अभी भी महिलाओं को मुख्य धारा में शामिल करने के लिए समाज व सरकार को अपनी भूमिका तय करने की जरूरत है। महिला सशक्तिकरण गोष्ठी में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रधानाचार्य ने पुरस्कृत भी किया। स्काउट गाइड की छात्राओं ने स्लोगन के माध्यम से नारी महिमा का बखान किया। छात्रा स्नेहा व सना को सूक्ति लेखन अर्थ में पुरस्कृत किया गया। छात्रा आकांक्षा शर्मा, सुप्रिया सोनी, पायल शर्मा, बबली, अन्नू, पूजा कुमारी, श्वेता, अंजली, साहिबा, अर्चना व रूमा का भी प्रदर्शन श्रेष्ठ रहा। इस मौके पर उजमा नाजली, शीला वर्मा, गंगाराम, अनिल कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
प्रधानाचार्य सुरेश लाल श्रीवास्तव ने मां सरस्वती व मदर टेरेसा की प्रतिमा पर पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नारियों की श्रेष्ठ उपस्थिति पुरुषों से किसी भी मायने में कम नहीं है। नारियों को सम्मान देना तथा स्वतंत्रता का अवसर प्रदान करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। इसी आधार पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की स्थिति में समय के साथ परिवर्तन हुआ है। मौजूदा समय में न सिर्फ बेटियों में शैक्षिक जागरूकता बढ़ी है, वरन वे अपने हक व अधिकारों को लेकर भी सजग हुई हैं। इसी का परिणाम है कि आज बेटियां तमाम क्षेत्रों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर रही हैं। हालांकि इन सबके बावजूद उनकी स्थिति को पूर्णरूपेण बेहतर नहीं कहा जा सकता।
विज्ञापन
अभी भी महिलाओं को मुख्य धारा में शामिल करने के लिए समाज व सरकार को अपनी भूमिका तय करने की जरूरत है। महिला सशक्तिकरण गोष्ठी में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रधानाचार्य ने पुरस्कृत भी किया। स्काउट गाइड की छात्राओं ने स्लोगन के माध्यम से नारी महिमा का बखान किया। छात्रा स्नेहा व सना को सूक्ति लेखन अर्थ में पुरस्कृत किया गया। छात्रा आकांक्षा शर्मा, सुप्रिया सोनी, पायल शर्मा, बबली, अन्नू, पूजा कुमारी, श्वेता, अंजली, साहिबा, अर्चना व रूमा का भी प्रदर्शन श्रेष्ठ रहा। इस मौके पर उजमा नाजली, शीला वर्मा, गंगाराम, अनिल कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।