{"_id":"5fb94e888ebc3e9be55bc54a","slug":"protest-ambedkar-nagar-news-lko551087832","type":"story","status":"publish","title_hn":"समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर धरने पर डटे भाकियू कार्यकर्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर धरने पर डटे भाकियू कार्यकर्ता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अंबेडकरनगर। भारतीय किसान यूनिटी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को भी किसानों व आम लोगों की समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट के निकट आवाज बुलंद की। जिम्मेदारों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि विभिन्न समस्याओं को संगठन लगभग एक माह से धरने पर बैठा है, लेकिन समस्याओं के निस्तारण के लिए कोई भी जिम्मेदार धरनास्थल पर नहीं पहुंच सके। यह अत्यंत चिंता का विषय है। चेतावनी देते हुए कहा गया कि जब तक उनकी मागों का निस्तारण नहीं होता, तब तक उनका धरना समाप्त होने वाला नहीं है।
जिलाध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जगह जगह तालाब, बंजर भूमि व घूर गड्ढों पर ताकतवर व्यक्तियों द्वारा कब्जा किया जा रहा है। इसके अलावा कमजोरों की पुश्तैनी भूमि पर भी विपक्षियों द्वारा कब्जा किया जा रहा है। इसकी शिकायत कई बार जिम्मेदारों से की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। नतीजा यह है कि कब्जा करने वालों के हौसले बुलंद हैं और न सिर्फ कब्जा कर रहे, बल्कि उस पर निर्माण भी करा रहे हैं। न्याय के लिए पीड़ित जिम्मेदारों के कार्यालयों का चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
वक्ताओं ने कहा कि किसानों को उपज की बिक्री करने में विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। धान क्रय केंद्रों पर पूरी तरह मनमानी का माहौल है। किसान अपनी उपज लेकर लेकर संबंधित क्रय केंद्र पर पहुंचता है, लेकिन कोई न कोई कमी निकालकर क्रय केंद्र प्रभारी उन्हें वापस कर देते हैं। इसके चलते किसानों को अपनी उपज आढ़तियों के हाथों औने पौने दाम पर बेचने को मजबूर होना पड़ता है। कहा कि किसानों व आमजन की समस्याओं को लेकर संगठन आंदोलनरत है, लेकिन समस्याओं के निस्तारण के लिए कोई भी जिम्मेदार धरनास्थल पर नहीं पहुंच सका है। चेतावनी देते हुए कहा गया कि जब तक उनकी मागों का निस्तारण नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान संगीता, सुनीता, रामबदन, श्यामलाल, ओपी निगम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में जगह जगह तालाब, बंजर भूमि व घूर गड्ढों पर ताकतवर व्यक्तियों द्वारा कब्जा किया जा रहा है। इसके अलावा कमजोरों की पुश्तैनी भूमि पर भी विपक्षियों द्वारा कब्जा किया जा रहा है। इसकी शिकायत कई बार जिम्मेदारों से की गई, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। नतीजा यह है कि कब्जा करने वालों के हौसले बुलंद हैं और न सिर्फ कब्जा कर रहे, बल्कि उस पर निर्माण भी करा रहे हैं। न्याय के लिए पीड़ित जिम्मेदारों के कार्यालयों का चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि किसानों को उपज की बिक्री करने में विभिन्न प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। धान क्रय केंद्रों पर पूरी तरह मनमानी का माहौल है। किसान अपनी उपज लेकर लेकर संबंधित क्रय केंद्र पर पहुंचता है, लेकिन कोई न कोई कमी निकालकर क्रय केंद्र प्रभारी उन्हें वापस कर देते हैं। इसके चलते किसानों को अपनी उपज आढ़तियों के हाथों औने पौने दाम पर बेचने को मजबूर होना पड़ता है। कहा कि किसानों व आमजन की समस्याओं को लेकर संगठन आंदोलनरत है, लेकिन समस्याओं के निस्तारण के लिए कोई भी जिम्मेदार धरनास्थल पर नहीं पहुंच सका है। चेतावनी देते हुए कहा गया कि जब तक उनकी मागों का निस्तारण नहीं होता, तब तक धरना जारी रहेगा। इस दौरान संगीता, सुनीता, रामबदन, श्यामलाल, ओपी निगम आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन