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श्रमिक डेढ़ लाख से अधिक, पंजीयन सिर्फ 28 हजार का

Sat, 30 Apr 2016 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर Updated Sat, 30 Apr 2016 11:38 PM IST
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Registered only 28 thousand workers among one and half lack workers
मजदूर - फोटो : demo pic

श्रमिकों के रजिस्ट्रेशन को लेकर संबंधित अधिकारी पूरी तरह लापरवाह बने हुए हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में डेढ़ लाख से अधिक श्रमिक हैं लेकिन मात्र 28 हजार श्रमिकों का ही श्रम प्रवर्तन कार्यालय में पंजीकरण हो सका है। पंजीकरण करने के लिए श्रमिक संबंधित अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं।

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इतना ही नहीं है, श्रमिकों व मजदूरों के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन तो किया जा रहा है लेकिन इनका समुचित लाभ उनको नहीं मिल पा रहा है। रविवार 1 मई को मजदूर दिवस है। इस अवसर पर जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में किसी प्रकार की हलचल नहीं दिखाई दे रही है।
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न तो किसी प्रकार की गोष्ठी का आयोजन किया गया है और न ही श्रमिकों को जागरूक करने के लिए किसी प्रकार का अभियान ही चलाया जा रहा है। श्रमिकों के हित को लेकर विभागीय अधिकारी कितना गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में डेढ़ लाख से अधिक श्रमिक हैं लेकिन मात्र 28 हजार श्रमिकों का ही पंजीकरण श्रम प्रवर्तन अधिकारी कार्यालय में हो सका है। शेष श्रमिक पंजीकरण के लिए संबंधित अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर आए दिन लगाते हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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नतीजतन पंजीकरण न होने से वे सभी योजनाओं से वंचित हैं। इतना ही नहीं, जिन श्रमिकों का पंजीकरण हुआ भी है, उन्हें भी योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा हैं। श्रम प्रवर्तन अधिकारी विजय यादव ने बताया कि कारखानों में कार्य करने वाले मजदूरों का रजिस्ट्रेशन सहायक निदेशक कारखाना फैजाबाद में होता है।

अंबेडकरनगर में निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण होता है। 28 हजार श्रमिकों का पंजीकरण हुआ है। बताया कि पंजीकृत श्रमिकों के लिए शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। दुर्घटना सहायता योजना के तहत कार्य के दौरान मौत होने पर पीड़ित परिवार को पांच लाख रुपये व अंत्येष्टि के लिए 25 हजार रुपये दिए जाते हैं।

सामान्य मौत पर दो लाख रुपये दिया जाता है। अंत्येष्टि के लिए 25 हजार रुपये दिए जाते हैं। पंजीकृत मजदूरों के मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार योजना के तहत दो से 10 हजार रुपये जबकि शिशु-मातृ योजना के तहत पुत्र के पैदा होने पर 10-10 हजार रुपये और पुत्री होने पर 12-12 हजार रुपये दिए जाते हैं।

महिला श्रमिक डिलेवरी में दो बच्चे होने पर 12-12 हजार रुपये व अवकाश के बाद भी न्यूनतम वेतन भुगतान किया जाता है। पेंशन योजना के तहत तीन वर्ष तक रजिस्टर्ड श्रमिकों को 60 वर्ष के बाद एक हजार रुपये प्रति माह, अक्षमता पेंशन योजना के तहत कार्य के दौरान घायल होने के बाद कार्य करने में अक्षम होने वाले श्रमिकों को प्रतिमाह एक हजार रुपये दिए जाने का प्रावधान है।


गंभीर बीमारी सहायता पेंशन योजना के तहत सरकारी अस्पताल व मान्यता प्राप्त अस्पताल में इलाज कराने वाले का पूरा खर्च बोर्ड उठाता है। एडीएम  रामसूरत पांडेय ने बताया कि पंजीकृत श्रमिकों को योजनाओं का लाभ दिलाया जाता है। इसके अलावा बाल श्रम रोकने के लिए समय-समय पर अभियान भी चलाया जाता है। बीते दिनों ही अभियान चलाकर 12 से अधिक बाल मजदूरों को मुक्त कराया गया था।

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