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कड़ी धूप में भी अनशन पर डटी रहीं सुनीता व रामतीरथ
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फोटो 11, अंबेडकरनगर कलेक्ट्रेट पर न्याय के लिए धरने पर बैठा सुनीता का परिवार।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। न्याय की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के निकट आमरण अनशन पर बैठी भड़सारी की सुनीता व नौगवां के रामतीरथ मंगलवार को भी कड़ी धूप में डटे रहे। कहा कि जिम्मेदार चाहे जितनी उपेक्षा कर लें, लेकिन वह तभी हटेंगे जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता। कहा कि जिम्मेदारों द्वारा कोई ठोस कदम न उठाए जाने का ही नतीजा है कि विपक्षियों के हौसले बुलंद हैं और संबंधित भूमि पर उनका कब्जा बरकरार है।
टांडा कोतवाली अन्तर्गत भड़सारी निवासी सुनीता ने कहा कि उसका आमरण अनशन तब तक जारी रहेगा, जब तक उसे न्याय नहीं मिल जाता। कहा कि जिस अधिकार के लिए उसने आमरण अनशन शुरू किया है, उससे अब अपने कदम पीछे नहीं हटाएंगे। कहा कि दोषियों के विरुद्ध ग्राम प्रधान ने केस भी दर्ज कराया, लेकिन अब तक किसी की भी गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं हो सकी है।
इसी का नतीजा है कि विपक्षी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार विभिन्न प्रकार की धमकी भी दे रहे हैं। चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उसका आमरण अनशन समाप्त नहीं होगा। उधर नौगवां के रामतीरथ ने कहा कि उसकी पुश्तैनी भूमि पर विपक्षियों ने कब्जा कर रखा है। न्याय के लिए जिम्मेदारों के कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद जब न्याय नहीं मिला, तो उसे मजबूरन आमरण अनशन पर बैठना पड़ा। अब जब तक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक अनशन जारी रहेगा।
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टांडा कोतवाली अन्तर्गत भड़सारी निवासी सुनीता ने कहा कि उसका आमरण अनशन तब तक जारी रहेगा, जब तक उसे न्याय नहीं मिल जाता। कहा कि जिस अधिकार के लिए उसने आमरण अनशन शुरू किया है, उससे अब अपने कदम पीछे नहीं हटाएंगे। कहा कि दोषियों के विरुद्ध ग्राम प्रधान ने केस भी दर्ज कराया, लेकिन अब तक किसी की भी गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं हो सकी है।
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इसी का नतीजा है कि विपक्षी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार विभिन्न प्रकार की धमकी भी दे रहे हैं। चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उसका आमरण अनशन समाप्त नहीं होगा। उधर नौगवां के रामतीरथ ने कहा कि उसकी पुश्तैनी भूमि पर विपक्षियों ने कब्जा कर रखा है। न्याय के लिए जिम्मेदारों के कार्यालय का चक्कर लगाने के बाद जब न्याय नहीं मिला, तो उसे मजबूरन आमरण अनशन पर बैठना पड़ा। अब जब तक न्याय नहीं मिल जाता, तब तक अनशन जारी रहेगा।
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