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क्वारंटीन सेंटर में भोजन विलंब से मिलने पर हंगामा
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अंबेडकरनगर। समय पर भोजन न मिलने पर शुक्रवार को जिला अस्पताल में क्वारंटीन के लिए रखे गए नागरिकों ने आक्रोश का इजहार किया। अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा गया कि सिर्फ क्वारंटीन के लिए लाकर रख दिया गया है। लेकिन, समुचित व्यवस्था नहीं की जा रही है।
हंगामे की सूचना मिलने पर एडीएम व एएसपी ने पहुंचकर समझाया बुझाया। इसके बाद उन्हें भोजन उपलब्ध कराया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार क्वारंटीन के लिए रखे गए नागरिकों की संख्या बढ़ जाने के चलते भोजन बनाने में विलंब हुआ। इसी के चलते उन्हें समय पर खाना उपलब्ध नहीं हो सका।
जिला अस्पताल में शुक्रवार दोपहर क्वारंटीन के लिए रखे गए नागरिकों ने हंगामा शुरू कर दिया। कहा गया कि साढ़े 12 बज गए। लेकिन, उन्हें अब तक भोजन नहीं मिल सका है। समय पर भोजन न मिलने से वे सभी भूखे हैं।
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जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा गया कि क्वारंटीन के लिए उन सभी को यहां लाकर रख तो दिया गया, लेकिन कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। भूखे मरने से अच्छा है कि वे घर पर ही रहें। कम से कम समय पर भोजन तो मिलेगा। क्वारंटीन के लिए रखे गए कुछ नागरिकों ने कहा कि यदि ऐसा ही रहा, तो वे घर जाने को मजबूर होंगे। आरोप लगाते हुए कहा कि वैसे तो उन्हें साढ़े 10 बजे तक भोजन उपलब्ध हो जाता था, लेकिन दोपहर के साढ़े 12 बजने को हैं, लेकिन अब तक भोजन नहीं मिल सका है।
इस बीच हंगामे की सूचना मिलते ही एडीएम डा. पंकज कुमार वर्मा व एएसपी अवनीश कुमार मिश्र पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने नागरिकों को समझा बुझाकर शांत किया। साथ ही भोजन उपलब्ध कराया। सीएमएस डॉ. एसपी गौतम ने बताया कि पूर्व में जिला अस्पताल में 35 नागरिकों का क्वारंटीन हो रहा था। गुरुवार देर रात्रि टांडा से 22 ऐसे नागरिकों को क्वारंटीन के लिए लाया गया, जो महाराष्ट्र से ट्रक द्वारा टांडा पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें क्वारंटीन के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया था। नागरिकों की संख्या बढ़कर 57 हो जाने के चलते भोजन बनाने में विलंब हुआ। इसी के चलते उन्हें भोजन मिलने में देरी हुई।
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हंगामे की सूचना मिलने पर एडीएम व एएसपी ने पहुंचकर समझाया बुझाया। इसके बाद उन्हें भोजन उपलब्ध कराया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार क्वारंटीन के लिए रखे गए नागरिकों की संख्या बढ़ जाने के चलते भोजन बनाने में विलंब हुआ। इसी के चलते उन्हें समय पर खाना उपलब्ध नहीं हो सका।
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जिला अस्पताल में शुक्रवार दोपहर क्वारंटीन के लिए रखे गए नागरिकों ने हंगामा शुरू कर दिया। कहा गया कि साढ़े 12 बज गए। लेकिन, उन्हें अब तक भोजन नहीं मिल सका है। समय पर भोजन न मिलने से वे सभी भूखे हैं।
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जिम्मेदारों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा गया कि क्वारंटीन के लिए उन सभी को यहां लाकर रख तो दिया गया, लेकिन कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। भूखे मरने से अच्छा है कि वे घर पर ही रहें। कम से कम समय पर भोजन तो मिलेगा। क्वारंटीन के लिए रखे गए कुछ नागरिकों ने कहा कि यदि ऐसा ही रहा, तो वे घर जाने को मजबूर होंगे। आरोप लगाते हुए कहा कि वैसे तो उन्हें साढ़े 10 बजे तक भोजन उपलब्ध हो जाता था, लेकिन दोपहर के साढ़े 12 बजने को हैं, लेकिन अब तक भोजन नहीं मिल सका है।
इस बीच हंगामे की सूचना मिलते ही एडीएम डा. पंकज कुमार वर्मा व एएसपी अवनीश कुमार मिश्र पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने नागरिकों को समझा बुझाकर शांत किया। साथ ही भोजन उपलब्ध कराया। सीएमएस डॉ. एसपी गौतम ने बताया कि पूर्व में जिला अस्पताल में 35 नागरिकों का क्वारंटीन हो रहा था। गुरुवार देर रात्रि टांडा से 22 ऐसे नागरिकों को क्वारंटीन के लिए लाया गया, जो महाराष्ट्र से ट्रक द्वारा टांडा पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें क्वारंटीन के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया था। नागरिकों की संख्या बढ़कर 57 हो जाने के चलते भोजन बनाने में विलंब हुआ। इसी के चलते उन्हें भोजन मिलने में देरी हुई।