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Ambedkar Nagar News: स्कूल में फंदे से लटका मिला पीआरडी जवान का शव
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वीरेंद्र प्रताप (फाइल फोटो)
अंबेडकरनगर। अलीगंज के पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय खासपुर में रविवार को पीआरडी जवान वीरेंद्र प्रताप (35) का शव कक्षा दो के कमरे में पंखे की रॉड से लटका हुआ पाया गया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकलवाया। परिवार के लोग चार माह से मानदेय न मिलने के चलते परेशान होने की बात कह रहे हैं, लेकिन अभी कोई लिखित शिकायत नहीं की है।
टांडा के रायपुर सकरावल निवासी वीरेंद्र प्रताप वर्ष 2011 से पीआरडी में कार्यरत थे और एक सितंबर से अलीगंज के पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय खासपुर में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनकी पत्नी प्रतिमा देवी बेटे अंकुर (9) के साथ अपने मायके अकबरपुर के घाघूपुर में रहती हैं, जबकि वीरेंद्र के तीन बच्चों साक्षी (13), सृष्टि (11), और आनंद (7) रायपुर में रहते थे। शनिवार रात वीरेंद्र ड्यूटी पर विद्यालय गए थे। रविवार सुबह सात बजे तक जब अपने कमरे से बाहर नहीं निकले तो आसपास के ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में पहुंचकर आवाज दी। कोई जवाब न मिलने पर ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने डायल 112 पर पुलिस को सूचित किया।
सीओ टांडा प्रदीप सिंह चंदेल, एसओ अलीगंज सुनील कुमार पांडेय भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां वीरेंद्र का शव कमरे में रस्सी के फंदे से लटका हुआ मिला। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल पर साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद तीन डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। भाई देवेंद्र ने बताया कि इससे पहले उनकी ड्यूटी पीएम श्री विद्यालय सूरापुर में लगी थी। विद्यालयों में ड्यूटी के लिए मानदेय नहीं आया था, जिसके चलते वह परेशान चल रहे थे। देर शाम महादेवा घाट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
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रक्षाबंधन में किया था परेशानी का जिक्र
मृतक वीरेंद्र के छोटे भाई देवेंद्र ने बताया कि वीरेंद्र चार भाइयों में सबसे बड़े थे और वर्ष 2024 में उनके पिता की मृत्यु के बाद से वे अपने तीन छोटे भाइयों जितेंद्र, नरेंद्र और देवेंद्र के साथ ही रहते थे। वीरेंद्र पिछले कुछ समय से अलग-अलग पीएम श्री विद्यालयों में ड्यूटी कर रहे थे। देवेंद्र के अनुसार रक्षाबंधन के दिन उन्होंने इस आर्थिक तंगी का जिक्र किया था। चार भाइयों के पास कुल 15 बिस्वा जमीन है। मृतक की पत्नी प्रतिमा व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बीएसए डॉ. पूनम मिश्रा ने भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर परिजनों को ढाढ़स बंधाया।
साथी की मौत के जवानों में उबाल
पीआरडी जवान वीरेंद्र प्रताप का शव मिलने के बाद साथी जवानों में आक्रोश व्याप्त है। जवानों का कहना है कि पीएम श्री विद्यालयों में करीब छह माह से 40 जवानों की ड्यूटी लगाई जा रही है, लेकिन अब तक किसी का मानदेय प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में ड्यूटी करने वाले जवानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। उधर, घटना को लेकर चर्चाएं भी कम नहीं हैं। ग्रामीणों व पीआरडी जवानों का कहना है कि कमरे में मोबाइल सीधा पड़ा था। ऐसे में आशंका है कि वीरेंद्र ने आत्महत्या के पहले कोई वीडियो रिकॉर्ड किया होगा। हालांकि मोबाइल लॉक होने के कारण इसकी पुष्टि नहीं हुई है। फोरेंसिक टीम ने मोबाइल को जांच के लिए लैब भेजा है। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि क्या मोबाइल में आत्महत्या के समय का कोई वीडियो मौजूद है या नहीं।
चल रही जांच
पीआरडी जवान का बंद कमरे में शव फंदे से लटका मिला है। परिवार की ओर से कोई आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगाए गए हैं। मोबाइल की जांच और परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
- प्रदीप सिंह चंदेल, सीओ टांडा
सिर्फ 40 दिनों का भुगतान बाकी
