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Ambedkar Nagar News: राज्य विवि खोले जाने की मांग पर मांगी रिपोर्ट
Sat, 06 Sep 2025 10:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Sat, 06 Sep 2025 10:34 PM IST
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अंबेडकरनगर। जिले को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान मिलने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। विधान परिषद सदस्य डॉ. हरिओम पांडेय द्वारा राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर दिए गए प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा विभाग से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए आज भी अयोध्या, लखनऊ, वाराणसी जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए यह बड़ी चुनौती रही है।
विश्वविद्यालय की स्थापना से यहां स्नातक से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक की पढ़ाई स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगी, जिससे पलायन में भी कमी आएगी। जनपदवासियों द्वारा विवि की स्थापना की मांग वर्षों से की जा रही थी। मुख्यमंत्री कार्यालय से आई इस पहल से उम्मीदों को नया बल मिला है। यदि प्रस्ताव स्वीकृति पाता है तो जनपद उच्च शिक्षा के नक्शे पर एक नई पहचान स्थापित करेगा।
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g पूर्वांचल के विकास के साथ बढ़ेंगे रोजगार : राज्य विवि की स्थापना से पूर्वांचल के अन्य जिलों को भी लाभ मिलेगा। यहां विभिन्न संकायों में शिक्षा के साथ-साथ अनुसंधान गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। विज्ञान, समाजशास्त्र, कृषि और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में शोध केंद्रों की स्थापना की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। शिक्षण और प्रशासनिक पदों पर नियुक्तियां होंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संतुलन स्थापित होगा और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को यहीं मंच मिलेगा।
जिले के लोगों का कहना है कि राज्य विवि खुलने से यहां के युवाओं को शिक्षा के बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। जिले में ही छात्राों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।
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जिले के हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए आज भी अयोध्या, लखनऊ, वाराणसी जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों के लिए यह बड़ी चुनौती रही है।
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विश्वविद्यालय की स्थापना से यहां स्नातक से लेकर स्नातकोत्तर स्तर तक की पढ़ाई स्थानीय स्तर पर ही संभव हो सकेगी, जिससे पलायन में भी कमी आएगी। जनपदवासियों द्वारा विवि की स्थापना की मांग वर्षों से की जा रही थी। मुख्यमंत्री कार्यालय से आई इस पहल से उम्मीदों को नया बल मिला है। यदि प्रस्ताव स्वीकृति पाता है तो जनपद उच्च शिक्षा के नक्शे पर एक नई पहचान स्थापित करेगा।
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g पूर्वांचल के विकास के साथ बढ़ेंगे रोजगार : राज्य विवि की स्थापना से पूर्वांचल के अन्य जिलों को भी लाभ मिलेगा। यहां विभिन्न संकायों में शिक्षा के साथ-साथ अनुसंधान गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। विज्ञान, समाजशास्त्र, कृषि और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में शोध केंद्रों की स्थापना की संभावनाएं बढ़ जाएंगी। शिक्षण और प्रशासनिक पदों पर नियुक्तियां होंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में संतुलन स्थापित होगा और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को यहीं मंच मिलेगा।
जिले के लोगों का कहना है कि राज्य विवि खुलने से यहां के युवाओं को शिक्षा के बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी। जिले में ही छात्राों को बेहतर शिक्षा मिल सकेगी।