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Ambedkar Nagar News: कन्फर्म टिकट बना यात्रियों के लिए चुनौती
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अंबेडकरनगर। होली के कई दिन बीतने के बाद भी काम पर लौटने में कन्फर्म टिकट की चुनौती बनी हुई है। रविवार को बड़ी संख्या में यात्रियों को निराशा हाथ लगी। हालात यह है कि तत्काल टिकट हासिल करने के लिए आधी रात से ही रेलवे स्टेशन के आरक्षित टिकट काउंटर के सामने लाइन लग जा रही है।
इसके बाद भी यह गारंटी नहीं कि कितने लोगों को टिकट हासिल हो पाएगा। दिक्कत इतनी है कि किसी को साधारण टिकट लेकर भीड़ भरे कोच में धक्के खाते हुए यात्रा करने की मजबूरी बनी है तो कोई आरएसी का टिकट पाने पर ही खुश है। तमाम यात्रियों को ट्रेन टिकट का सहारा छोड़ बस से यात्रा करना पड़ रहा है।
होली पर्व की खुशियां परिवार के साथ बांटने के लिए किसी प्रकार लोग घर तो पहुंच गए लेकिन अब उन्हें वापस जाने के लिए बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनों पर भीड़ बढ़ने के चलते यात्रियों को गंतव्य तक जाने के लिए आरक्षित टिकट मिलना कठिन बना है।
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मुंबई, दिल्ली, कोटा, गुुजरात, पटना, कोलकाता, अमृतसर समेत अन्य स्थानों पर जाने के लिए टिकट का आरक्षण कराने के लिए यात्रियों को पूरी पूरी रात रेलवे स्टेशन स्थित आरक्षण खिड़की के आगे लाइन लगाने में बिताना पड़ रहा है।
इसके बाद भी ज्यादातर को लंबी वेटिंग वाले आरक्षित टिकट हासिल हो पा रहे हैं। कुछ लोगों को आरएसी का टिकट मिल रहा है तो वह खुद को भाग्यशाली समझ रहा है। कुछ यात्री तो ऐसे भी हैं जो साधारण टिकट लेकर ट्रेन पर इस उम्मीद में चढ़ जाते हैं कि शायद बैठने भर की जगह ही मिल जाए।
दूरदराज के क्षेत्र के लोग टिकट आरक्षण कराने के लिए अकबरपुर रलवे स्टेशन का बार बार दौड़ लगाने से बचने के लिए अकबरपुर में रहने वाले अपने रिश्तेदारों को पैसा दे रहे हैं। उनके रिश्तेदार रात से लेकर भोर में टिकट खिड़की पर लाइन लगा लेते हैं। कुछ यात्री तो ऐसे भी हैं जो निर्धारित दाम से अधिक दाम देने को तैयार हैं लेकिन इसके बाद भी कन्फर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है।
बूढनपुर निवासी हरीराम कैफियात एक्सप्रेस से दिल्ली जाने के लिए अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे। जब उन्हें तत्काल में भी आरक्षित टिकट नहीं मिला तो फिर गंतव्य तक जाने के लिए अकबरपुर बस डिपो पहुंचे। कहा कि दिल्ली तक जाने के लिए सुविधाजनक ट्रेन ही है लेकिन टिकट न मिलने की दशा में बस से यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है। कुछ देर के इंतजार के बाद बस मिल गई और वह उससे दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
कटरिया निवासी बृजलाल मुंबई जाने के लिए टिकट आरक्षण कराने अकबरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। कहा कि पिछले तीन दिनों से टिकट के लिए चक्कर लगा रहे हैं। बड़ी मुश्किलों से 28 मार्च को लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस से आरएसी टिकट तो मिला है लेकिन वह भी लखनऊ से मिला है। जाना अत्यंत जरूरी है अन्यथा यात्रा को रद्द कर देते।
दिल्ली जाने के लिए टिकट का आरक्षण कराने के लिए अकबरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे टांडा निवासी इंद्रजीत को रविवार को मायूस होकर लौटना पड़ा। कहा कि दिल्ली में एमबीए कर रहे हैं। पढ़ाई शुरू है। होली मनाने आए थे। अब जाना है लेकिन आरक्षित टिकट ही नहीं मिल रहा है। दो तीन दिन ऑनलाइन टिकट निकलवाने की कोशिश करेंगे। यदि नहीं मिला तो फिर बस से जाएंगे।