पीआरडी जवान का महज 40 दिन का भुगतान नहीं हुआ है। मानदेय की कोई समस्या की जानकारी मृतक की ओर से नहीं दी गई थी। मानदेय के संबंध में पूर्व में पत्राचार किया जा चुका है, भुगतान को स्वीकृति भी मिल चुकी है।
- सुभाषिनी, युवा कल्याण अधिकारी
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टांडा के रायपुर सकरावल निवासी वीरेंद्र प्रताप वर्ष 2011 से पीआरडी में कार्यरत थे और एक सितंबर से अलीगंज के पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय खासपुर में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनकी पत्नी प्रतिमा देवी बेटे अंकुर (9) के साथ अपने मायके अकबरपुर के घाघूपुर में रहती हैं, जबकि वीरेंद्र के तीन बच्चों साक्षी (13), सृष्टि (11), और आनंद (7) रायपुर में रहते थे। शनिवार रात वीरेंद्र ड्यूटी पर विद्यालय गए थे। रविवार सुबह सात बजे तक जब अपने कमरे से बाहर नहीं निकले तो आसपास के ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में पहुंचकर आवाज दी। कोई जवाब न मिलने पर ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई और उन्होंने डायल 112 पर पुलिस को सूचित किया।
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सीओ टांडा प्रदीप सिंह चंदेल, एसओ अलीगंज सुनील कुमार पांडेय भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे। पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां वीरेंद्र का शव कमरे में रस्सी के फंदे से लटका हुआ मिला। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल पर साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद तीन डॉक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। भाई देवेंद्र ने बताया कि इससे पहले उनकी ड्यूटी पीएम श्री विद्यालय सूरापुर में लगी थी। विद्यालयों में ड्यूटी के लिए मानदेय नहीं आया था, जिसके चलते वह परेशान चल रहे थे। देर शाम महादेवा घाट पर गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
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रक्षाबंधन में किया था परेशानी का जिक्र
मृतक वीरेंद्र के छोटे भाई देवेंद्र ने बताया कि वीरेंद्र चार भाइयों में सबसे बड़े थे और वर्ष 2024 में उनके पिता की मृत्यु के बाद से वे अपने तीन छोटे भाइयों जितेंद्र, नरेंद्र और देवेंद्र के साथ ही रहते थे। वीरेंद्र पिछले कुछ समय से अलग-अलग पीएम श्री विद्यालयों में ड्यूटी कर रहे थे। देवेंद्र के अनुसार रक्षाबंधन के दिन उन्होंने इस आर्थिक तंगी का जिक्र किया था। चार भाइयों के पास कुल 15 बिस्वा जमीन है। मृतक की पत्नी प्रतिमा व बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बीएसए डॉ. पूनम मिश्रा ने भी पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर परिजनों को ढाढ़स बंधाया।
साथी की मौत के जवानों में उबाल
पीआरडी जवान वीरेंद्र प्रताप का शव मिलने के बाद साथी जवानों में आक्रोश व्याप्त है। जवानों का कहना है कि पीएम श्री विद्यालयों में करीब छह माह से 40 जवानों की ड्यूटी लगाई जा रही है, लेकिन अब तक किसी का मानदेय प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में ड्यूटी करने वाले जवानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है। उधर, घटना को लेकर चर्चाएं भी कम नहीं हैं। ग्रामीणों व पीआरडी जवानों का कहना है कि कमरे में मोबाइल सीधा पड़ा था। ऐसे में आशंका है कि वीरेंद्र ने आत्महत्या के पहले कोई वीडियो रिकॉर्ड किया होगा। हालांकि मोबाइल लॉक होने के कारण इसकी पुष्टि नहीं हुई है। फोरेंसिक टीम ने मोबाइल को जांच के लिए लैब भेजा है। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि क्या मोबाइल में आत्महत्या के समय का कोई वीडियो मौजूद है या नहीं।
चल रही जांच
पीआरडी जवान का बंद कमरे में शव फंदे से लटका मिला है। परिवार की ओर से कोई आरोप-प्रत्यारोप नहीं लगाए गए हैं। मोबाइल की जांच और परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
- प्रदीप सिंह चंदेल, सीओ टांडा
सिर्फ 40 दिनों का भुगतान बाकी
पीआरडी जवान का महज 40 दिन का भुगतान नहीं हुआ है। मानदेय की कोई समस्या की जानकारी मृतक की ओर से नहीं दी गई थी। मानदेय के संबंध में पूर्व में पत्राचार किया जा चुका है, भुगतान को स्वीकृति भी मिल चुकी है।
- सुभाषिनी, युवा कल्याण अधिकारी