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Ambedkar Nagar News: बारिश ने बढ़ाई आलू व सरसों फसल को लेकर चिंता
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अंबेडकरनगर। शनिवार रात हुई बारिश व रविवार को लगभग पूरे दिन उमड़-घुमड़ रहे काले बादलों ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। हवा के साथ हुई बारिश से कई जगह खेतों में गेहूं की फसल धराशायी हो गई। किसानों का कहना है कि तेज बारिश हुई तो और ज्यादा फसल प्रभावित होगी। इससे पैदावार में कमीं होगी जबकि खेत में पानी भरने की दशा में आलू की फसल के सड़ने की संभावना है। इस बीच बदले मौसम के मिजाज से एक बार फिर से ठंड वापस लौट आई।
शनिवार शाम को हुई हल्की बारिश और रात में हुई रिमझिम बारिश के बाद रविवार को पूरे दिन खराब बने रहे मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दरअसल सरसों की फसल जहां लगभग तैयार है तो वहीं गेहूं की फसल भी तैयारी के अंतिम दौर में है। अचानक मौसम के बदले रुख से परेशान किसानों का कहना है कि यदि तेज हवा के साथ बारिश होती है तो सरसों व गेहूं की फसल खेत में ही धराशायी हो जाएगी। ऐसा होने पर उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
फिलहाल अभी कुछ ही क्षेत्रों में फसल धराशायी हुई है। अकबरपुर के किसान प्रदीप कुमार व बूढ़नपुर के उमापति ने कहा कि मार्च माह की शुरुआत में इस प्रकार के मौसम ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस वक्त तेज धूप निकलने की जरूरत है जिससे गेहूं की फसल जल्द तैयार हो सके। हवा व बारिश का प्रतिकूल प्रभाव गेहूं की फसल पर पड़ सकता है। चांदपुर के महेश कुमार व भीटी के रामदयाल ने कहा कि यदि ओला गिरा तो गेहूं व सरसों दोनों फसलों को बड़ा नुकसान होगा।
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महरुआ के रामकेवल व जलालपुर के शीतलाप्रसाद ने कहा कि लगभग आधा-आधा बिस्वा खेत में आलू की बोआई की है। फसल पूरी तरह से तैयार है। उसकी खोदाई की तैयारी थी कि इसी बीच मौसम बदल गया। आगे बारिश हुई तो खेत में पानी भरने से आलू की फसल सड़ने की संभावना बढ़ गई है। इस बीच मौसम में आए बदलाव से तापमान में एक बार फिर से गिरावट हुई जिससे ठंड वापस लौट आई। लगातार सामान्य हो रहे मौसम के चलते ज्यादातर लोगों ने गर्म कपड़े बाॅक्स में रख दिए थे। ठंड के लौटने पर उन्हें फिर से गर्म कपड़े निकालने पड़ रहे हैं।
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शनिवार शाम को हुई हल्की बारिश और रात में हुई रिमझिम बारिश के बाद रविवार को पूरे दिन खराब बने रहे मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दरअसल सरसों की फसल जहां लगभग तैयार है तो वहीं गेहूं की फसल भी तैयारी के अंतिम दौर में है। अचानक मौसम के बदले रुख से परेशान किसानों का कहना है कि यदि तेज हवा के साथ बारिश होती है तो सरसों व गेहूं की फसल खेत में ही धराशायी हो जाएगी। ऐसा होने पर उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
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फिलहाल अभी कुछ ही क्षेत्रों में फसल धराशायी हुई है। अकबरपुर के किसान प्रदीप कुमार व बूढ़नपुर के उमापति ने कहा कि मार्च माह की शुरुआत में इस प्रकार के मौसम ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस वक्त तेज धूप निकलने की जरूरत है जिससे गेहूं की फसल जल्द तैयार हो सके। हवा व बारिश का प्रतिकूल प्रभाव गेहूं की फसल पर पड़ सकता है। चांदपुर के महेश कुमार व भीटी के रामदयाल ने कहा कि यदि ओला गिरा तो गेहूं व सरसों दोनों फसलों को बड़ा नुकसान होगा।
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महरुआ के रामकेवल व जलालपुर के शीतलाप्रसाद ने कहा कि लगभग आधा-आधा बिस्वा खेत में आलू की बोआई की है। फसल पूरी तरह से तैयार है। उसकी खोदाई की तैयारी थी कि इसी बीच मौसम बदल गया। आगे बारिश हुई तो खेत में पानी भरने से आलू की फसल सड़ने की संभावना बढ़ गई है। इस बीच मौसम में आए बदलाव से तापमान में एक बार फिर से गिरावट हुई जिससे ठंड वापस लौट आई। लगातार सामान्य हो रहे मौसम के चलते ज्यादातर लोगों ने गर्म कपड़े बाॅक्स में रख दिए थे। ठंड के लौटने पर उन्हें फिर से गर्म कपड़े निकालने पड़ रहे हैं।