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कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन, 18 कांग्रेसी गिरफ्तार
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अंबेडकरनगर पटेलनगर तिराहे के निकट नए कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन करते कांग्रेस नेता।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
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अंबेडकरनगर। कृषि कानूनों के विरोध तथा आंदोलित किसानों के समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यालय के सामने अकबरपुर-आजमगढ़ मुख्य मार्ग को जाम करने का प्रयास किया गया। इस पर पुलिसकर्मियों ने 18 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें पुलिस लाइन ले जाया गया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि लाठियों के बल पर किसानों की आवाज नहीं दबायी जा सकती है। सभी कार्यकर्ताओं को बाद में छोड़ दिया गया।
कृषि कानून के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन व चक्काजाम के समर्थन में शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ता भी सड़क पर उतरे। कार्यकर्ता जिला कार्यालय पर एकत्र हुए। वहां प्रदेश सचिव व जिला प्रभारी प्रदीप कोरी ने कहा कि भाजपा को न तो किसानों की चिंता है और न ही युवाओं की। कभी किसानों को खालिस्तानी बताया जा रहा है तो कभी उनके लिए खाईं खोदी जा रही है। यह सरकार सिर्फ पूंजीपतियों की सरकार है। किसानों के इस आंदोलन से सरकार पूरी तरह बेनकाब हो गई है। जिलाध्यक्ष अमित कुमार वर्मा ने कहा कि लाखों किसान सरकार के विरोध में आंदोलित हैं, लेकिन सत्ता में बैठे नेताओं को सिर्फ चंद पूंजीपतियों का हित दिख रहा है। अन्नदाता कहे जाने वाले किसानों का जिस तरह अपमान व तिरस्कार किया जा रहा है, वह सत्ता के अहम को चकनाचूर कर देगा।
पीसीसी सदस्य सुनील मिश्र व पूर्व विस प्रत्याशी अमित जायसवाल ने कहा कि यदि कील कांटों की दीवार पाकिस्तान और चीन के खिलाफ लगायी होती तो कुछ अच्छे परिणाम आते। किसानों के लिए कीलें लगाना व खाईं खोदना अत्यंत शर्मनाक है। जिला महासचिव आलोक पाठक व जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष विशाल वर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार का आम आदमी से कोई लेना-देना नहीं है।
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इस मौके पर मीडिया प्रभारी डॉ. विजय शंकर तिवारी, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष संजय तिवारी, प्रवक्ता अवधेश कुमार मिश्रा बबलू, कृष्णावती निषाद, दीपक शर्मा, जियाउद्दीन अंसारी, रघुनाथ पटेल आदि मौजूद रहे। बाद में कार्यकर्ताओं ने कार्यालय से निकलकर अकबरपुर-आजमगढ़ मुख्य मार्ग को जाम करने का प्रयास किया, लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने 18 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। अकबरपुर कोतवाल अमित सिंह ने बताया कि 18 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।
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कृषि कानून के विरोध में राष्ट्रव्यापी आंदोलन व चक्काजाम के समर्थन में शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ता भी सड़क पर उतरे। कार्यकर्ता जिला कार्यालय पर एकत्र हुए। वहां प्रदेश सचिव व जिला प्रभारी प्रदीप कोरी ने कहा कि भाजपा को न तो किसानों की चिंता है और न ही युवाओं की। कभी किसानों को खालिस्तानी बताया जा रहा है तो कभी उनके लिए खाईं खोदी जा रही है। यह सरकार सिर्फ पूंजीपतियों की सरकार है। किसानों के इस आंदोलन से सरकार पूरी तरह बेनकाब हो गई है। जिलाध्यक्ष अमित कुमार वर्मा ने कहा कि लाखों किसान सरकार के विरोध में आंदोलित हैं, लेकिन सत्ता में बैठे नेताओं को सिर्फ चंद पूंजीपतियों का हित दिख रहा है। अन्नदाता कहे जाने वाले किसानों का जिस तरह अपमान व तिरस्कार किया जा रहा है, वह सत्ता के अहम को चकनाचूर कर देगा।
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पीसीसी सदस्य सुनील मिश्र व पूर्व विस प्रत्याशी अमित जायसवाल ने कहा कि यदि कील कांटों की दीवार पाकिस्तान और चीन के खिलाफ लगायी होती तो कुछ अच्छे परिणाम आते। किसानों के लिए कीलें लगाना व खाईं खोदना अत्यंत शर्मनाक है। जिला महासचिव आलोक पाठक व जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष विशाल वर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार का आम आदमी से कोई लेना-देना नहीं है।
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इस मौके पर मीडिया प्रभारी डॉ. विजय शंकर तिवारी, सोशल मीडिया जिलाध्यक्ष संजय तिवारी, प्रवक्ता अवधेश कुमार मिश्रा बबलू, कृष्णावती निषाद, दीपक शर्मा, जियाउद्दीन अंसारी, रघुनाथ पटेल आदि मौजूद रहे। बाद में कार्यकर्ताओं ने कार्यालय से निकलकर अकबरपुर-आजमगढ़ मुख्य मार्ग को जाम करने का प्रयास किया, लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने 18 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। अकबरपुर कोतवाल अमित सिंह ने बताया कि 18 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।