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इसके बाद भी यह गारंटी नहीं कि कितने लोगों को टिकट हासिल हो पाएगा। दिक्कत इतनी है कि किसी को साधारण टिकट लेकर भीड़ भरे कोच में धक्के खाते हुए यात्रा करने की मजबूरी बनी है तो कोई आरएसी का टिकट पाने पर ही खुश है। तमाम यात्रियों को ट्रेन टिकट का सहारा छोड़ बस से यात्रा करना पड़ रहा है।
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होली पर्व की खुशियां परिवार के साथ बांटने के लिए किसी प्रकार लोग घर तो पहुंच गए लेकिन अब उन्हें वापस जाने के लिए बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। ट्रेनों पर भीड़ बढ़ने के चलते यात्रियों को गंतव्य तक जाने के लिए आरक्षित टिकट मिलना कठिन बना है।
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मुंबई, दिल्ली, कोटा, गुुजरात, पटना, कोलकाता, अमृतसर समेत अन्य स्थानों पर जाने के लिए टिकट का आरक्षण कराने के लिए यात्रियों को पूरी पूरी रात रेलवे स्टेशन स्थित आरक्षण खिड़की के आगे लाइन लगाने में बिताना पड़ रहा है।
इसके बाद भी ज्यादातर को लंबी वेटिंग वाले आरक्षित टिकट हासिल हो पा रहे हैं। कुछ लोगों को आरएसी का टिकट मिल रहा है तो वह खुद को भाग्यशाली समझ रहा है। कुछ यात्री तो ऐसे भी हैं जो साधारण टिकट लेकर ट्रेन पर इस उम्मीद में चढ़ जाते हैं कि शायद बैठने भर की जगह ही मिल जाए।
दूरदराज के क्षेत्र के लोग टिकट आरक्षण कराने के लिए अकबरपुर रलवे स्टेशन का बार बार दौड़ लगाने से बचने के लिए अकबरपुर में रहने वाले अपने रिश्तेदारों को पैसा दे रहे हैं। उनके रिश्तेदार रात से लेकर भोर में टिकट खिड़की पर लाइन लगा लेते हैं। कुछ यात्री तो ऐसे भी हैं जो निर्धारित दाम से अधिक दाम देने को तैयार हैं लेकिन इसके बाद भी कन्फर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है।
बूढनपुर निवासी हरीराम कैफियात एक्सप्रेस से दिल्ली जाने के लिए अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे थे। जब उन्हें तत्काल में भी आरक्षित टिकट नहीं मिला तो फिर गंतव्य तक जाने के लिए अकबरपुर बस डिपो पहुंचे। कहा कि दिल्ली तक जाने के लिए सुविधाजनक ट्रेन ही है लेकिन टिकट न मिलने की दशा में बस से यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है। कुछ देर के इंतजार के बाद बस मिल गई और वह उससे दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
कटरिया निवासी बृजलाल मुंबई जाने के लिए टिकट आरक्षण कराने अकबरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। कहा कि पिछले तीन दिनों से टिकट के लिए चक्कर लगा रहे हैं। बड़ी मुश्किलों से 28 मार्च को लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस से आरएसी टिकट तो मिला है लेकिन वह भी लखनऊ से मिला है। जाना अत्यंत जरूरी है अन्यथा यात्रा को रद्द कर देते।
दिल्ली जाने के लिए टिकट का आरक्षण कराने के लिए अकबरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे टांडा निवासी इंद्रजीत को रविवार को मायूस होकर लौटना पड़ा। कहा कि दिल्ली में एमबीए कर रहे हैं। पढ़ाई शुरू है। होली मनाने आए थे। अब जाना है लेकिन आरक्षित टिकट ही नहीं मिल रहा है। दो तीन दिन ऑनलाइन टिकट निकलवाने की कोशिश करेंगे। यदि नहीं मिला तो फिर बस से जाएंगे।